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रुद्राक्ष धारण करने के क्या फायदे होते हैं?

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पौराणिक कथाओं के आधार पर देखा जाएँ तो रुद्राक्ष शिव जी की आँखों से उत्त्पन्न हुआ है, इसीलिए कहा जाता है जो व्यक्ति सच्चे मन और भक्ति भाव से इसे धारण करता है, भोले बाबा की मेहर और आशीर्वाद उस व्यक्ति पर बना रहता है, और ये भी कहा जाता है की आप जितना छोटा रुद्राक्ष धारण करते हैं, वह उतना ही ज्यादा प्रभावशाली होता है, परन्तु लोगो को ये नहीं पता चलता है की जो रुद्राक्ष उन्होंने पहना है वो असली है या नकली, इसके लिए आपको हम एक दो उपाय बता सकते है।

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जैसे की आप एक कटोरी में सरसों का तेल भर कर उसमे अपना रुद्राक्ष डाल दें, यदि आपके रुद्राक्ष का रंग और भी गहरा दिखने लगता है, तो वह असली होता है, इसके अलावा आप इसे पानी में डालकर अच्छे से उबाल लें यदि आपका रुद्राक्ष रंग नहीं छोड़ता है तो वो असली होता है, रुद्राक्ष बहुत सी तरह के होते है जैसे एकमुखी, दोमुखी आदि हर एक रुद्राक्ष को धारण करने से आपको अलग अलग फायदे होते हैं इसके लिए आपको अपनी जिस भी परेशानी का समाधान करने के लिए रुद्राक्ष धारण करना हो, आप इसे धारण कर सकते है, रुद्राक्ष धारण करने से आपको सफलता, धन, सुख समृद्धि, व् अपने मन की हर मनोकामना को पूरा करने में मदद मिलती है।

और इसे धारण करने से पहले आपको शुभ मुहूर्त का भी ध्यान रखना चाहिए साथ ही आपको इसे कभी भी अंगूठी में नहीं जड़वाना चाहिए, और ऐसा भी कहा जाता है की वो व्यक्ति इसे श्रद्धापूर्वक धारण करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है, साथ ही जिस घर में इसकी पूजा की जाती है, वहां पर हमेशा लक्ष्मी का वास भी रहता है, साथ ही भगवान् शंकर की प्रिय चीज होने के कारण उनकी कृपा भी आप पर बनी रहती है, तो आइये जानते है की रुद्राक्ष धारण करने के कौन कौन से फायदे होते हैं।

एकमुखी रुद्राक्ष के फायदे:-

एक मुखी रुद्राक्ष आसानी से नहीं मिलता है, साथ ही इसे भगवान् शिव का साक्षात रूप माना जाता है, इसे धारण करने से आपको सुख-शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है, साथ ही इसे आपको सोमवार को शिव मंदिर में शिवलिंग को दूध से स्नान करवाकर, चन्दन का तिलक लगाकर, और ॐ ह्रीं नमः के मन्त्र का उच्चारण करते हुए धारण करना चाहिए, इससे घर में किसी भी वस्तु का अभाव नहीं रहता है, और घर में लक्ष्मी जी का वास होता है, साथ ही इसके कारण हदय में प्रसन्नता, धनप्राप्ति, रोग मुक्ति तथा व्यक्तित्व में निखार और शत्रुओं पर विजय प्राप्त भी होती है।

दोमुखी रुद्राक्ष को पहनने के फायदे:-

दो मुखी रुद्राक्ष को अर्धनारीश्वर का स्वरुप माना जाता है, इसे धारण करते समय आपको ॐ नमः के मन्त्र का जाप करना चाहिए, इसे धारण करने से आपको चन्द्रमा जैसी शीतलता प्राप्त होती है, मानसिक शांति प्राप्त होती है, हदय में एकाग्रता तथा जीवन में आध्यात्मिक उन्नति, परिवार में स्नेह और प्यार, व्यापार में सफलता प्राप्त होती है, यह रुद्राक्ष स्त्रियों के लिए इसे सबसे उपयुक्त माना गया है, और इसे धारण करने से आपको पैर की तकलीफ, सर्दी, खांसी आदि रोग भी ठीक होते है।

