नमाज़ में पढ़े जाने वाले सुरह और उनका हिंदी मीनिंग

नमाज़ में पढ़े जाने वाले सुरह और उनका हिंदी मीनिंग

नमाज़ में पढ़े जाने वाले सुरह

इस्लाम में क़ुरान को सबसे पाक माना जाता है। इसीलिए अल्लाह के लिए दुआ अदा करते समय नमाज पढ़ी जाती है। नमाज अदा करते समय सुरह पढ़ी जाती है, जो इंसान को सही राह पर चलने का रास्ता दिखाती है। यहाँ हम नमाज की उन्ही सुरहों में से कुछ सुरह का ज़िक्र कर रहे है जो बहुत ही आसान है। ये सुरह अक्सर नमाज में पढ़ी जाती है।


Surah (1) Al-Fatiha – सुरह 1: अल-फातिहा – الفاتحة

Bismillah-Hirrahman-Nirrahim,
Alhamdulillahi Rabbil Alamiin,
Ar Rahmaa Nir Rahim Maaliki Yaumidiin,
Iyaaka Na Ubudu Wa Iyaaka Nastaiin Ihdina Siratal Mustaqiim Siraatal Laziina An Amta Alay Him Ghairil Maghdubi Alay Him Wa Lad Daaalliim (Ameen)

Hindi Meaning :

1. अल्लाह के नाम से जो रहमान व रहीम है।
2. तारीफ़ अल्लाह ही के लिये है जो तमाम क़ायनात का रब है।
3. रहमान और रहीम है।
4. रोज़े जज़ा का मालिक है।
5. हम तेरी ही इबादत करते हैं, और तुझ ही से मदद मांगते है।
6. हमें सीधा रास्ता दिखा।
7. उन लोगों का रास्ता जिन पर तूने इनाम फ़रमाया, जो माअतूब नहीं हुए, जो भटके हुए नहीं है।


Surah (108) Al-Kawthar – सुरह 108: अल-कौसर – الكوثر

Inna Aataina Kal Kausar Fasalli Li Rab-Bika Wan Har Inna Shani Aka Hu Wal Abtar

Hindi Meaning :

(1). (ऐ रसूल) हमनें तुमको को कौसर अता किया,
(2). तो तुम अपने परवरदिगार की नमाज़ पढ़ा करो
(3). और क़ुर्बानी दिया करो बेशक तुम्हारा दुश्मन बे औलाद रहेगा।


Surah (113) Al-Falaq – सुरह 113: अल-फलक – الفلق

Qul Auzu Bi Rabbil Falaq Min Sharrimaa Khalaq Wa Min Sahrri Ghasiqin Izaa Waqab Wa Min Sahrrinnaffa Sati Fil Uqad Wa Min Sahrri Haasidin Izaa Hasad

Hindi Meaning :

(1). (ऐ रसूल) तुम कह दो कि मैं सुबह के मालिक की
(2). हर चीज़ की बुराई से जो उसने पैदा की पनाह माँगता हूँ
(3). और अंधेरी रात की बुराई से जब उसका अंधेरा छा जाए
(4). और गन्डों पर फूँकने वालियों की बुराई से
(5). (जब फूँके) और हसद करने वाले की बुराई से।


Surah (114) Al-Nas – सुरह 114: अल-नास – الناس

Qul Auzu Birabbin Naas Malikin Naas Ilaahin Naas Min Sharril Was Waasil Khanaas, Allazi Yawas Wisu Fii Suduurin Naas Minal Jinnati Wan Naas.

Hindi Meaning :

(1). (ऐ रसूल) तुम कह दो मैं लोगों के परवरदिगार
(2). लोगों के बादशाह
(3). लोगों के माबूद की (शैतानी)
(4). वसवसे की बुराई से पनाह माँगता हूँ
(5). जो (ख़ुदा के नाम से) पीछे हट जाता है जो लोगों के दिलों में वसवसे डाला करता है
(6). जिन्नात में से ख्वाह आदमियों में से।


Surah (112) Al-Ikhlas – सुरह 112: अल-इखलास – الإخلاص

Qul Hu Wallaahu Ahad Allahu Samad Lam Yalid Walam Yuulad Walam Yakul Lahu Kufu Wan Ahad.

Hindi Meaning :

(1). (ऐ रसूल) तुम कह दो कि ख़ुदा एक है
(2). ख़ुदा बरहक़ बेनियाज़ है
(3). न उसने किसी को जना न उसको किसी ने जना,
(4). और उसका कोई हमसर नहीं।


Surah (109) Al-Kaafiruun – सुरह 109: अल-काफिरून – الكافرون

Qul Yaa Ayuhal Kaafirun Laa Abudu Maa Ta Buduun Walaa Antum Aabiduuna Maa Abud Walaa Ana Aabidum Maa A Battuum Walaa Antum Aabiduna Maa Aabud Lakum Diinukum Wa Liya Diin.

Hindi Meaning :

(1). (ऐ रसूल) तुम कह दो कि ऐ काफिरों
(2). तुम जिन चीज़ों को पूजते हो, मैं उनको नहीं पूजता
(3). और जिस (ख़ुदा) की मैं इबादत करता हूँ उसकी तुम इबादत नहीं करते
(4). और जिन्हें तुम पूजते हो मैं उनका पूजने वाला नहीं
(5). और जिसकी मैं इबादत करता हूँ उसकी तुम इबादत करने वाले नहीं
(6). तुम्हारे लिए तुम्हारा दीन मेरे लिए मेरा दीन।


Surah (97) Al-Qadr – सुरह 97: अल-कादर – القدر

Innaa Anzalnaahu Fiy Laylatil Qadr Wa Maa Adraaka Maa Laylatul Qadr Laylatul Qadri Khayrum Min Alfi Shahr Tanazzalul Malaaikatu War Ruuhu fiyhaa BiIzni Rabbihim Min Kulli Amrin Salaamun Hiya Hattaa Matlail Fajr.

Hindi Meaning :

(1). हमने (इस कुरान) को शबे क़द्र में नाज़िल (करना शुरू) किया
(2). और तुमको क्या मालूम शबे क़द्र क्या है
(3). शबे क़द्र (मरतबा और अमल में) हज़ार महीनो से बेहतर है
(4). इस (रात) में फ़रिश्ते और जिबरील (साल भर की) हर बात का हुक्म लेकर अपने परवरदिगार के हुक्म से नाज़िल होते हैं
(5). ये रात सुबह के तुलूअ होने तक (अज़सरतापा) सलामती है।


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