शिशु के जन्म के बाद कब तक सम्बन्ध नहीं बनाने चाहिए

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शिशु के जन्म के बाद कब तक सम्बन्ध नहीं बनाने चाहिए, नार्मल डिलीवरी के बाद सम्बन्ध कब बनाएं, सिजेरियन डिलीवरी के बाद सम्बन्ध कब बनाएं, बच्चे के जन्म के बाद कब तक सम्बन्ध नहीं बनाने चाहिए

शिशु के जन्म के बाद यह सवाल ज्यादातर सभी दम्पतियों के मन में आता है की वो कब सम्बन्ध बना सकते हैं। ऐसे में यह बहुत सी बातों पर निर्भर करता है जैसे की आपकी नार्मल डिलीवरी हुई है या सिजेरियन डिलीवरी हुई है, टाँके कैसे और कितने लगे हैं, महिला को ब्लीडिंग कब तक होती है, आदि। डिलीवरी के बाद कम से कम एक से डेढ़ महीने तक तो सम्बन्ध बनाने के बारे में सोचना भी नहीं चाहिए और ऐसा भी केवल नार्मल डिलीवरी में, क्योंकि सिजेरियन डिलीवरी वाली महिला को फिट होने में में ज्यादा समय लग सकता है।

इसके अलावा यदि आप सम्बन्ध बनाने में जल्दी करते हैं, और महिला के गर्भाशय में होने वाले घाव अभी तक पुरे ठीक भी नहीं होते हैं, तो ऐसे में महिला को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही डिलीवरी के बाद महिला में बहुत से शारीरिक के साथ मानसिक रूप से भी परिवर्तन आते हैं। ऐसे में महिला हो सकता डिलीवरी के बाद सम्बन्ध बनाने में थोड़ा हिचकीचाहट महसूस करे। लेकिन जैसे जैसे महिला थोड़ा सँभलने लगती है तो सब ठीक हो जाता है। ऐसे में महिला की फिटनेस को लेकर पुरुष को भी उनका साथ देना चाहिए।

डिलीवरी के कितने समय तक सम्बन्ध नहीं बनाना चाहिए

डिलीवरी के बाद जैसे जैसे महिला फिट होने लगती है उसके बाद आप सम्बन्ध बना सकते हैं इसके अलावा डिलीवरी के बाद सम्बन्ध कब बनाने चाहिए और उसके लिए किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए आइये अब विस्तार से जानते हैं।

ब्लीडिंग के खत्म होने तक

प्रेगनेंसी के दौरान नौ महीने तक पीरियड्स नहीं आते हैं लेकिन डिलीवरी के बाद महिला को कम से कम दो हफ्ते या उससे ज्यादा दिनों तक ब्लीडिंग होती है। ऐसे में यदि आप सम्बन्ध बनाते हैं तो इससे महिला को परेशानी होने के साथ संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में आपको इस बात का खास ध्यान रखना चाहिए की जब तक महिला को ब्लीडिंग आना अच्छे से बंद न हो जाए तब तक महिला के साथ सम्बन्ध बनाने के लिए जबरदस्ती न करें।

घाव भरने दें

नार्मल डिलीवरी के बाद प्लेसेंटा के बाहर निकलने के कारण गर्भाशय पर घाव हो सकते है, ऐसे में सम्बन्ध बनाने से संक्रमण का खतरा बहुत अधिक होता है। इसीलिए जब तक महिला का घाव अच्छे से नहीं भर जाता है तब तक डिलीवरी के बाद सम्बन्ध बनाने की सोचना भी नहीं चाहिए, ऐसा नार्मल डिलीवरी में होता है।

टांको को अच्छे से सूखने दें

केवल सिजेरियन डिलीवरी में ही नहीं बल्कि कई बार नार्मल डिलीवरी के दौरान भी महिला को टाँके लगाए जाते हैं। ऐसे में जब तक टाँके अच्छे से सूख कर सेट नहीं हो जाते हैं तब तक महिला और पुरुष को सम्बन्ध नहीं बनाना चाहिए। और महिला को पूरी तरह से आराम करना चाहिए क्योंकि यदि महिला थोड़ी सी भी लापरवाही करती है तो इसके कारण टांको के खुलने का डर रहता हैं जिससे महिला को परेशानी का अनुभव करना पड़ सकता है।

शारीरिक रूप से फिटनेस का रखें ध्यान

डिलीवरी के बाद महिला के शरीर में बहुत से बदलाव आते हैं। जिसे ठीक होने में समय लगता है, और नार्मल डिलीवरी के दौरान जहां महिला को फिट होने के लिए एक महीना लगता है वहीँ सिजेरियन डिलीवरी के बड़ा महिला को शारीरिक रूप से फिट होने में इससे ज्यादा समय लग सकता है। ऐसे में आपको इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए की जब महिला पूरी तरह से शारीरिक रूप से फिट हो तभी आपको सबंध बनाना चाहिए।

मानसिक रूप से भी होने दे फिट

प्रसव के बाद महिला में केवल शारीरिक रूप से ही नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी बदलाव आते हैं ऐसे में हो सकता है शुरुआत में महिला को सम्बन्ध बनाने में थोड़ी घबराहट हो। और इस दौरान उनके पार्टनर को उनका साथ देना चाहिए और शारीरिक के साथ मानसिक रूप से भी महिला को सम्बन्ध बनाने के लिए तैयार करना चाहिए। ताकि महिला को किसी भी तरह की कोई परेशानी न हो।

डॉक्टर से जरूर ले राय

बच्चे के जन्म के बाद शारीरिक सम्बन्ध बनाने पर किसी भी तरह की परेशानी हो इसके लिए आपको एक बार अपने डॉक्टर से भी राय लेनी चाहिए। ताकि आपको इस बात का पता हल सके की महिला पूरी तरह से फिट है भी न नहीं। क्योंकि यदि महिला फिट नहीं होती है तो इसके कारण आपको बाद में परेशानी हो सकती है ऐसे में डॉक्टर से राय लेना सही होता है।

तो यह हैं कुछ बातें जिनका आपको डिलीवरी के बाद सम्बन्ध बनाने से पहले ध्यान रखना चाहिए, इसके अलावा जब आप सम्बन्ध बनाना शुरू करते हैं उस दौरान भी आप सुरक्षा का ध्यान रखें। क्योंकि ऐसा जरुरी नहीं होता है की आप इस दौरान सम्बन्ध बनाने से प्रेग्नेंट नहीं हो सकती है, बल्कि ऐसा हो सकता है।

विडिओ डिलीवरी के बाद कब तक संबंध नहीं बनाने चाहिए?

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