एक से बारह महीने तक शिशु का विकास

एक से बारह महीने तक शिशु का विकास, महीने दर महीने शिशु का विकास, जन्म से एक साल तक शिशु का विकास, एक साल तक बच्चे में क्या क्या बदलाव आते हैं

बच्चे के जन्म के बाद तीन साल तक शिशु की ग्रोथ बहुत तेजी से होती है, साथ ही आप हर दिन बच्चे में कुछ नया करने की क्षमता को देखते है। बच्चे की सभी पहली हरकत किसी भी कपल के के लिए बहुत खास होती है। लेकिन बच्चे पहले साल में क्या क्या नई हरकत करता है। कैसे उसमे धीरे धीरे विकास होता है, चाहे फिर वो उसकी पहली करवट का लेना हो, या उसका पहली बार चलना, मुँह से कुछ बोलने की कोशिश करना हो, या चीजों को पकड़ने की कोशिश करना आदि। तो आइये आज हम आपको विस्तार से बताते हैं की जन्म के पहले महीने से लेकर एक साल तक शिशु क्या क्या नई हरकत करता है और किस तरह से उसका विकास होता है।

शिशु का पहले महीने में विकास

जन्म के बाद शिशु के पहले महीने में वजन करीब तीन से 3.5kg हो सकता है। शुरुआत के दिनों में शिशु ज्यादा सोता हो है। लेकिन जब वह उठता है तो अपनी गर्दन को इधर उधर घुमाने की कोशिश करता है। इस दौरान उसके सुनने और देखने की क्षमता बेहतर होती जाती है। और वो पूरी तरह से अपनी आँखे खोलता है और यदि आप उससे बात करते हैं, तो कई बार वो गरारे जैसी आवाज़ करके प्रतिक्रिया देने की कोशिश भी करता है।

पहले महीने में बच्चा रंगो की तरफ भी आकर्षित होता है, लेकिन उसे पकड़ नहीं पाता है, लेकिन यदि आप उसके हाथ में अपनी ऊँगली देती हैं तो वो उसे जोर से पकड़ लेता है। और एक महीने का होते होते शिशु आपसे नज़रे भी मिलाने लगता है, और हल्के हल्के हाथ पैर भी मारने की कोशिश करता है। ऐसे में शिशु के साथ आपको थोड़ी बातें करनी चाहिए जिससे उससे विकास को और तेजी से होने में मदद मिल सके।

शिशु का दूसरे महीने में विकास

दूसरे महीने में शिशु के पहली मुस्कराहट का आपको अनुभव होता है, ऐसे में आप इस पल को फोटो में कैद कर सकते है। साथ ही अब शिशु थोड़ा ज्यादा समय के लिए जागता है, और आपको रात भर में वो उठकर बार बार परेशान भी नहीं करता है। क्योंकि यदि वो पेट भर कर सोता है तो वो एक लम्बी नींद लेता है। इसके अलावा अब शिशु अपनी मुट्ठी को खोलकर खिलौने आदि को पकड़ने की कोशिश भी करता है। दूसरे माह तक आते हुए शिशु का वजन भी लगभग 4 से 5 kg के बीच में हो जाता है। और कई बार आपको ऐसा भी लगेगा की जिस तरह मुँह बनाकर आप शिशु से बात करेंगे शिशु भी उसी तरह मुँह बनाकर, हाथ पैर तेजी से चलाते हुए आपसे बात करेगा।

तीसरे महीने में शिशु का विकास

इस दौरान शिशु का शारीरिक विकास भी तेजी से होता है, और उसकी मांसपेशियां भी मजबूत होने लगती है। और वो तेजी से अपनी गर्दन और सिर को घुमा सकता है, कई बच्चे तीन महीने के होते होते पलटी भी मारने लग जाते हैं। अब आपका शिशु अपने हाथों से अपने पैरों की उँगलियों को पकड़ने की कोशिश भी कर सकता है। यदि आप बच्चे को उल्टा लिटाते हैं तो वह अपने सिर को उठाकर खिसकने की कोशिश करता है।

तीसरे महीने तक आते आते शिशु में आपको बहुत सी नई क्षमताओं का विकास होते हुए दिखता है। अब शिशु अपनी बंद मुट्ठियों को पूरी तरह से खोलने की कोशिश करता है। इस दौरान शिशु के सोने की प्रक्रिया भी अच्छे से सेट होने लगती है, और वो दिन में अधिक समय खेलने लगता है। तीसरे महीने का शिशु लगभग पांच से 5.30 kg का हो सकता है।

चौथे महीने में शिशु का विकास

शिशु की सुनने की क्षमता इस दौरान अधिक हो जाती है ऐसे में यदि आप उसे आवाज़ लगाती हैं, तो वह मुस्कुरा कर आपको देखने की कोशिश करता है। और इस समय आपको शिशु अचानक से पीठ से पेट के बल लेटकर आपको हैरान भी कर सकता है। रंगो की तरफ बच्चा तेजी से आकर्षित होने लगता है। और अब आपको उसके हाथों को पकड़कर उसे खड़ा करने की कोशिश भी कर सकती है।

