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नवजात शिशु का ख्याल ऐसे रखें

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जन्म के बाद शिशु की केयर

शिशु के जन्म के बाद उसका पहला साल बहुत ही अहम होता है, इस दौरान शिशु को यदि बेहतर केयर दी जाए तो शिशु के बेहतर विकास होने में मदद मिलती है। लेकिन कई बार महिलाओं को समझ नहीं आता है की वो क्या करें क्या नहीं, तो ऐसे में घबराना नहीं चाहिए, बल्कि इसके लिए घर में मौजूद बड़े, डॉक्टर, इंटरनेट आदि से जानकारी लेनी चाहिए। ताकि शिशु को बेहतर से बेहतर केयर देने में मदद मिल सके, ऐसे में यह भी महिला के लिए उसकी जिंदगी का एक नया और खास अनुभव होता है जहां वो अपने शिशु को जन्म के बढ़ते हुए, शिशु की हर पहली हरकत का अनुभव लेने हुए इस बेहतरीन लम्हे का आनंद लेती है। ऐसे में जन्म के बाद एक माँ के लिए शिशु की हरकतों को देखकर समझना की शिशु क्या कह रहा है यह सबसे ज्यादा जरुरी होता है, जिससे धीरे धीरे महिला को शिशु के बारे में सब कुछ पता चलने लग जाता है, की शिशु क्या चाहता है।

जन्म के बाद शिशु का ख्याल ऐसे रखें

शिशु का ख्याल रखना किसी भी महिला के लिए न केवल माँ और शिशु के बीच भावनात्मक रिश्ते को मजबूत करता है। बल्कि शिशु का ख्याल रखने के लिए महिला को बहुत सावधानी भी बरतनी पड़ती है, क्योंकि शिशु की स्किन कोमल होती है, साथ ही शिशु के लिए बरती गई कोई भी लापरवाही शिशु को इन्फेक्शन जैसी परेशानी से ग्रसित भी कर सकती है। तो लीजिये आज हम आपको जन्म के बाद शिशु की केयर के लिए किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिये इस बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं।

साफ़ सफाई

शिशु की बेहतर केयर के लिए सबसे पहले जरुरी है की साफ़ सफाई का ध्यान रखा जाए यानी की शिशु को जब भी उठाएं तो हाथों पर सैनिटाइज़र का इस्तेमाल करें, शिशु के पहनने वाले कपडे, शिशु के बिछौने आदि को अच्छे से साफ़ रखना चाहिए। इससे शिशु को इन्फेशन से बचे रहने में मदद मिलती है।

स्तनपान

स्तनपान करवाने से न केवल शिशु को फायदा मिलता है बल्कि इससे डिलीवरी के बाद महिला को भी शारीरिक रूप से जल्दी फिट होने और ब्रेस्ट कैंसर जैसी परेशानी से बचे रहने में मदद मिलती है। इसके अलावा नवजात शिशु के बेहतर विकास के लिए कम से कम छह महीने तक शिशु को केवल माँ का दूध ही देना चाहिए। इसके अलावा कुछ और नहीं देना चाहिए, और छह महीने के बाद भी जब शिशु को थोड़ा अलग आहार दिया जाता है तो भी थोड़ा थोड़ा माँ का दूध देते रहने चाहिए इससे शिशु का विकास अच्छे से होता है।

मालिश

नवजात शिशु की हड्डियों व् शरीर में अन्य अंगो के बेहतर विकास, स्किन की केयर, शिशु को आराम पहुंचाने, बेहतर नींद लेने आदि के लिए शिशु की मालिश जरूर करनी चाहिए। और नहाने से एक या आधा घंटा पहले शिशु की मालिश करनी चाहिए, सर्दियों में शिशु की मालिश के लिए जैतून और गर्मियों में नारियल के तेल का इस्तेमाल करना बेहतर होता है।

भूख का ध्यान

नवजात शिशु को कब भूख लगती है इस बारे में बताने में तो वह असमर्थ होता है, लेकिन शिशु जब अधिक रोता है, या हर एक चीज को मुँह में लेने की कोशिश करता है तो यह बात का संकेत हो सकता है की शिशु को भूख लगी है। डॉक्टर्स के अनुसार शिशु को हर दो घंटे बाद दूध पिलाना चाहिए, साथ ही शिशु जब एक स्तन से दूध पीता है तो उसे दूध उसी से पीने देना चाहिए, और कभी भी शिशु को दूध पीने से हटाना नहीं चाहिए क्योंकि जैसे ही शिशु का पेट भर जाता है उसके बाद वह अपने आप ही दूध पीना बंद कर देता है। उसके बाद जब दूसरी बार शिशु को दूध आप पिलाती है तो दूसरी तरफ से पिलाना चाहिए, शिशु को हमेशा एक ही तरफ से स्तनपान भी नहीं करवाना चाहिए।

