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सावन का महीना : कैसे करें पूजा अर्चना सावन में और सावन का क्या महत्व है?

सावन महीने का क्या खास महत्व है हिन्दुओं में, इस आर्टिकल्स में सावन के बारे में पूरी जानकारी है की सावन महीने में कैसे करें पूजा अर्चना और सावन महीने का क्या महत्व है

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सावन 2018 : सावन का महीना हिन्दुओ के लिये एक पवित्र महीना माना जाता है। इस महीने को शिवजी को प्रसन्न करने के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। यह महीना शिव भक्तो के लिए एक खास महीना है। यह माह उर्जा से भरा हुआ होता है। पूरे वातावरण में भोलेनाथ के जयकारे सुनने को मिलते है। वैसे तो हर महीने का अपना एक विशेष महत्त्व होता है पर सावन के महीने का अपना एक अलग ही महत्त्व है। सावन के महीने का शिवजी की पूजा अर्चना करने की दृष्टि से विशेष महत्त्व है।

सावन के प्रत्तेक सोमवार को मंदिरों में शिवजी कि पूजा करने के लिए भक्तो कि लम्बी लाइन नजर आती है। लोग सुबह 4 बजे से ही मंदिरों के बाहर शिवजी का अभिषेक करने के लिए खड़े रहते है। पूरा माहौल भक्तिमय हो जाता है। हर जगह  बम-बम भोले, हर-हर महादेव के उद्घोष सुनाई देते है। इसी महीने में कावड़िये दूर-दूर से जल लाकर चढाते है। शिवजी को प्रसन्न करने के लिए भक्त दूध और गंगा जल से अभिषेक करते है। शिवजी को बेल पत्र, भांग, धतूरा, आक़ के फूल अति प्रिय है। इनको शिवजी को चढ़ा कर हम उनकी कृपा पा सकते है। सावन के महीने में पूजा करने का विशेष फल प्राप्त होता है।

इस बार पड़ने वाले सावन के सोमवार का विशेष महत्त्व है। इस बार सावन के महीने मे चार सोमवार पड़ रहे है। सावन का महीना 27 जुलाई से शुरु हो रहा है जो 26 अगस्त तक रहेगा। पहला सावन का सोमवार 30 जुलाई को है। सावन में प्रत्तेक दिन शिव जी का अभिषेक किया जाता है। पूरे महीने मंदिरों में शिव जी की पूजा कि जाती है शिवजी का अभिषेक कर हम अपनी मनोकामनायो को पूरा कर सकते है।

सावन के महीने में कावड़िये गोमुख या गंगोत्री से जल लाकर अपने क्षेत्र के मंदिरों में शिवजी का अभिषेक करते है और उनकी विशेष कृपा पाकर अपनी मनोकामनायो को पूरा करते है। शिवजी को भोले भंडारी भी कहा जाता है। शिवजी को खुश करने के लिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती है क्योंकि यदि कोई व्यक्ति सच्चे मन से सिर्फ जल ही चढ़ा दे तो भगवान शिव प्रसन्न हो जाते है। भगवान शंकर को कई नामो से जाना जाता है इन्हें भोले भंडारी, भोलेनाथ, त्रिलोकी, आदि  नाम से भी जानते है।

 सावन के महीने में पूजा करने की विधि-

सावन के महीने में पड़ने वाले सोमवार को शिव भक्तो दृरा व्रत रखा जाता है। व्रत रख कर विधि-विधान से पूजा पाठ करके शिवजी कि पूजा कर हम अपनी मनोकामनायो को पूरा कर सकते है। इस दिन सुबह जल्दी उठ कर नित्कर्म से निवृत होने के बाद नहाकर साफ वस्त्र धारण करे। इसके बाद पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठ जाये और अपने सामने एक पटे पर सफ़ेद कपड़ा बिछा कर शिव जी की प्रतिमा स्थापित करे फिर गंगा जल छिडक कर शिवजी को चंदन का तिलक लगाये। बेल पत्र, भांग, धतुरा, सफ़ेद आक के फूल चढ़ाये।