ऐसे में इस समय आपको शिशु को दूध पिलाने में परेशानी हो सकती है क्योंकि थोड़ी सी भी आवाज़ सुनकर वो दूध पीना छोड़ सकता है। ऐसे में आपको शांत जगह पर बैठकर शिशु को दूध पिलाना चाहिए। यदि आप चाहे तो आप शिशु को चौथे महीने में थोड़ा बहुत पकड़कड़ अपनी गोद में बिठा भी सकती है। इस समय शिशु का वजन लगभग छह से सात किलो तक हो सकता है।

पांचवे महीने में शिशु का विकास

इस समय शिशु का शारीरिक विकास और तेजी से होने लगता है जैसे वो अपने आप बैठ सकता है, आपकी गोद में आने के लिए अपनी बाजू से इशारा करता है। आपके बातें करने पर ऊँची आवाज़ करके जवाब देने की कोशिश करता है। खिलौनों को पकड़कर मुँह में डालने की कोशिश करता है। इस दौरान आप शिशु की टांगो की मजबूती के लिए उसे पकड़कड़ खड़ा करने की कोशिश कर सकती है।

अब उसकी नज़रे बहुत जड़ी घूमने लगती है, जैसे की किसी चीज के गिरने की आवाज़ से उसकी आँख कान वहीँ हो जाते है, यदि कोई मक्खी आदि उड़ रही है तो वो उसे देखकर खुश होकर उसे पकड़ने की कोशिश करता है। मुँह से नई नई आवाज़ें निकालकर बुलबुले आदि निकालने लगता है। शिशु का वजन भी अब सात से 7.5 kg तक हो सकता है।

छठे महीने में शिशु का विकास

छटे महीने तक आते आते शिशु का वजन लगभग आठ किलो तक हो जाता है। अब जब आप शिशु को उल्टा लिटाते हैं तो वह घुटनो के बल आगे खिसकने की कोशिश करता है। और साथ ही कई बच्चे तो ऐसा करने भी लग जाते हैं। अब आपका बच्चा अच्छे से बैठने, पलटने लग जाता है। लेकिन ऐसा हो सकता है की अब शिशु की भूख बढ़ने लग जाए क्योंकि शिशु का विकास तेजी से होने के साथ केवल दूध से काम चलना मुश्किल हो सकता है।

अब शिशु के हाथ भी तेजी से काम करने लगते हैं जैसे की जल्दी से खिलौने को पकड़ लेता है, हर चीज को मुँह में डालने की कोशिश करता हैं क्योंकि चार से छह महीने के बीच कई बच्चों के दांत निकलने भी शुरू हो जाते है। इस समय शिशु को अकेला नहीं छोड़ना चाहिए और बेड पर छोड़कर नीचे मैट बिछाकर आप शिशु को खिलौने आदि से सकती है इससे शिशु के गिरने का खतरा आदि नहीं रहता है।

सातवें महीने में शिशु का विकास

हाथ की पकड़ मजबूत होने पर यदि अब आप शिशु के सामने ताली बजाते हैं तो शिशु वैसा ही करने की कोशिश करता है। साथ ही यदि वह बोतल से दूध पीता है तो अपने आप बोतल को भी पकड़ने लगता है। इस महीने में दूध के साथ आप बच्चे को ठोस आहार भी दिन में दो से तीन बार दे सकती हैं। इससे शिशु के बेहतर शारीरिक और मानसिक विकास को होने में मदद मिलती है। अब शिशु का वजन भी आठ किलो से ज्यादा हो सकता है। अब शिशु लेता हुआ पलटकर अपने आप बैठने लग जाता है।

अब खिलौनों से भी शिशु आसानी से खेलने लग जाता है, और अब आपको केवल उसकी आवाज़ ही नहीं बल्कि खिलौने के गिरने की आवाज़ भी सुनाई देना लगेगी। अब आप चाहे तो शिशु को हाथ पकड़कर दिन में बार बार खड़ा करने की कोशिश भी कर सकती है, इससे बच्चे को चलने में मदद मिलेगी। अब यदि आप अपने मुँह को शिशु के पास लेकर जाती हैं तो वह उसे की पकड़कर अपने मुँह में डालने की कोशिश कर सकता है। इस दौरान कई बच्चों के दांत भी निकल जाते हैं ऐसे में बच्चे की दुगुनी केयर करनी चाहिए।

