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उत्तराखंड का चोपटा पर्यटक स्थल

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चोपटा एक खूबसूरत पहाड़ है जो छोटे छोटे घास के मैदान और सदाबहार वन क्षेत्रों से ढका हुआ है. ये स्थान उत्तराखंड के केदारनाथ वन्यजीव अभ्यारण का हिस्सा है और पांच केदार के तीसरे मंदिर तुंगनाथ पर ट्रैकिंग करने का आधार (Base) है. तुंगनाथ यहाँ से 3.5 kilometres (2.2 mi) की दुरी पर स्थित है. तुंगनाथ से 1.5 kilometres (0.93 mi) की दुरी पर चंद्रशिला है जिसकी ऊँचाई 4,000 metres (13,000 ft) है.

चोपटा एक प्राकृतिक गंतव्य स्थान है जो उत्तराखंड हिमालय की गोद में स्थित है और इसके द्वारा अन्य हिमालय श्रृंखला जैसे त्रिशूल, नंदा देवी और चौखम्बा का दृश्य देखने को मिलता है. ये समुद्रतल से 2,680 metres (8,790 ft) की ऊँचाई पर स्थित है. चोपटा गांव के चारो ओर से पाइन, देवदार और rhododendron (एक प्रकार का फल) के वृक्षों से घिरा हुआ है. यहाँ वनस्पति और जीव बहुत मात्रा में पाए जाते है जिनमे पक्षियों की दुर्लभ प्रजातिया और कस्तूरी मृग सम्मिलित है.

इस स्थान को ‘मिनी स्विट्ज़रलैंड’ के नाम से भी जाना जाता है. ये ऊखीमठ से 29km, ऋषिकेश से 254 kilometres (158 mi) और राजधानी दिल्ली से लगभग 450 kilometres (280 mi) की दुरी पर स्थित है. यहाँ आने का सबसे उत्तम समय अप्रैल से नवम्बर का है. चोपटा सर्दियों का एक बहुत लोकप्रिय गंतव्य स्थान है क्योकि इस दौरान यहाँ बर्फ़बारी देखने को मिलती है. दिसंबर से मार्च तक तुंगनाथ मंदिर और चंद्रशिला बर्फ से ढके रहते है. चोपटा तक ऋषिकेश से रुद्रप्रयाग, कुंड, ऊखीमठ द्वारा या रुद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग, चमोली, गोपेश्वर द्वारा भी पंहुचा जा सकता है.

क्रियाएं :

चोपटा-तुंगनाथ-चंद्रशिला ट्रेक, ट्रेक्केर्स के लिए एक प्रसिद्ध गंतव्य स्थान है. चोपटा क्षेत्र में बहुत से ट्रेक और ट्रेल्स है जिन्हे जंगल और घास के मैदानों को काट कर बनाया गया है. चंद्रशिला, तुंगनाथ और देवरियाताल, चोपटा क्षेत्र के सबसे अच्छे ट्रेक मार्ग है. पक्षियों के बहुतायात के कारण ये स्थान पक्षी प्रेमियों के बीच अत्यधिक लोकप्रिय होता जा रहा है.

चोपटा की अन्य क्रियाएं :

कैंपिंग और ट्रैकिंग, योग, अस्तित्व गतिविधि
बर्फ पर ट्रैकिंग और बर्फ पर स्कीइंग
चट्टान पर क्राफ्टिंग करना, चट्टान पर चढ़ना और रप्पेल्लिंग करना
हिमालय की मोनाल पक्षी और कस्तूरी मृग की दुर्लभ प्रजातियों की फोटोग्राफी करना

ट्रैकिंग :

चोपटा तक जाने वाले ट्रेक पर आगे चंद्रशिला शिखर तक भी जाया जा सकता है. ये हाईकिंग प्रेमियों के लिए एक लोकप्रिय एडवेंचर ट्रिप है. इस रूट को सुरक्षित क्षेत्र में बनाया गया है. इस ट्रैकिंग के दौरान हिमालय का पैनोरमिक व्यू और कई वन देखने को मिलते है. उत्तराखंड के कुंड का नगर सामान्य तौर पर इस टूर का प्रारंभिक बिंदु होता है जिसे 3 से 5 दिन की ट्रैकिंग के बाद खत्म किया जा सकता है.

