महिलाओं में बवासीर और फिस्टुला होने के कारण

piles

फिस्टुला शरीर में कोई भी बिमारी हो उसका इलाज जितना जल्दी हो जाएँ और उसमे किसी तरह की लापवाही न की जाये ये सबसे अच्छी बात होती है, आज हम आपसे गु*दा सम्बंधित दो रोगो के बारे में बताने जा रहें है, बवासीर और फिस्टुला, आज हम इनके कारण, प्रकार और इनके क्या उपचार होते है इस बारे में चर्चा करेंगे, तो आइये जानते है सबसे पहले की बवासीर और फिस्टुला क्या होता है।

बवासीर क्या है:-

बवासीर मलद्वार में होने वाली एक बेहद दर्दनाक बिमारी है, इसका कारण हमारे शरीर के गु*दा भाग में खून की नसें होती है जो कभी कभी किसी दबाव या किसी अन्य कारण से गु*दा के अंदरूनी या बाहरी भाग में और मलाशय के निचले हिस्से की रक्त नलिकाओ में सूजन आ जाती है, इसी वजह से गु*दा में अन्दर या बाहर मस्से जैसे बन जाते है, इसे ही बवासीर कहा जाता है, और बवासीर का रोग महिलाओ से अधिक पुरुषों में पाया जाता है, इस रोग का इलाज करने में ज्यादा लापरवाही नहीं करनी चाहिए, क्योंकि यह आंतो के कैंसर का कारण भी बन सकता है।

बवासीर के दो प्रकार की होती है:-

  • एक बवासीर होती है जो गु*दा के बाहरी हिस्से में होती है, इसके होने पर बाहरी भाग पर छोटी छोटी गांठे बन जाती है, और उनमे खून जमने लगता है, और कई बार तो उसमे असहनीय दर्द भी होता है।
  • कई बार रोगियों को अंदर की तरफ भी बवासीर होता है, और उन्हें पता नहीं चलता है, ऐसे में जब वो मल निकालते हुए दर्द या खून का अनुभव करते है तो उन्हें पता चलता है की उन्हें कोई परेशानी है।

बवासीर की तीन स्थितियां कौन सी होती है:-

  • पहली स्थिति में गु*दा के अंदर रक्त नलिकाओं में सूजन आ जाती है, लेकिन दर्द का अनुभव नहीं होता है, लेकिन जब कब्ज़ या किसी और कारण व्यक्ति मल पास करते समय जोर लगाता है, तो वहां से खून आना शुरू हो जाता है।
  • दूसरी अवस्था में सूजन काफी ज्यादा होती है, और साथ ही जब आप मल पास करते है तो मस्से भी साथ में बाहर आ जाते है, और अपने आप ही अंदर भी चले जाते है।
  • तीसरी स्थिति में मल पास करते हुए मस्से बाहर आने लगते है और वापिस अंदर भी नहीं जाते है, यह स्थिति काफी मुश्किल होती है, इसीलिए इसमें बिलकुल भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।

बवासीर होने के कारण:-

हर समय कब्ज़ रहने के कारण:-

जिन महिलाओ को हमेशा कब्ज़ की समस्या रहती है, उन्हें मल त्याग करते समय काफी जोर लगाना पड़ता है, जिसके कारण रक्त नलिकाओं में सूजन आने लगती है, और आपको इस परेशानी का सामना करना पड़ता है।

अनुवांशिक कारणों की वजह से:-

कई बार इसका कारण अनुवांशिक भी हो सकता है, इसके कारण गु*दा के अंदर की रक्त नलिकाओं की अंदरूनी परत कमजोर हो जाती है जिसके कारण आपको ये समस्या हो सकती है।

प्रेगनेंसी होने के कारण:-

कई महिलाओ को प्रेगनेंसी के समय इस समस्या का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि इस दौरान आपके शरीर में हो रहे हॉर्मोन के परिवर्तन के कारण आपकी रक्त नलिकाओं पर दबाव पड़ता है, जिसके कारण आपको ये समस्या हो सकती है।

उम्र के कारण:-

उम्र बढ़ने के कारण भी आपको ये समस्या हो सकती है, क्योंकि आपकी उम्र बढ़ने के साथ आपकी रक्त मालिकाएँ कमजोर होने लगती है, जिसके कारण आपको इस समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

जीवनशैली के खराब होने के कारण:-

आज कल सिर्फ पुरुष ही नहीं महिलाओ की भी जीवनशैली में बहुत परिवर्तन आ गया है, ड्रिंकिंग और धूम्रपान तो जैसे आम बात हो गई है, परन्तु क्या आप जानती है, की इसका आपके शरीर पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है, इसके कारण भी आपको बवासीर की समस्या हो सकती है।

खान पान के सही न होने के कारण:-

आज कल पौष्टिक खाना लोगो को कम ही पसंद नहीं आता है, मिर्च मसालें, फ़ास्ट फ़ूड, तला भुना, अधिक ठंडा पानी पीना, कोल्ड ड्रिंक्स का अधिक सेवन करना, इसके कारण आपके पाचन तंत्र पर बहुत बुरा असर पड़ता है, जिसके कारण आपको कब्ज़ की समस्या भी हो सकती है, और कब्ज़ होने के कारण आपको बवासीर से परेशान होना पड़ सकता है।

अधिक वजन उठाने के कारण:-

अधिक वजन उठाने के कारण भी आपको इस समस्या का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि भार को उठाते समय आपकी गु*दा पर दबाव पड़ता है, जिसके कारण आपको बवासीर से परेशान होना पड़ सकता है।

