Ultimate magazine theme for WordPress.

हिमाचल प्रदेश का “चायल” हिल स्टेशन

0

चायल हिमाचल प्रदेश का प्रसिद्ध हिल स्टेशन और पर्यटक स्थल है.

चायल शिमला से 44km और सोलान से 45km की दुरी पर स्थित है. चायल महल अपनी वास्तुकला के लिए बहुत प्रसिद्ध है. इस महल का निर्माण ब्रिटिश राज के दौरान पटियाला के महाराजा ने समर रिट्रीट के रूप में करवाया था. यहाँ का क्रिकेट मैदान और पोलो मैदान पटियाला के पूर्व शाही परिवार के स्वामित्व में था. ये समुद्रतल से 2,250 m की ऊँचाई पर स्थित है. ये विश्व का सबसे ऊंचा क्रिकेट मैदान है.

चायल को यात्रियों के स्वर्ग के रूप में भी जाना जाता है. इस क्षेत्र का वातावरण सुखद और शांतिपूर्ण है जो शिमला में रहने वाले व्यक्तियों को आनंद प्रदान करता है.

सं 1891 में, लार्ड किचनर ने पटियाला के महाराजा भूपिंदर सिंह के इंडियन समर कैपिटल, शिमला में प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया. इस बात पर महाराजा बहुत नाराज़ हुए और उन्होंने अपने लिए एक नए समर रिट्रीट के निर्माण करने का फैसला किया. जिस कारण उन्होंने अपनी आवयश्कता अनुसार चायल का निर्माण किया.

भारतीय संघ से विलय के पश्चात, पटियाला के महाराजा ने ज्यादातर इमारतों को चायल मिलिटरी स्कूल और भारत सरकार को दान कर दिया.

चायल 2,250 m की ऊँचाई पर स्थित है. ये स्थान चारो और से चीर देवदार और विशाल देवदार के पेड़ों से घिरा हुआ है. यहाँ से शिमला, सोलान और कसौली का नाईट व्यू देखने को मिलता है. चायल गर्मियों में सुखद और सर्दियों में ठंडा रहता है. यहाँ औसत रेनफॉल 150mm है.

आकर्षण :

# राष्ट्रिय मिलिट्री स्कूल : ये राष्ट्रिय मिलिट्री स्कूल चायल का निवास्थान है. जो देश के पांच राष्ट्रिय मिलिट्री स्कूलों में से एक है. जहां लगभग 300 सैनिक छात्रों को देश के भविष्य के लीडर बनने के लिए तैयार कराया जा रहा है.

# चायल अभ्यारण, साधुपुल (3km) : इस अभ्यारण को 21 मार्च 1976 को शिमला जिले के एक शहर में अधिसूचित किया गया था जिसका क्षेत्रफल लगभग 10,854.36 hectares में फैला हुआ है. चायल अभ्यारण में कई तरह के पशु पक्षी देखने को मिलते है. स्थानों को देखने के लिए खुरुइन में मचानों का निर्माण किया गया है.

# क्रिकेट मैदान : देवदार के घने वनों से घिरे चायल क्रिकेट मैदान को विश्व का सबसे ऊंचा क्रिकेट मैदान माना जाता है. इसका निर्माण सं 1893 में हुआ था. ये मैदान 2,444 m की ऊँचाई पर स्थित है. चायल मिलिट्री स्कूल द्वारा इसका प्रयोग स्कूल प्लेग्राउंड के रूप में किया जाता है. स्कूल वकेशंस के दौरान इसे पोलो मैदान के रूप में प्रयोग में लाया जाता है. यहाँ एक अच्छी तरह से बनाया गया बास्केट बाल कोर्ट है. मैदान के एक कोने में एक ऐतिहासिक पेड़ है जिस पर मिलिट्री स्कूल ने एक खूबसूरत ट्री हाउस का निर्माण किया है.

