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जब पहली बार मासिक धर्म हो तो इन बातों का ध्यान रखें

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मासिक धर्म को रजोधर्म के नाम से भी जाना जाता है, इसमें महिलाओ की योनि से लाल रंग के गाड़े रक्त का स्त्राव होता है, जब यह पहली बार किसी लड़की हो होता है, तो वो लड़की या तो डर जाती है, या उसमे हींन भावना उत्त्पन्न होने लगती है, परंतु लड़कियों को पहले बार ऐसा होने पर घबराने की बजाय इसका सामना करना चाहिए, क्योंकि ये भी शरीर की गतिविधियों में से एक है, आइये जानते है पहली बार मासिक धर्म होने पर लड़कियों को किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

मासिक धर्म के बारे में यदि लड़की को पहले से जानकारी न हो तो उन्हें बहुत दुविधा का सामना करना पड़ता है, पहली बार जब लड़कियों को मासिक धर्म होता है, तो लड़कियों के मन में उन्हें न पता होने पर सवाल आता है, की ये खून क्यों आ रहा है, कही उन्हें कोई चोट तो नहीं लगती है, क्योंकि इसके कारण पेट में दर्द आदि भी होने लगता है, और इस तरह रक्त का प्रवाह होने के कारण लडकिया शर्म भी महसूस करती है, परंतु इसे देख कर आपको घबराने की जगह अपने किसी बड़ी बहन या माँ और भाभी से इस बारे में पूछना चाहिए, और बिलकुल भी शर्म नहीं महसूस करनी चाहिए।

मासिक धर्म महिलाओ की सामान्य शारीरिक गतिविधियों में से एक है, जो हर महीने होती है, और आपकी शारीरिक गतिविधियां जैसे की आपको भूख का लगना, प्यास लगना, उड़ने या मल का आना, यह लड़कियो को आठ से सत्रह वर्ष की उम्र तक किसी भी उम्र में शुरुआत होती है, और क्या आप जानते है की यदि किसी लड़की को मासिक धर्म नहीं होता है, तो इसके कारण वो माँ बनने के सुख से भी वंचित रह जाती है, प्रकृति ने स्त्रियों को गर्भाशय, अंडाशय, फेलोपियन ट्यूब , और योनि देकर उसे सन्तान को जन्म देने का महत्वपूर्ण काम दिया है।

इसीलिए लड़कियों को पहली बार मासिक धर्म होने पर घबराना या शर्माना नहीं चाहिए, बल्कि इसे सँभालने की कोशिश करनी चाहिए, मासिक धर्म के होने पर कई लड़कियों के पेट या कमर में होने वाले दर्द की समस्या हो जाती है, और इसके लिए लड़कियों को कभी भी किसी दवाई आदि का सेवन नहीं करना चाहिए, तो आइये हम आपको बताते है, की लड़कियों को पहली बार मासिक धर्म होने पर किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, और किस तरह से अपनी केयर करनी चाहिए।

डरे नहीं, अपने से किसी बड़ी महिला से इस विषय में बात करें:-

पहली बार अपनी योनि में से यदि आप खून आते हुए देखते है, तो आपको डरना नहीं चाहिए, यदि आपके घर में किसी बड़े ने आपको बताया है, तो इसका सामना करे, और सुरक्षा जैसे की पैड आदि का इस्तेमाल करें, और यदि आप स्कूल में है तो मेडिकल में जाकर किसी लेडी डॉक्टर या अपनी टीचर को इस बारे में बताएं, या फिर आप घर में है तो अपनी माँ या बड़ी बहन, भाभी को भी इस बारे में बता सकती है, परंतु इसे देखकर न तो आपको घबराना चाहिए, और न ही डरना चाहिए।

साफ़ सफाई का ध्यान रखें:-

लड़कियो को इन दिनों अपनी योनि की साफ़ सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए, जैसे की जब भी वो बाथरूम में जाती है, तो उन्हें अपनी योनि को अच्छे से साफ़ करना चाहिए, और अच्छे से धोना चाहिए, साथ ही इन दिनों में खास कर अपनी योनि के लिए ज्यादा खुशबूदार प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल भी नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसके कारण योनि का पी एच स्तर बिगड़ सकता है, जिसके कारण आपको इन्फेक्शन का खतरा होता है, और हो सकें तो गरम पानी से नहाना चाहिए।