नींद का ध्यान

नवजात शिशु दिन में बीस से बाइस घंटे की नींद लेते हैं, ऐसे में शिशु की नींद का अच्छे से ध्यान रखना चाहिए। इसके अलावा जब शिशु रात के समय सोता है तो उसे बहुत से कपडे पहनाकर नहीं सुलाना चाहिए। इसके अलावा शिशु को सोने के लिए खुली जगह देनी चाहिए ताकि वो आराम से सो सके।

बातें करे

शिशु जब भी सोकर उठे तो उससे बातें करनी चाहिए, उसे अलग अलग रंगो के खिलौने आदि दिखाने चाहिए। क्योंकि शिशु इन सब चीजों को देखकर आकर्षित होता है, खुश होता है, और उसे इन सब चीजों को धीरे धीरे पहचान होने लगती है।

नहलाते समय ध्यान रखें

नवजात शिशु को नहलाना बहुत ही मुश्किल काम होता है, क्योंकि शिशु बहुत छोटा होता है ऐसे में उसे पकड़कर नहलाने में महिला घबराहट महसूस कर सकती है। लेकिन घबराना नहीं चाहिए, और शिशु के नहाने का जरुरी सामान अपने पास रखना चाहिए, पानी के तापमान का ध्यान रखना चाहिए, शिशु की गर्दन और सिर के नीचे हाथ रखकर नहलाना चाहिए, आँख कान में पानी व् साबुन न जाए इस बात का ध्यान रखना चाहिए, आदि।

महिला अपने खान पान का ध्यान रखें

शिशु की देखभाल के लिए जरुरी है की महिला अपनी सेहत का अच्छे से ध्यान रखे, खान पान में सावधानी बरते ऐसी की भी चीज का सेवन न करें जिससे महिला को गैस बनने की समस्या हो। क्योंकि ऐसी चीजें खाने के कारण शिशु को भी गैस बनने की समस्या के कारण परेशान होना पड़ सकता है साथ ही पेट आदि में दर्द के कारण भी परेशानी हो सकती है।

दूध की बोतल

कुछ शिशु होते हैं जो जन्म के बाद माँ का दूध नहीं पीते हैं इसका कारण शिशु को दूध का न पचना या महिला का दूध अच्छे से न उतर पाना हो सकता है। ऐसे में शिशु को ऊपर का दूध बोतल के द्वारा दिया जाता है, इसीलिए बोतल को अच्छे से साफ़ करना चाहिए शिशु को दूध देने से पहले बोतल को अच्छे से उबाल लेना चाहिए।

टीकाकरण

जन्म के बाद शिशु को हर बिमारी से सुरक्षित रखने के लिए समय समय पर इन्फेक्शन लगाए जाते हैं और दवाई पिलाई जाती है। ऐसे में नवजात के बेहतर विकास और उसे बिमारियों से सुरक्षित रखने के लिए समय पर शिशु का टीकाकरण करवाना बहुत जरुरी होता है।

उठाते समय ध्यान रखें

शिशु के अंग शुरुआत में बहुत कमजोर होते हैं और धीरे धीरे मजबूत होने लगते हैं, ऐसे में शुरुआत में शिशु को उठाते समय अच्छे से ध्यान रखना चाहिए। जब भी शिशु को उठायें तो उसके सिर और गर्दन को स्पोर्ट देना चाहिए। ताकि शिशु को दिक्कत न हो।

तो यह हैं कुछ खास टिप्स जो महिला को जन्म के बाद शिशु की केयर के लिए ध्यान रखने चाहिए, ऐसा करने से शिशु के बेहतर विकास में मदद मिलती है। साथ ही शिशु को किसी भी तरह के इन्फेक्शन से सुरक्षित रखने में मदद मिलती है। इसके अलावा शिशु के लिए क्या क्या जरुरी है इसके लिए एक बार डॉक्टर से भी जरूर राय लेनी चाहिए, और यदि शिशु कभी बहुत ज्यादा परेशान कर रहा हो या आपको महसूस हो शिशु ठीक नहीं है तो एक बार डॉक्टर से भी चेक करवाना चाहिए ताकि किसी भी तरह की दिक्कत न हो।