जमीन पर बैठकर खाना खाने से ये फायदे होते हैं!

आजकल हर कोई मॉडर्न होने लगा हैं और इसी के साथ मॉडर्न वस्तुओं का उपयोग करना भी शुरू कर दिया हैं। भले ही ये मॉडर्न चीजें कितनी ही महंगी क्यों न हो? समय के साथ सब कुछ बदलता जा रहा हैं कलर टीवी से LED और LCD कब आ गये पता ही नहीं चला। कल तक प्रयोग होने वाले DVD प्लेयर का भी अब कोई काम नहीं रहा। इसी प्रकार एक और वस्तु हैं जिसने हमारी परंपरा में भी बदलाव कर दिया हैं। और वो हैं डाइनिंग टेबल।

वर्तमान समय में हर कोई डाइनिंग टेबल पर खाना खाने का शौक रखता हैं। अगर किसी को गलती से जमीन पर बैठकर खाना खाने के लिए कह दिया जाए तो बस समझ लीजिए अब वे आपके यहाँ खाना खाएंगे ही नहीं। आजकल के लोग जमीन पर बैठकर खाना खाने की आदत को सही नहीं मानते।

उनका मानना हैं की जमीं पर बैठकर खाना खाने से उनकी इज्जत कम हो जाएगी। उन्हें जमीन पर बैठकर खाना खाने में शर्म महसूस होती हैं। उनका मानना हैं इज्जतदार लोग ऊँची टेबल कुर्सियों पर खाना खाते हैं। लेकिन शायद वे नहीं जानते की हमारे बड़े-बड़े ऋषि मुनि भी जमीन पर बैठकर ही खाना खाया करते थे।

ऐसा इसीलिए नहीं की वे निचले और असभ्य वर्ग के लोग थे बल्कि इसीलिए क्योंकि जमीन पर आलथी पालथी मारकर खाना खाने के ढेरों फायदे होते हैं। जिनसे आजकल की पीढ़ी बिलकुल अनजान हैं। इसीलिए आज हम आपको जमीन पर बैठकर खाना खाने के कुछ फायदों के बारे में बताने जा रहें हैं।

जमीन पर बैठकर खाना खाने के फायदे :-

1. स्वास्थ्य के लिए :

जमीन पर बैठकर भोजन करने से स्वास्थ्य को बहुत लाभ मिलते हैं। क्योंकि जब आप जमीन पर बैठकर भोजन करते हैं तो आप केवल भोजन नहीं करते अपितु एक योगासन भी कर रहे होते हैं। भारतीय परंपरा में जमीन पर बैठकर भोजन करने के बारे में बताया गया हैं क्योंकि जिस मुद्रा में हम खाना खाते हैं उसे सुखासन या पद्मासन की तरह देखा जाता है। स्वास्थ्य की दृष्टि से यह आसान हमारे लिए बहुत लाभकारी है। और इससे आप केवल भोजन ही नहीं बल्कि योग भी कर रहे होते है। इसलिए हमेशा जमीन पर बैठकर ही भोजन करना चाहिए।

2. रक्तचाप में कमी :जमीन पर बैठकर खाना

जमीन पर खाना खाते समय हम जिस तरीके से बैठते हैं उससे रीढ़ की हड्डी के निचले भाग पर जोर पड़ता हैं। और इससे शरीर को आराम मिलता हैं। इससे सांस थोड़ी धीमी हो जाती हैं, मांसपेशियों का खिंचाव कम होता हैं और रक्चाप में भी कमी आती हैं।

3. पाचन क्रिया :

खाना खाने के इस तरीके से पाचन क्रिया भी स्वस्थ रहती हैं जिससे खाना पचाने में भी आसानी होती हैं। साथ ही खाने का पूरा फायदा भी शरीर को मिलता हैं। इस स्तिथि में बैठने से प्लेट की ओर झुकना होता हैं जिससे पेट की मांसपेशियों पर दबाब पड़ता हैं। और ये अपना कार्य अच्छी तरह से करती हैं। और पाचन क्रिया में सुधर होता हैं।

4. शरीर के भागों को फायदे :

जमीन पर बैठकर भोजन करने के लिए हमें पद्मासन में बैठना होता हैं जिससे हमारे पेट, पीठ के निचले हिस्से और कूल्हे की मांसपेशियों में लगातार खिंचाव पड़ता है। और इसी वजह से दर्द से छुटकारा मिलता है। अगर इन मांसपेशियों में ये खिंचाव लगातार बना रहेगा तो इससे स्वास्थ्य में काफी सुधार देखा जाता है।

5. वजन के लिए :

जमीन पर बैठना और उठना एक बेहतर एक्सरसाइज मानी जाती हैं। जमीन पर भोजन के लिए बैठना और फिर खड़े होना आपके शरीर को अर्ध पद्मासन का लाभ देता हैं। ये आसान आपको धीरे धीरे खाने और उसे अच्छे से पचाने में भी मदद करता हैं।

6. घुटनों के लिए :ghutne ka dard

नीचे बैठकर खाना खाने से पूरा शरीर स्वस्थ रहता हैं और पाचन क्रिया भी अच्छे से कार्य करती हैं। इसके अलावा जमीन पर बैठने के लिए घुटनों का प्रयोग भी करना पड़ता हैं जिससे घुटनों की भी एक्सरसाइज हो जाती हैं। इससे घुटनों की लचक बनी रहती हैं और थोड़ा बहुत दर्द भी दूर हो जाता हैं।

7. पोस्चर :

जमीन पर बैठने से शरीर के पोस्चर में सुधार आता हैं। और स्वस्थ शरीर के लिए पोस्चर का सही होना आवश्यक हैं। इससे आपकी मांसपेशियों को मजबूती मिलती हैं और रक्त संचार में भी सुधार होता हैं।

तो अगली बार जमीन पर बैठकर खाना खाने में शर्माएं नहीं, क्योंकि ये आपको स्वस्थ रखने का एक आसान मार्ग हैं। और हमारे पूर्वजों द्वारा बनायीं गयी वे परम्परा भी गलत और हानिकारक नहीं हो सकती। इसीलिए अबसे जमीन पर बैठकर खाना खाने में शर्म महसूस न करें।