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रिक्शेवाली अन्नू महिलाओं को जिंदगी जीना सिखा रही है!

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गाजियाबाद, भौपूरा में रहने वाली अन्नु शर्मा के पति को कैंसर था। और उनकी अचानक मौत के बाद अन्नु बड़ी मुश्किल से संभली। उन्होंने घर चलाने के लिए रिक्शा थामा और जिंदगी को फिर संभालने की कोशिश की। अपने साथ उन्हें उन महिलाओं की भी फिक्र हुई जिनकी जिंदगी में किसी का सहारा नहीं था।

रिक्शाचालक अन्नू :-

31 साल की रिक्शाचालक अन्नु शर्मा के पति कैंसर से पीड़ित थे। पैसों की कमी के कारण उन्हें दवाईयां खरीदने में परेशानी हुई। रिश्तेदारों ने भी कैंसर का नाम सुन और परिवार की लाचारी देख मुंह मोड़ लिया। जिसके बाद अन्नु के पति की मृत्यु हो गई। अन्नु पूरी तरह से टूट चुकी थी। दो बेटियों को पढ़ाना और घर का खर्च चलाना आसान नहीं था लेकिन अन्नु ने हार नहीं मानी। और वे आगे बढ़ चली।

पति का रिक्शा :-

अन्नु ने अपने पति का रिक्शा चलाना शुरु किया। अन्नु बताती हैं कि ये रिक्शा जब भी वह चलाती थीं तो पति के सहारे का आभास उन्हें होता था। इससे उनकी हिम्मत बढ़ती थी। अन्नु ने अपने पैरों पर खड़े होने के बाद अपने आसपास की महिलाओं को भी रिक्शा चलाना सिखाना शुरू कर दिया है। वह शाम को जब रिक्शा चलाकर लौटती हैं तो बस्ती की महिलाओं को रिक्शा, रेहड़ी चलाना सिखाती हैं।

हालातो ने बना दिया मर्दानी :-

अन्नु ने बताया कि लोग महिला और लड़कियों का परिवार होने के चलते उनके साथ बुरा व्यवहार भी करते थे। आते-जाते कमेंटबाजी भी सहन की। कई बार उनका रिक्शा भी रोककर पलट दिया था लेकिन इसके बाद भी अन्नु नहीं रूकी। अब वह दिन के पूरे 8 घंटे रिक्शा चला रही हैं।

तानों की है आदत :-

अन्नु ने बताया कि जो भी रिश्तेदार थे, उन्होंने घरों में काम करने की सलाह दी। लेकिन अन्नु अपनी बात पर डटी रही और पति का रिक्शा नहीं छोड़ा। अन्नु की मेहनत रंग लाई और उन्होंने नया रिक्शा खरीदा। बेटियों की पढ़ाई के लिए भी कोई कमी नहीं रखी। परिवार सुखी रहे, इसलिए बस्ती से दूर जाकर रहना शुरू कर दिया। अन्नु कहती हैं कि वह समाज के इन तानों पर ध्यान नहीं देतीं।

बहुतों के लिए सहारा :-रिक्शाचालक अन्नू शर्मा

समाज के कई लोगों के लिए अन्नु सहारा भी हैं। अन्नु ने बताया कि जब वह रिक्शा लेकर वापस लौटती हैं तो वह उन महिलाओं के पास जाती हैं जो अपने परिवार से पीड़ित हैं। वह उनका हौंसला भी बढ़ाती हैं। महिलाएं अन्नु से मिलने उनके घर पर आती हैं। रिक्शाचालक अन्नु को कॉलेजों से लेकर सोसायटी में बुलाकर सम्मानित भी किया जा चुका है। भौपूरा में रहने वाली सरोज कुमारी ने बताया कि उनके पति शराब पीकर पूरे परिवार को पीटते हैं। अन्नु की इस हिम्मत ने उन्हें हौंसला दिया और वह भी अन्नु से रिक्शा चलाना सीख रही हैं।

सिखा रही हैं हुनर :-

अन्नु ने बताया कि वह भौपूरा और पसौंडा की करीब 7 महिलाओं को रिक्शा और रेहड़ी चलाना सिखा रही हैं। ये महिलायें हफ्ते में दो या तीन बार उनके पास आती हैं।