# चायल मिलिट्री स्कूल : पटियाला के महाराजा द्वारा निर्मित प्राचीन इमारतों में से एक.

# चायल गुरुद्वारा : चायल गुरुद्वारा इस स्थान के प्रमुख आकर्षणों में से एक है. ये पहली ईमारत है जिसका निर्माण पटियाला के महाराजा द्वारा महल के निर्माण के पश्चात कराया था. इस गुरूद्वारे का निर्माण सं 1907 में इंडो-वेस्टर्न शैली में किया गया है. गुरूद्वारे की 22ft ऊंची लकड़ी की छत इसकी मुख्य और आकर्षक विशेषता है. चायल आने वाले पर्यटक यहाँ अवश्य आते है.

# काली का टिब्बा
# लवर्स पॉइंट
# जुन्गा से चायल तक एक 10km लम्बा ट्रेक है जो जुन्गा और चायल को जोड़ता है. जुन्गा, साधुपुल से 10km की दुरी पर स्थित है.

आवागमन :

चायल सड़क मार्ग द्वारा देश के अन्य हिस्सों से कन्नेक्टेड है. शिमला से यहाँ दो मार्ग द्वारा पंहुचा जा सकता है पहला है कुफरी द्वारा जो 45km लम्बा है और दूसरा कंडाघाट द्वारा जो 49km लम्बा है. कालका यहाँ से 86km की दुरी पर स्थित है. चायल से शिमला, चंडीगढ़ और दिल्ली के लिए नियमित बसों की सुविधा उपलब्ध है. यहाँ का नजदीकी एयरपोर्ट चंडीगढ़ (120km) और शिमला (63km) है.

एयरपोर्ट – शिमला का जुब्बरहति एयरपोर्ट
रेलवे – कालका-शिमला रेलवे
रोडवेज – चायल रोड द्वारा भी आसानी से पंहुचा जा सकता है.

साहसिक गतिविधियाँ :

चायल विभिन्न पहाड़ी श्रृंखलाओं और घने हरे जंगलों में स्थित है. चायल में आने वाले पर्यटक कई तरह की साहसिक गतिविधियाँ कर सकते है. जिन पर्यटकों की साहसी खेलो में रूचि है वे यहाँ अपनी इच्छापूर्ति कर सकते है.

# बम्बू ब्रिज एडवेंचर एक्टिविटी : बांस का पुल नदी को पार करने के लिए प्रयोग में लाया जाता है जो पर्यटकों के लिए एक अनोखा एडवेंचर टास्क होता है और जिसका वे भरपूर आनंद व् खतरा उठाते है.

# फ्लाइंग फॉक्स : फ्लाइंग फॉक्स, प्रदर्शन करने में थोड़ा खतरनाक है, जिसके कारण इस क्षेत्र में इसके लिए प्रशिक्षित व्यक्तियों द्वारा ट्रेनिंग दी जाती है.

# रोप वाक (रस्सी पर चलना) : उच्च ऊँचाई पर एक रस्सी पर चलना थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है, परन्तु ये एक रोमांचक और जीवन को खतरे में डालने वाला अनुभव हो सकता है. इस टास्क को करते समय रस्सी पर संतुलन बनाये रखना एक अत्यन्त महत्वपूर्ण टास्क है.

# रॉक रपपेल्लिंग : इस टास्क को करने के लिए उत्कृष्ट तैयारी और पूर्ण अभ्यास की आवयशकता होती है. ताकि पर्यटकों के लिए ये सुरक्षित रहे.

# बुर्मा ब्रिज : बुर्मा ब्रिज का निर्माण केबल द्वारा किया गया है जिसपर चलते समय शरीर का संतुलन बनाए रखना होता है. इस पुल पर चलने के लिए पूर्ण प्रशिक्षण और सुरक्षा की आवयश्कता होती है ताकि इससे होने वाली हानि से पर्यटकों को बचाया जा सके.

# टायर ब्रिज (टायर से बना पुल) : टायर पुल एक चैन के आकार का पुल होता है जिसका निर्माण टायर से किया जाता है. इस पुल के आजु बाजु में पकड़ने के लिए पटरिया लगायी जाती है जो यात्री को पुल की दूसरी ओर जाने में सहायता करती है.

Title : Chail Tourism, Chail Hill Station and Tourist Place, Travel Guide