आकर्षण केंद्र :

केदारनाथ वन्य जीव अभ्यारण के घने जंगल : यहाँ शीतोष्ण और अल्पाइन वन बहुतायत में पाये जाते है. ओक, पाइन, ब्यूरेन और अन्य हिमलाय प्रजाति के पेड़ उत्तराखंड क्षेत्र के चोपटा के बड़े भागो में पाये जाते है.
वनस्पति और जीवो की उच्च विविधता
घास की भूमि के पैच (बुग्याल / मीडोज)
चंद्रशिला चोटी 4090 मीटर की दुरी पर
3680 मीटर की ऊंचाई पर तुंगनाथ मंदिर
2350 मीटर की ऊंचाई पर देवरिया ताल (झील)
अत्रिमुनि झरने
41 हिमालय शिखरों की दृष्यता – मेरु, सुमेरु, गणेश पर्वत, चौखम्बा, बंदरपूंछ, नीलकंठन, तिरसुली, नंदा देवी आदि और हिमालय पहाड़ श्रृंखला का पैनोरमिक व्यू

चोपटा की जलवायु मार्च से मई के दौरान बहुत ठंडी और शांत रहती है जब तापमान 10 °C और 30 °C के मध्य होता है. मॉनसून जुलाई से प्रारम्भ होकर अक्टूबर में समाप्त होता है. चोपटा में नवंबर से मार्च के मध्य बर्फ़बारी देखने को मिलती है जब पारा अधिकतम −15 °C और न्यूनतम 15 °C के मध्य तक गिर जाता है. जनवरी के दौरान बर्फबारी की 4 से 7 फुट मोटी परत देखी जा सकती है. पूरा शहर बर्फ से ढक जाता है ऐसा लगता है मानो पुरे शहर ने सफ़ेद रंग की चादर ओढ़ रखी हो. कई बार बर्फ़बारी के कारण चोपटा के कुछ मार्ग बंद हो जाते है. चोपटा जाने का अन्य मार्ग देवरियाताल है जो 10 से 12 km का ट्रेक है जो देवरियाताल से प्रारम्भ होता है. देवरियाताल तक सारी गांव द्वारा पंहुचा जा सकता है. लेकिन इस मार्ग को केवल सर्दियों में प्रयोग में लाना उचित होता है.

गर्मियों के दौरान हिमालय का क्लियर व्यू देखने को नहीं मिलता है क्योकि जून से अगस्त के बीच यहां बादल वाला मौसम रहता है. हिमालय के सभी शिखर बादलों से ढक जाते है जिस कारण कुछ भी ठीक तरह से दिखाई नहीं पड़ता. सर्दियों के दौरान यही आसमान बिलकुल साफ हो जाता है और सभी पहाड़ साफ़ साफ़ दिखाई पड़ते है. इस दौरान आप बर्फ से ढके पहाड़ों का 360 डिग्री का व्यू देख सकते है.

आवागमन :

यात्री वायु, रेल और सड़क मार्ग से चोपटा तक पहुँच सकते हैं। देहरादून में स्थित जॉली ग्रांट हवाई अड्डा चोपटा से 226 किमी की दूरी पर स्थित है जो सबसे निकटतम हवाई अड्डा है। इस हवाई अड्डे को नई दिल्ली में इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से, अच्छी तरह से नियमित उड़ानें द्वारा जोड़ा गया है। चोपटा का निकटतम रेलवे स्टेशन ऋषिकेश में स्थित है। चोपता पहुचने के लिए यात्री हरिद्वार, देहरादून और ऋषिकेश से उपलब्ध बस सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।

Title : Chopta Tourism, Chopta City and Hill Station To Visit in Summers