पचमढ़ी पर्यटक स्थल

पचमढ़ी केंद्रीय भारत के मध्य प्रदेश राज्य में स्थित एक प्रसिद्ध हिल स्टेशन है. यहाँ एक छावनी भी है जो ब्रिटिज राज के बाद से यहाँ स्थित है. इस स्थान को “सतपुड़ा की रानी” भी कहा जाता है. पचमढ़ी होशंगाबाद जिले की सतपुड़ा श्रृंखला की घाटी में 1100 m की ऊँचाई पर स्थित है. धूपगढ़, मध्य प्रदेश और सतपुड़ा का सबसे ऊंचा स्थान यहाँ स्थित है जिसकी ऊँचाई (1,350 m) है.

पचमढ़ी एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है. पचमढ़ी में आने वाले पर्यटकों का पुरे वर्ष ताँता लगा रहता है. यहाँ कई से होटल मौजूद है जो मुख्य तौर पर मुख्य बाजार में स्थित है. MP टूरिज्म होटल बस स्टैंड से 2 से 3 kilometer की दुरी पर स्थित है.

पचमढ़ी में बहुत सी गुफाएं है जो यहाँ के वनों में स्थित है. जिनमे से कुछ लगभग 10,000 वर्ष पुरानी है. स्थान के आधार पर एक गार्डन है जो यहाँ का पर्यटक आकर्षण है इसे पांडव गुफाओं के नाम से जाना जाता है. ये गुफाएं मूल रूप से बौद्ध गुफाएं है परन्तु इनके नाम अभी तक ज्ञात नहीं हुए है. इस स्थान पर लकड़ी और सागौन की समृद्धता देखने को मिलती है परन्तु ये आरक्षित स्थानों में सम्मिलित किये जाते है जिस कारण यहाँ कोई नया निर्माण और पेड़ों की कटाई नहीं की जा सकती. दुर्लभ वनस्पति और जीवो से समृद्ध, पचमढ़ी में या उसके आस पास के क्षेत्र में नया निर्माण करने के लिए केंद्रीय सरकार या राज्य सरकार की अनुमति लेना आवशयक है.

पर्यटकों के अन्य आकर्षण स्थल :

रजत प्रपात (विशाल झरना)
बी फॉल (मधुमखी झरने)
धूत अखिलेश
बड़ा महादेव
गुप्त महादेव
चौरागढ़ (शिव जी के भक्त यहाँ महाशिवरात्रि के दौरान आते है)
धूपगढ़ (सतपुरा और मध्य प्रदेश का सबसे ऊंचा शिखर)
हांड़ी खोह (गहरी घाटी)
अप्सरा झरने
जटाशंकर (गहरी कन्दरा में stalagmite से भरी गुफा)
डचेस फॉल
पचमढ़ी पहाड़ी
पैन्सी पूल
वाटर्स मीट
पिकाडिली सर्कस
पथरचट्टा
क्रुम्प्स क्रेग
लेडी रॉबर्टसन व्यू
कोल्लेटिंन क्रेग
माउंट रोसा
हांड़ी खो
रीचगढ
राजेंद्र गिरी (प्राकृतिक दृश्य वाले सुन्दर उद्यान)
बंसरी बिहार
लिटिल फॉल
नागद्वारी
द्रौपदी कुंड
भारत का मध्य बिंदु

पचमढ़ी में प्रकृति के अंतहीन स्पॉट, हरियाली, breath-taking व्यू, झरने, पहाड़ी नदिया, समृद्ध और दुर्लभ वन्यजीव पाये जाते है.

वन्यजीव :
यहाँ स्तनधारी जीवो की बहुत से प्रजातिया पायी जाती है जिनमे बाघ, तेंदुआ, जंगली सूअर, गौड़ (Bos gaurus), चीतल हिरण (Axis axis), muntjac हिरण, सांभर हिरण (Cervus unicolor), और rhesus macaques सम्मिलित है.

यहां के स्थानीय जीवो में चिंकारा, नीलगाय, जंगली कुत्ते, भारतीय भेड़िया, जंगली सांड, भारतीय विशाल गिलहरियाँ और उड़ने वाली गिलहरियाँ सम्मिलित है.

गर्मियों के दौरान पचमढ़ी के वन फलों से पेड़ों से परिपूर्ण होते है जिनमे आम, जामुन, कस्टर्ड फल आदि सम्मिलित है. इन पेड़ों में से कुछ के फल बहुत कम जाने जाते है परन्तु वे बहुत स्वादिष्ट होते है जैसे खटुआ, तेंदू, चुनना, खिन्नी और चार. इन वनों को इनके औषधीय पौधों और जड़ी बूटियों की समृद्धता के लिए भी जाना जाता है.

