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दिवाली 2017, संध्या लक्ष्मी पूजन का शुभ समय

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Diwali Puja Vidhi : दिवाली का त्यौहार बड़े ही हर्ष और उल्लास से मनाया जाने बाला पर्व है। लोग की सुख और समृद्धि का पर्व माना जाता है। कहा जाता है की ये पर्व लक्ष्मी को प्रसन्न करने का दिन होता है। सब लोग अच्छे तरीके से अपने अपने घरों में गणेश और लक्ष्मी की प्रतिमा को बैठते है और अपनी सुख और समृद्धि की कामना करते है।

कहते है इस दिन माँ लक्ष्मी की पुरे श्रद्धा भाव के साथ पूजा करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। ये भी माना जाता है की इन देवी-देवताओ के आशीर्वाद से घर में सुख-समृद्धि आती है। और घर धन-धान्य से भरपूर रहता है। इसीलिए दिवाली के दिन शुभ मुहूर्त में इन देवी-देवताओ के पूजन का विधान है। दिवाली लक्ष्मी पूजन का सबसे अच्छा टाइम प्रदोष काल मुहूर्त के दौरान स्थिर लग्न में होता है। मान्यता है की ऐसा करने से देवी लक्ष्मी सदैव के लिए आपके घर में विराजमान हो जाती है।

पौराणिक कथाओं के अनुसार इस दिन भगवान श्री राम अपना चौदह वर्ष का वनवास पूर्ण करके अयोध्या वापस लौटे थे। जिसकी ख़ुशी में नगर वासियों ने तेल के दीये जलाकर अँधेरी रात को रौशन कर अपने राजा का स्वागत किया था। मान्यता से उसी दिन से दीपावली मनाई जाने लगी। हिन्दुओं के अतिरिक्त जैन, सिख और बौद्ध धर्म को मानने वालों के लिए भी यह त्यौहार बहुत महत्वपूर्ण होता है।

आज हम आपको दिवाली की पूजा की विधि शुभ मुहूर्त और लक्ष्मी गणेश की पूजा कैसे करें, बताने जा रहे है।

दीपावली 2017 :

दीपावली का त्यौहार कार्तिक माह की अमावस्या को मनाया जाता है। जिसके प्रदोष काल में महालक्ष्मी पूजन का विधान है। माना जाता है इस दिन किया गया माँ लक्ष्मी और देव गणेश का पूजन करना बेहद फलदायी होता है।

हर साल की तरह इस वर्ष भी दिवाली पर लक्ष्मी और गणेश पूजन का एक विशेष मुहूर्त निकाला गया है। जिसके अनुसार पूजा करने से आपको माँ लक्ष्मी और देव गणेश का आशीर्वाद मिलेगा।

2017 दिवाली लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त :-

वर्ष 2017 में दिवाली 19 अक्टूबर, वीरवार को मनाई जाएगी।

लक्ष्मी पूजन के लिए तीन मुहूर्त उपयुक्त माने जाते है। प्रदोष काल मुहूर्त, महानिशिता काल मुहूर्त और चौघड़िया पूजा मुहूर्त।

आगे हम आपको इन तीनों मुहूर्त में पूजा का शुभ मुहूर्त विस्तार से बता रहे है। दीपावली में लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त जानने से पूर्व अमावस्या तिथि के बारे में जान लें।

वर्ष 2017 में कार्तिक माह की अमावस्या 19 अक्टूबर 2017, वीरवार, रात्रि 00:13* से प्रारंभ होकर 20 अक्टूबर 2017, शुक्रवार, रात्रि 00:41 पर समाप्त होगी। 

(* यहाँ समय को 24 घंटे के मुताबिक दर्शाया गया है)

वर्ष 2017 में दिवाली 19 अक्टूबर, वीरवार को मनाई जाएगी।

“प्रदोष काल मुहूर्त”

लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त = 19:11 से 20:16

मुहूर्त की अवधि = 1 घंटा 5 मिनट


प्रदोष काल = 17:43 से 20:16


वृषभ काल = 19:11 से 21:06

“महानिशिता काल मुहूर्त”

लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त = 23:40 से 24:31+ (20 अक्टूबर 2017 को 00:31) *(स्थिर लग्न के बिना)

मुहूर्त की अवधि = 0 घंटा 51 मिनट 


महानिशिता काल = 23:40 से 24:31+ (20 अक्टूबर 2017 को 00:31)


सिंह काल = 25:41+ (20 अक्टूबर 2017 को 01:41) से 27:59+ (20 अक्टूबर 2017 को 03:59)

“चौघड़िया पूजा मुहूर्त”

दिवाली लक्ष्मी पूजन के लिए शुभ चौघड़िया मुहूर्त :

प्रातःकाल मुहूर्त (शुभ) = 06:28 से 07:53

प्रातःकाल मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत) = 10:41 से 14:55


सायंकाल मुहूर्त (अमृत, चर) = 16:19 से 20:55


रात्रि मुहूर्त (लाभ) = 24:06+ (20 अक्टूबर 2017 को 00:06) से 24:41+ (20 अक्टूबर 2017 को 00:41)

लक्ष्मी पूजा को करने के लिए ज्ञानी चौघड़िया मुहूर्त को देखने की सलाह नहीं देते हैं क्योंकि वे मुहूर्त यात्रा के लिए उपयुक्त होते हैं। लक्ष्मी पूजा के लिए सबसे उपयुक्त समय प्रदोष काल के दौरान होता है जब स्थिर लग्न प्रचलित होती है। दीवाली पूजा को दीपावली पूजा और लक्ष्मी गणेश पूजन के नाम से भी जाना जाता है।

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