तीनमुखी रुद्राक्ष:-

इस रुद्राक्ष को अग्नि देव, और त्रिदेवों का स्वरुप माना गया है, यदि आप इसे धारण करते है तो इससे आपको ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, साथ ही पापो का नाश होने में मदद मिलती है, साथ ही यह त्रिगुणात्मक शक्तियों का स्वरूप है जो की आपको भूत, भविष्य और वर्तमान तीनो का ज्ञान देने वाला है, यदि किसी की नौकरी नहीं लग रही हो, कोई बिमारी हो, तो इसको धारण करने से आपकी समस्या का निश्चित ही हल हो जाता है, मैनेजमेंट या मार्केटिंग व्यवसाय से सम्बंधित लोगो को इसे जरूर धारण करना चाहिए, और इसे धारण करते समय आपको ॐ क्लीं नमः का जाप करना चाहिए।

चारमुखी रुद्राक्ष:-

यह रुद्राक्ष ब्रह्म स्वरुप होता है, इसे धारण करने से नर हत्या जैसे पाप को भी समाप्त करने में मदद मिलती है, और यह रुद्राक्ष धर्म, अर्थ काम एवं मोक्ष को प्रदान करता है, शिक्षा में सफलता देता है, और यदि किसी की बुद्धि मंद हो, वाक् शक्ति कमजोर हो, स्मरण शक्ति मंद हो तो उसे यह धारण करना चाहिए क्योंकि उसके लिए तो यह रुद्राक्ष कल्पतरु के समान है, साथ ही इसे धारण करने से आपको शिक्षा में अपार सफलता मिलने के साथ आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होती है, और इसे धारण करते समय आपको “ॐ ह्रीं नमः” का जाप करना चाहिए।

पांच मुखी रुद्राक्ष:-

इस रुद्राक्ष को धारण करने से आपको मानसिक शांति और प्रफुल्लता मिलती है, साथ ही इसे धारण करने से आपको अभक्ष्याभक्ष्य एवं स्त्रीगमन जैसे पाप से भी निजात मिलता है, क्योंकि यह रुद्राक्ष कालाग्नि रुद्र का स्वरुप है, और साथ ही यह पंच ब्रह्म एवं पंच तत्वों का प्रतिक भी है, इसे धारण करते समय आपको ॐ ह्रीं नमः का जाप करना चाहिए।

छहमुखी रुद्राक्ष:-

इस रुद्राक्ष को कार्तिकेय का स्वरुप भी माना गया है, और इसे शत्रुंजय रुद्राक्ष के नाम से भी जाना जाता है, इसे धारण करने से आपकी स्मरण शक्ति प्रबल तथा बुद्धि तीव्र होती है, साथ ही इसके कारण आपको ब्रह्म हत्या जैसे पापों से मुक्ति मिलती है,और संतान सुख भी प्राप्त होता है, साथ ही व्यापार में सफलता, किसी भी कार्य को पूर्ण होने में मदद मिलती है, इसे धारण करते समय आपको ॐ ह्रीं नमः मन्त्र का जाप करना चाहिए।

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सातमुखी रुद्राक्ष:-

इस रुद्राक्ष को सप्तमातृका तथा ऋषियों का प्रतिनिधि माना गया है, धन-संपत्ति, कीर्ति, विजय प्रदान करने वाला, कार्य, व्यापार आदि में बढ़ोतरी, दरिद्रता को दूर करने में यह रुद्राक्ष आपकी मदद करता है, इस रुद्राक्ष को आपको शुक्रवार या सोमवार को “ॐ हुं नमः” के मन्त्र का जाप करते हुए धारण करना चाहिए।

आठ मुखी रुद्राक्ष:-

इस रुद्राक्ष को भगवान् गणेश जी का प्रतिक माना गया है, इसे धारण करने से आपको राहु के प्रभाव से मुक्ति मिलती है, साथ ही आपको मोक्ष की प्राप्ति भी होती है, इसके अलावा इसे धारण करने से आपको ज्ञानप्राप्ति, हदय में एकाग्रता, मुकदमे में विजय, दुर्घटनाओं तथा प्रबल शत्रुओं से रक्षा करता है, इस रुद्राक्ष को विनायक का स्वरूप भी माना जाता है और इसके कारण आपको व्यापार में सफलता और उन्नति मिलती है, इसे धारण करते समय आपको “ॐ हुं नमः” मंत्र का जाप करना चाहिए।

अन्य रुद्राक्ष:-

  • नौमुखी रुद्राक्ष भैरव का स्वरुप माना जाता है, इसे यम भी कहा जाता है, यह केतु के दुस्प्रभाव से आपको बचाता है, और इसे धारण करते समय आपको ॐ ह्रीं हुं नमः का जाप करना चाहिए।
  • दसमुखी रुद्राक्ष को भगवान् विष्णु का प्रतिक माना जाता है, इसे धारण करने से आपको लोक सम्मान, कीर्ति, विभूति धन के साथ शांति एवं सौंदर्य की प्राप्ति होती है और आपके सभी भय समाप्त हो जाते हैं, इस रुद्राक्ष को धारण करते समय “ॐ ह्रीं नमः” मंत्र का जाप करना चाहिए।
  • एकादश मुखी रुद्राक्ष को भगवान् शिव का प्रतिक माना गया है, इसे खासकर महिलाओ को धारण करना चाहिए, इसे धारण करने से जिन महिलाओ को पुत्र रत्न की प्राप्ति नहीं होती है, उसे पाने में मदद मिलती है, इसे धारण करते समय आपको ॐ ह्रीं हुं नमः का जाप करना चाहिए और इसे सोमवार या शनिवार को धारण करना चाहिए।
  • बारह मुखी रुद्राक्ष को धारण करने से आपको बारह आदित्यो का आशीर्वाद मिलता है, साथ ही आपको सभी तरह की मानसिक और शारीरिक पीड़ा से निजात पाने में मदद मिलती है, इसे धारण करते समय आपको ॐ क्रौं क्षौं रौं नमः इस मंत्र का जप करना चाहिए।
  • तेरहमुखी रुद्राक्ष को इंद्र देव का प्रतीक माना गया है, और इसे धारण करने से आपको संतान की दीर्घायु, संतान प्राप्ति, मान प्रतिष्ठा आदि को बढ़ाने में मदद मिलती है, इसे धारण करते समय आपको ॐ ह्रीं नमः का जाप करना चाहिए।
  • चौदह मुखी रुद्राक्ष स्वास्थ्य लाभ, रोग मुक्ति, शारीरिक, मानसिक, व्यापारिक, परेशानी को दूर करने में मदद करता है, इसे धारण करते समय आपको ॐ नमः का जापकर्ण चाहिए।
  • पंद्रह मुखी रुद्राक्ष आपके सभी पापो को नष्ट करने वाला होता है, क्योंकि यह भगवान् पशुपतिनाथ का प्रतीक होता है।
  • सोलहमुखी रुद्राक्ष विष्णु, और शिव का प्रायिक होता है, इसे धारण करने से आपको सातों जन्म के लिए पुण्य फल की प्राप्ति होती है।
  • सत्रह मुखी रुद्राक्ष राम सीता का प्रतीक माना गया है, इसे धारण करने से आपको सम्पत्ति, वाहन, आभूषण व अनेक प्रकार के सुख -संपत्ति की प्राप्ति होती है।
  • अठारह मुखी रुद्राक्ष धारण करने से आपको हर तरह की बिमारी से बचाव करने में मदद मिलती है।

तो ये फायदे आपको रुद्राक्ष को धारण करने से होते है, आप चाहे तो इस बारे में एक बार अपने पंडित से भी राय ले सकते है, और उनसे पूछ कर शुभ मुहूर्त में ही इसे धारण करना चाहिए, ताकि आपको इसका फायदा मिल सकें, और भोले बाबा और माँ लक्ष्मी की कृपा आप पर बनी रहें।

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