सैनिटरी पैड का भी ध्यान रखें:-

जिस भी सैनिटरी पैड का आप इस्तेमाल करती है, उसे हर छह से आठ घंटे में बदलते रहना चाहिए,क्योंकि आपकी योनि से रक्त का प्रवाह होता रहता है, और वहाँ पर बेक्टरिस का जमाव भी होता है, जिसके कारण इन्फेक्शन का खतरा बना रहते है, और इसके कारण कभी कभी खुजली जलन की भी समस्या उत्त्पन्न हो जाती है, इसके अलावा आपको कपडे का इस्तेमाल भी नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसके कारण आपको जल्दी इन्फेक्शन होता है, और साथ ही योनि से कई बार बदबू भी आने लगती है।, इसीलिए आपको सैनिटरी पैड का ही इस्तेमाल करना चाहिए,और उसे बदलते रहना चाहिए।

ज्यादा उछल कूद न करें:-

लड़कियों को मासिक धर्म के समय में ज्यादा उछल कूद, और बाहर जाने को जितना हो सकें नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसके कारण महिलाओ को मासिक धर्म के समय रक्त का बहाव ज्यादा हो सकता है,  और पेट में होने वाले तेज दर्द का भी सामना करना पड़ सकता है, और कई बार ज्यादा चलने के कारण महिलाओ को रैशेस आदि की भी परेशानी हो जाती है, है आप चाहे तो हलके फुल्का योगा या व्यायाम कर सकते है, परंतु ज्यादा भाग दौड़ आदि से परहेज रखना चाहिए।

दर्द होने पर किसी दवाई का सेवन न करें:-

शुरुआत के दिनों में कई लड़कियों के पेट और कमर में काफी दर्द होता है, परंतु आपको इस दर्द से निजात पाने के लिए किसी भी तरह की दवाई आदि का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसके कारण आपका दर्द तो खत्म हो जाता है, परंतु आपको रक्त का ज्यादा भाव, और अगली बार मासिक धर्म में आने वाली गड़बड़ी का सामना करना पड़ सकता है, आपको यदि ज्यादा दर्द होता है, तो आप मासिक धर्म में होने वाले पेट दर्द को खत्म करने वाले तरीको का इस्तेमाल कर सकती है, इसके कारण आपको पेट में होने वाले दर्द से राहत भी मिल जाती है, और कोई साइड इफ़ेक्ट भी नहीं होता है, और इस दर्द से निजात पाने के सबसे सरल नुस्खा होता है, की आप सिकाई करें।

संतुलित व् पोष्टिक आहार का सेवन करें:-

हो सकें तो मासिक धर्म के समय लड़कियों को संतुलित व् पोष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए और बाहर के जंक फ़ूड और ज्यादा मसाले वाले खाने से परहेज करना चाहिए, ज्यादा मात्रा में ठन्डे पदार्थो का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसके कारण आपको परेशानी का अनुभव हो सकता है, और लड़कियों को इस समय कमजोरी का अहसास भी होता है, तो इस कमजोरी को खत्म करने के लिए ही लड़कियों को संतुलित व् पोष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए।

पहली बार मासिक धर्म होने पर ध्यान देने योग्य अन्य बातें:-

  • पानी का भरपूर मात्रा में सेवन करना चाहिए।
  • ज्यादा भारी वजन या ज्यादा भागदौड़ वाल काम नहीं करना चाहिए, क्योंकि आपके शरीर को आराम की जरुरत होती है।
  • ज्यादा तनाव नहीं लेना चाहिए।
  • खान पान के प्रति लापरवाही नहीं करनी चाहिए, क्योंकि इस समय लड़कियों के शरीर से कई खनिज और मिनरल्स बाहर निकल जाते है, जिनकी कमी को पूरा करने के लिए संतुलित व् पोष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए।
  • हो सकें तो उन दिनों में ठन्डे पानी को न तो पीना चाहिए और न ही नहाना चाहिए, नहाने के लिए आपको गरम पानी का इस्तेमाल करना चाहिए।
  • जंक फ़ूड और ज्यादा मसाले वाले खाने से परहेज रखना चाहिए।
  • हरी पत्तेदार सब्जियों में आयरन होता है, इसे अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए।

तो ये सब कुछ बातें है जिनका ध्यान लड़कियों को पहली बार मासिक धर्म होने पर रखना चाहिए, क्योंकिइस दौरान यदि साफ़ सफाई या केयर न की जाएँ तो आपको अनचाहे दर्द या ज्यादा ब्लड फ्लो की परेशानी हो सकती है, और यदि आपको फिर भी कुछ समझ नहीं आता है, तो इस बरे में आपको अपनी माँ या बहन या फिर घर की किसी और बड़ी महिला से पूछना चाहिए, ताकि आपको किसी परेशानी का सामना न करना पड़ें, और धीरे धीरे आपको इसके बारे में पूरी जानकारी हो जाती है, मासिक धर्म लड़कियों को कम से कम तीन और ज्यादा से ज्यादा पांच दिन होता है, यदि आपको इसमें कोई परेशानी हो तो आपको एक बार डॉक्टर को जरूर दिखाना चाहिए।