दीपक जलाने के बाद मीठे का भोग लगाये फिर शिव चालीसा का पाठ करे। ऊं नमः शिवाय का 108 बार जप करे। भगवान शिव आप पर अवश्य प्रसन्न होगे तथा आपकी मनोकामनाये पूरी होगी। पूरे दिन व्रत करने के बाद शाम को पूजा करके आप एक बार भोजन भी कर सकते है।

शिवजी का व्रत करना बहुत ही आसान है। भगवान शिव थोड़े से ही खुश हो जाते है। उनके भक्तो को भोले को खुश करने के लिए ज्यदा कुछ करने की आवश्यकता नहीं पड़ती है। शिवजी अपने भक्तो के दृरा की गई पूजा से प्रसन्न हो जाते है। आप सावन के महीने में पूजा करने के बाद सिर्फ जल चढ़ा कर पूरे साल का फल प्राप्त कर सकते है। ऊं नमः शिवाय का जाप करके भी आप शिवजी की कृपा प्राप्त कर सकते है। यदि आप का कोई काम नहीं बन रहा है बार-बार प्रयास करने पर भी आप सफल नहीं हो रहे है तो 21 बेलपत्रो पर चन्दन से ‘ऊं नमः शिवाय’ लिखकर सावन महीने के प्रत्तेक दिन शिवलिंग पर चढ़ाये आपको लाभ प्राप्त होगा। आपके काम में आने वाली बाधाये अवश्य दूर होगी।

शिवजी की पूजा करने के लाभ-

शिवजी की पूजा करके आप अपने कई बिगड़े हुए काम बना सकते है। सच्चे मन से पूजा करके आप भोले बाबा को प्रसन्न कर सकते है। अगर आप के कम ना बन रहे हो तो कुछ उपायों को अपना कर आप अपने काम बना सकते है। सावन के महीने को शिवजी का माह माना जाता है। यह माह पूरी तरह से शिवजी को समर्पित होता है। सम्पूर्ण वातावरण शिवमय हो जाता है। चारो तरफ भोलेनाथ के जयकारे सुनाई देते है। हर कोई शिव भक्ति करके उनकी कृपा पाकर  अपने कामो को पूरा करना चाहता है।

  • इन दिनों में शिवजी की पूजा करके हम उन्हें प्रसन्न कर उनकी कृपा पा सकते है।
  • महामृत्युंजय का जाप करके हम अपने रोगों से मुक्ति पा सकते है।
  • अपने ग्रहों को शांत करने के लिए रोजाना शिवजी को जल चढ़ाये।
  • जिन लडकियों की शादी ना हो रही हो वो सावन के प्रत्तेक दिन शिवजी को जल चढ़ाये उन्हें मन चाहे वार की प्राप्ति होगी।
  • यदि आपको शत्रुओं का भय सता रहा है तो शिवजी का व्रत इस भय को ख़त्म करता है।
  • रुके हुये काम को पूरा करने में सफलता मिलती है।
  • राहू दोष सता रहा हो तो भी यह व्रत कारगर है।

निष्कर्ष : सावन का महीना शंकर भगवान की पूजा करने का सर्वोतम समय होता है। यह समय शिव भक्ति के लिए और शिव को प्रसन्न करने के लिए सही समय माना जाता है। शिव अपने भक्तो पर जल्दी खुश होकर उनकी मनोकामनायो को पूरा करते है यदि आप को भी शिवजी को प्रसन्न करना है तो यह समय शिव भक्ति के लिए सही समय है। आप भी शिव जी की पूजा करके उनकी कृपा पा सकते है बस जरुरत है तो सिर्फ आपके सच्चे मन से शिवजी की पूजा करने की। दोस्तों आपको हमारा लेख कैसा लगा हमें अवश्य बताये।