अधिक मोटापा होने के कारण:-

जिन लोगो का वजन आवश्यकता से अधिक होता है उन्हें भी बवासीर से परेशान होना पड़ सकता है, क्योंकि पेट के कारण आपकी रक्त नलिकाओं पर दबाव पड़ता है, जिसके कारण आपको ये समस्या हो सकती है, इसके अलावा और भी बहुत सी बीमारियां है जो आपको मोटापे के कारण होती है, इसीलिए आपको जितना हो सकें अपने वजन को सही रखना चाहिए।

फिस्टुला क्या है:-

यह भी गु*दा से सम्बंधित बिमारी है, इसमें गु*दा में एक से अधिक पिंडिकाएं उत्त्पन्न हो जाती है, और इसमें रोगी को उठने बैठने में भी बहुत परेशानी होती है, और यदि सही समय पर इस समस्या का इलाज नहीं किया जाता है, तो ये पिंडिकाएं बढ़ जाती है और गु*दा की तरफ दूसरा मार्ग बना लेती है, और इसके कारण बाद में यह दूसरा मार्ग और भी अधिक बढ़ने लगता है, जो नितम्ब तक भी बढ़ जाता है, और इन मार्ग से लगातार खून या बदबूदार मल निकलता रहता है।

फिस्टुला के लक्षण:-

  • इस रोग के होने के कारण न तो रोगी ढंग से बैठ सकता है,और न ही पेट या पीठ के बल लेट सकता है।
  • इस बिमारी की शुरुआत में गु*दा मार्ग में फुंसियां होनी शुरू हो जाती है।
  • इसके होने के कारण गु*दा मार्ग से मवाद भी निकलने लगता है।
  • इसके कारण व्यक्ति को सीढ़िया चढ़ने में भी तकलीफ का सामना करना पड़ता है।

फिस्टुला के कारण:-

  • यदि आप अपने गु*दा मार्ग की साफ़ सफाई नहीं रखते है, तो इसके कारण भी आपको इस समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
  • यदि आपको किसी कारण गु*दा के आस पास अधिक खुजली होने लगती है, और आप उसे बहुत अधिक खुजला देते है, और ऐसा करते रहते है तो इसके कारण इन्फेक्शन के चांस बढ़ जाते है, जिसके कारण भी आपको ये समस्या हो सकती है।
  • गु*दा मार्ग में होने वाली फुंसी को नज़रअंदाज़ करना नहीं चाहिए, क्योंकि यदि आपको ये समस्या बढ़ जाती है तो इसके कारण आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

फिस्टुला से बचने का इलाज:-

  • थोड़े से अनार के पत्तों ( 25 ग्राम ) को लेकर 300 ग्राम पानी में उबालें, और जब तक उबालते रहें जब तक की पानी आधा न रह जाएँ, उसके बाद अपनी गु*दा को इस पानी से धो दें, ऐसा नियमित करने से आपको राहत मिलती है।
  • नीम के पत्तों को पानी में उबालकर उस पानी से गु*दा को धोने और नीम के पत्तों का लेप बनकर लगाने से भी आपको फायदा होता है।
  • लहसुन को पीस कर घी में भून लें उसके बाद उसे फिस्टुला पर बाँधने से आपको राहत मिलती है।
  • आक के दूध में रुई भिगोकर उसे सूखा लें, और इस रुई को सरसों के तेल के साथ अच्छे से मिलकर काजल बनाएं, और इस काजल को गु*दा के आस पास लगाएं, इससे भी आपको फिस्टुला से राहत मिलती है।
  • इस समस्या के होने पर आप डॉक्टर से भी राय ले सकते है, क्योंकि इसका बढ़ना काफी नुकसानदायक हो सकता है।

बवासीर का इलाज:-

  • रोजाना सुबह खाली पेट एलोवेरा का जूस लगभग 20 ml सेवन करें, और नियमित रात को खाना खाने से 1 घन्टे पहले भी पिए, और इसमें पानी न मिलाएं और इसे पीने के आधे घंटे बाद 500ml ( 2 गिलास ) गुनगुना पानी का सेवन करें, इसे नियमित करने से आपकी इस समस्या का समाधान होने में मदद मिलती है
  • हर रोज खाना खाने के बाद 5 से 10 मिनट तक वज्रासन में जरूर बैठें
  • बवासीर के रोगी को खाने में हरी सब्जियों को अधिक से अधिक शामिल करना चाहिए और जितना हो सकें शाम को सात बजे तक खाना खा लेना चाहिए, और हलके आहार का सेवन करना चाहिए
  • दही या लस्सी के साथ कच्चा प्याज़ खाने से भी इस परेशानी से राहत मिलती है।
  • इसबगोल की भूसी के सेवन से भी आपको फायदा होता है।
  • सौ ग्राम किशमिश को रात को पानी में भिगोकर रख दें, और सुबह इस किशमिश को पानी में मसल कर इस पानी के साथ सेवन करें, इससे भी आपको फायदा होता है।
  • कच्ची मूली खाने या उसका रस पीने से भी आपको फायदा मिलता है।

बिमारी चाहे कोई भी हो उसका समय पर इलाज होना बहुत जरुरी होता है, ताकि उस समस्या का समाधान हो सकें, और बिमारी ज्यादा न बढ़ें, तो यदि आपको भी कभी ऐसा कोई लक्षण दिखें तो इसको बिमा लापरवाही किये आपको डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

[Total: 2    Average: 4.5/5]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *