बोर्ड एग्जाम 2018 : दिल्ली सरकारी स्कूल का प्री बोर्ड एग्जाम का रिजल्ट हुआ ख़राब

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सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2018 : 10वी बोर्ड एग्जाम 5 मार्च से शुरू होंगे। दिल्ली के 991 स्कूलों के करीब 1.3 लाख स्टूडेंट्स को भी बोर्ड एग्जाम देना होगा। इससे ठीक पहले सरकारी स्कूलों में 10वीं क्लास के मिड टर्म और प्री बोर्ड एग्जाम के नतीजों ने दिल्ली सरकार की चिंता बढ़ा दी है। डेप्युटी सीएम मनीष सिसोदिया ने सख्त हिदायत दी है की अगर स्चूलों का रिजल्ट खराब आया तो इसका जिम्मेदार टीचर होगा।

डेप्युटी सीएम ने अधिकारियों के साथ रिव्यू मीटिंग की। सामने आया कि कुछ स्कूलों में तो प्री बोर्ड एग्जाम का रिजल्ट 10 पर्सेंट से भी कम रहा है। इसके बाद डेप्युटी सीएम ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही 3 दिन में सबसे खराब प्री बोर्ड रिजल्ट वाले 10 स्कूलों की लिस्ट भी मांगी है। रिजल्ट अच्छा कैसे हो उसके लिए एक्शन प्लान भी माँगा। दिल्ली सरकार ने साफ कर दिया है कि स्कूलों में खराब रिजल्ट को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। प्रिंसिपल और टीचर अपनी जवाबदेही से नहीं बच सकते। उन्हें खराब रिजल्ट को लेकर जवाब देना ही होगा।


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मनीष सिसोदिया ने अधिकारीयों को निर्देश दिया की की उन स्कूलों के हेड के साथ उन सब्जेक्ट टीचरों के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, जहां 10वीं के प्री बोर्ड एग्जाम का रिजल्ट खराब रहा है। डेप्युटी सीएम ने अपने आदेश में कहा है कि किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता कि कुछ स्कूलों में 10 पर्सेंट बच्चे भी मिनिमम पास पर्सेंटेज न पा सके। इन स्कूलों की खराब परफॉर्मेंस के चलते ओवरऑल रिजल्ट पर खराब असर पड़ेगा।


दिल्ली सरकारी स्कूल में दसवीं क्लास में मिड टर्म एग्जाम का रिजल्ट 21.5 पर्सेंट रहा था और प्री बोर्ड एग्जाम का रिजल्ट 31.5 पर्सेंट रहा। प्री बोर्ड एग्जाम में 1.34 लाख स्टूडेंट्स शामिल हुए थे और उनमें से करीब 32 प्रतिशत स्टूडेंट ही पास हो पाए। साउथ डिस्ट्रिक्ट का प्री बोर्ड एग्जाम में रिजल्ट 26.2 और साउथ ईस्ट का रिजल्ट 28.4 रहा। ईस्ट डिस्ट्रिक्ट में 29.4, नॉर्थ ईस्ट में 32, नॉर्थ में 34.5, नॉर्थ वेस्ट ए डिस्ट्रिक्ट में 35.2, नॉर्थ वेस्ट बी में 29.1, वेस्ट ए में 31.4, वेस्ट बी में 32.7, साउथ वेस्ट ए में 41.3, साउथ वेस्ट बी में 33.9, नई दिल्ली और सेंट्रल में 35.4 पर्सेंट स्टूडेंट्स दसवीं के प्री बोर्ड एग्जाम में पास हो पाए हैं।

सीबीएसई स्कूल में इस साल से ही बोर्ड की परीक्षा देना पड़ रहा है, अभी तक स्टूडेंट के पास स्कूल स्टार पर परीक्षा या बोर्ड परीक्षा में शामिल होने का आप्शन होता था, सीबीएसई के बारहवी के लगातार ख़राब रिजल्ट आने के चलते ही ये कदम उठाया गया है, ताकि सीबीएसई बारहवीं का रिजल्ट अछा हो और पढाई का स्तर को सुधारा जा सके।