धूपगढ़ :

सतपुड़ा श्रृंखला का सबसे ऊंचा स्थान है धूपगढ़. इसे सूर्योदय और सूर्यास्त पॉइंट के लिए भी जाना जाता है. रात्रि के समय यहाँ से आस पास के शहरों का अनुपम दृश्य देखा जा सकता है. दिन के दौरान हरी भरी घाटी का मनमोहक दृश्य देखा जा सकता है. इस शिखर तक सड़क मार्ग और ट्रैकिंग द्वारा आसानी से पंहुचा जा सकता है.

चौरागढ़ :

ये यहाँ का दूसरा सबसे ऊंचा शिखर है. ये एक धार्मिक स्थल है जिसके शिखर पर भगवान् शिव का एक मंदिर स्थित है. यहाँ एक चौरागढ़ किला भी है जिसका निर्माण गोंड साम्राज्य के राजा संग्राम शाह ने करवाया था. इसे सूर्योदय देखने का एक उत्तम स्थान माना जाता है. इस स्थान तक पहुंचने के लिए 1300 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती है जो आपको थका देने वाला हो सकता है.

B-Hill और B-Falls :

ये पचमढ़ी का सबसे ऊंचा झरना है. इसका नाम ऐसा इसलिए है क्योकि झरने से कुछ दुरी पर यदि ध्यान केंद्रित करे तो ये मधुमक्खी की भांति आवाज करता है.

डचेस फॉल :

ये झरना दूर होने साथ साथ बहुत सुन्दर है. झरने द्वारा निर्मित तालाब में एक डॉक्टर मछली भी है. इस झरने से यहाँ का मुख्य रोड थोड़ी दुरी पर स्थित है.

पनर पानी :

पनरपानी एक प्राकृतिक ताज़े पानी की झील है जिसके चारो ओर जंगल ही जंगल है.

संगम :

ये धूपगढ़ की पहाड़ियों के पीछे स्थित संप्रवाह है. इस नदी में बहने वाला पानी केवल शरद ऋतू को छोड़कर अन्य सभी ऋतुओ में क्रिस्टल की भांति साफ़ रहता है.

जटाशंकर और महदेव गुफाएं :

ये पहाड़ी गुफाएं है जिनपर साफ़ पानी की बुँदे गिरती रहती थी. यहाँ के पहाड़ ज्यादातर नदियों के पानी से भीगे रहते है परन्तु शरद ऋतू के दौरान वो इन नदियों के पानी को सोख लेते है. जैसा की इसके नाम से प्रतीत होता है, ये गुफाएं और इनके जैसे अन्य गुफाएं भगवान शिव का निवासस्थान है.

सिल्वर फाल्स :

इन्हे रजत प्रपात/बड़े झरने भी कहा जाता है. ये झरना 2800 फ़ीट से भी ऊंचे स्थान से गिरता है जो एक अत्यन्त सुन्दर नदी का निर्माण करता है जिसके कारण इसका नाम सिल्वर फाल्स रखा गया है. यहाँ के घने जंगल इसकी प्राकृतिक खूबसूरती में चार चाँद लगाते है.

अप्सरा विहार :

ये एक पहाड़ी नदी है जो सुन्दर प्राकृतिक पानी की झील का निर्माण करती है. इसके अलावा पचमढ़ी में कई झरने है जिनमे से कुछ के बारे में तो हम आपको बता चुके है और शेष के बारे में आप पचमढ़ी जाकर ही पता कर पाएंगे.

पहुंच :

पचमढ़ी , भोपाल, छिंदवाड़ा, इंदौर, जलबलपुर से सड़क मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है. भोपाल के ISBT हबीबगंज से चलने वाली बसें पचमढ़ी पहुंचने के लिए ज्यादा से ज्यादा 5 से 6 घंटे का समय लेती है और इंदौर से भोपाल होते हुए चलने वाली बसें 10 से 11 घण्टे का समय लेती है. विभिन्न नगरों जैसे छिंदवाड़ा, बबाई, सोहागपुर और पिपारिया से चलने वाली बसें पचमढ़ी के लिए आसानी से उपलब्ध है.
पिपारिया यहाँ का निकटतम रेलवे स्टेशन है.

मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम की बस सुविधा पचमढ़ी से इंदौर और भोपाल के लिए उपलब्ध है. ये बसें पूरी तरह वातानुकूलित होती है.

Title : Pachmarhi Tourism, Pachmarhi City and Best Place to Visit in MP