आठवे महीने में शिशु का विकास

अब शिशु नई नई चीजों को खेलने के लिए ढूंढ़ना शुरू करता है, साथ ही अब शिशु को आपके आने जाने का पता भी चलता है। ऐसे में जब आप उसके सामने कहीं जाने लगते हैं तो वह रोना शुरू कर देता है। और अपनी बाजुओं को उठाकर आपके पास आने के लिए कहता है। हो सकता है इस समय बच्चा कुर्सी या किसी चीज को पकड़कर खड़ा होने की भी कोशिश करें, या उसे पकड़कर हल्का फुल्का चलने की कोशिश करे।

अब शिशु अपनी भावनाओं को भी व्यक्त कर सकता है जैसे की आपको किस कर सकता है, यदि आपने उसे बाय करना सिखाया है तो वो कर सकता है, आपको अपने पास हाथों का इशारा करके बुला सकता है, आदि। इस दौरान बच्चा खड़े होने के चक्कर में बार बार गिर भी सकता है ऐसे में आपको उसका दुगुना ध्यान रखना चाहिए। इस समय आपका बच्चा मामा या कुछ शब्द भी बोलना शुरू कर सकता है। आठवे महीने तक आते आते बच्चे का वजन भी 8.5 से 9 kg तक हो सकता है।

नौवें महीने में शिशु का विकास

अब शिशु को हमेशा कुछ नया चाहिए होता है, और वो हर चीज को खोलने का प्रयास करने लगता है। इस दौरान कई बच्चे थोड़ा बहुत चलने भी लग जाते हैं। इस दौरान शिशु को खिलोने बिखेरना बहुत अच्छा लगता है, और वो कुछ न कुछ नया करने की कोशिश करता रहता है। अब आप शिशु को ब्लॉक्स लाकर दे सकते हैं जिसे वो जोड़ना सीख सकता है या अन्य कुछ ऐसे टॉय जिससे उसकी कौशल क्षमता को बढ़ाने में मदद मिल सके। लेकिन इस बात का खा ध्यान रखें की शिशु के आस पास की चीजे साफ़ हो और उसे किसी चीज से चोट लगने का डर न हो।

दसवें महीने में शिशु का विकास

इस महीने में शिशु काफी आत्मिश्वासी हो जाता है और तेजी से काम को करने लगता है, साथ ही आपके बुलाने पर एक दम से आपके पास भी आने लगता है। अब शिशु कुछ कामों को करने में आपका विरोध भी करने लगेगा जैसे की यदि आप उसे एक जगह बिताने की भी कोशिश करेंगी तो वो आपको हटाने की कोशिश करेगा या रोने लग जायेगा, नहाते समय ऐसा कर सकता है, तो अब समय आ जाता है की आपका बच्चा थोड़े नखरे भी दिखाने लग जाता है। इस दौरान शिशु का वजन भी नौ से दस किलो के आस पास हो जाता है।

ग्याहरवें महीने में शिशु का विकास

अब शिशु आपकी बातों को समझने लगता है जैसे आप उसे किसी चीज के लिए मना करती हैं तो आपकी यह बात उसे समझ आती है। साथ ही आप उसे बताती है की क्या सही है और किस चीज को हाथ नहीं लगाना है तो यह भी उसे पता चलता है, हो सकता है अब आपका बच्चा अच्छे से चलने भी लग जाए क्योंकि ज्यादातर बच्चे अपने पहले जन्म दिन से पहले चलना शुरू कर देते हैं। इस दौरान शिशु का वजन भी दस किलों से ज्यादा हो जाता है। और इस समय यदि आप बच्चे को कॉपी आदि देते हैं तो उसे पन्ने पलटना बहुत अच्छा लगता है और वो इसे बहुत एन्जॉय करता है।

बाहरवें महीने में शिशु का विकास

इस समय आपका शिशु चुस्ती भरे खेल खेलना पसंद करता है, और हर काम को फुर्ती से करने लगता हैं। कई बच्चे इस समय कुछ शब्दों का तुतलाकर उच्चारण भी करने लग जाते हैं। ऐसे में आपको अपने बच्चे को बातें करके इन शब्दों को सीखांना चाहिए। साथ ही इस समय बच्चा अपने आधे से ज्यादा दांत निकाल लेते हैं, और यदि आपका बच्चा अभी नहीं चलने लगा है तो वह सीख जाता है इस समय बच्चे का वजन भी ग्यारह किलो या उससे ज्यादा हो सकता है। और साथ ही यदि आप बच्चे का बेहतर विकास करता चाहती हैं तो उसके लिए आपको अपने बच्चे के हर पल को एन्जॉय करके उसे महसूस करना चाहिए।

तो यह हैं शिशु के विकास से जुडी कुछ बातें जिससे आपको पता चलता है की शिशु का एक से लेकर बारह महीने तक विकास किस तरह से होता है। और बच्चे के हर एक ख़ास पल हमेशा आपको यादों में यादगार लम्हे की तरह रहते हैं, और आप इन्हे वीडियो या कैमरा में कैद कर सकते है।