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रमजान के महीने (रोजा) में क्या करें क्या नहीं करें?

रमजान में क्या करना चाहिए, रमजान में भूलकर भी न करे ये काम

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रमजान का पावन महीना शुरू हो चूका है। यह अल्लाह के आशीर्वाद को पाने के लिए सबसे सही समय होता है, क्योंकि रमजान इस्लाम का आधार स्तम्भ है। रमजान का महीना एक ऐसा महीना होता है जब जो व्यक्ति इबादत से दूर होता है वो भी इबादत करता है। और इस समय में आपके द्वारा मांगी गई सभी दुआए, मन्नते जल्दी कबूल होती है। रोजा रखने से आपकी आत्मा पवित्र होती है और आपके पाप भी धूल जाते है। और ऐसा भी माना जाता है की इस समय जन्नत के दरवाज़े खोल दिए जाते है और जहुन्नम के बंद हो जाते है।

एक महीने के रोजा के समय में अल्लाह की बरकत पाने का सबसे अच्छा समय होता है।इस महीने में यदि आप रोजा रखने वाले व्यक्तियों को इफ्तार करवाते है, तो आपको अल्लाह का आशीर्वाद पाने में मदद मिलती है। इन दिनों में जरुरतमंदो को खाना खिलाने और दान करने से आपको फल मिलता है। लेकिन इफ्तार रखते समय आपको बहुत सी बातों का ध्यान रखना पड़ता है जैसे की क्या करना है क्या नहीं, आइये इस बारे में आपको विस्तार से बताते है।

रमजान के महीने में क्या नहीं करना चाहिए:-

लड़ाई झगड़ा न करें:-

रमजान के महीने में मन को शांत रखना चाहिए, और किसी से लड़ाई झगड़ा नहीं करना चाहिए। और न ही किसी को अपशब्द कहने चाहिए, यदि आपसे कोई लड़ाई करता है, तो उसे तीन बार प्यार से कहे की आपका रोजा है। और शांति और धैर्य से बात करें।

महिलाओ के प्रति बुरी नज़र न रखें:-

वैसे तो ऐसा आपको कभी भी नहीं करना चाहिए, लेकिन रमजान के महीने में इसबात का खास ध्यान रखना चाहिए की आप महिलाओ को बिल्कुल भी नज़र से न देखें। क्योंकि यदि आप ऐसा करते है तो ऐसा करने से आपका रोजा रखने का कोई फायदा नहीं होता है, और वह रोजा नहीं माना जाता है।

ज्यादा तेज से न तो बता करें न हंसें:-

रमजान के महीने में आपको इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए, की न तो आपको ऊँची आवाज़ में बात करनी चाहिए, और न ही जोर जोर से पागलो की तरह हंसना चाहिए। सुंदर और प्यार मुस्कान आपके आकर्षण को बढ़ाती है, लेकिन यदि आप ऊँचा बोलते या जोर जोर से हँसते है तो इससे आपका रोजा ख़राब हो जाता है।

पूरा दिन खाने के बारे में न सोचें:-

रोजा रखने पर आपको पूरा दिन खाने के बारे में नहीं सोचना चाहिए, और न ही इफ्तार के समय आवश्यकता से अधिक खाना चाहिए। ऐसा करने से भी आपका रोजा नहीं माना जाता है। और यदि आप पूरा दिन खाने के बारे में ही सोचते रहेंगे तो इससे अल्लाह की इबाबत पर आपका ध्यान केंद्रित नहीं हो पाएगा।

बुरे काम न करे:-

बुरे काम केवल आपके पाप को बढ़ाते है, और हमेशा बुरे का फल आपको उससे भी बुरा मिलता है। रमजान के पाक महीने में न तो आपको बुरे करम करने चाहिए, जैसे की पीठ पीछे किसी की बुराई करना, झूठ बोलना, धर्म की निंदा करना, ऐसा करने से आपका रोजा खराब हो जाता है।

सम्बन्ध न बनाएं:-

रमजान के महीने में आपको शारीरिक सम्बन्ध भी नहीं बनाने चाहिए, और इसके बारे में सोचना भी नहीं चाहिए। क्योंकि रमजान के महीने में इस बारे में बात करना भी प्रतिबंधित है। इसलिए अपने पार्टनर से दूरी बनाकर रखें। साथ ही इस तरह के मज़ाक के अपने दोस्तों या किसी और से नहीं करना चाहिए

वजन कम करने के रोजा न करें:-

रोजा रखने में लिए आपके मन में सही भाव होना चाहिए, न की आपको अपने वजन को कम करने के लिए रोजा रखना चाहिए, यदि आप अपने वजन को कम करने के लिए रोजा रखते है, और अल्लाह के प्रति आपका कोई भाव नहीं है तो ऐसा रोजा करने से भी कोई फायदा नहीं मिलता है।

कपड़ो का भी ध्यान रखना चाहिए:-

रमजान के महीने में आपको अपने पहनावे पर भी खास ध्यान देना चाहिए। किसी भी तरह के गंदे कपडे नहीं पहनने चाहिए। लड़कियों को अपने सर को ढक कर रखना चाहिए ताकि कोई भी विपरीत सेक्स का व्यक्ति अपनी तरफ आकर्षित न हो, और न बुरी नज़र डाले।

किसी भी तरह का नशा न करें:-

धूम्रपान, शराब, तम्बाकू, व् अन्य किसी भी प्रकार के नशे को आपको रमजान के महीने में नहीं करना चाहिए। क्योंकि यदि आप किसी भी तह का नशा लेते है तो आपके रोजे मकरूह हो जाते है, इसीलिए इनसे दूरी बनाकर रखनी चाहिए।

रमजान के महीने में क्या करना चाहिए:-

अच्छे काम करें:-

रमजान का महीने में आप जितने अच्छे कमा कर सकते है उतने करने चाहिए। जैसे की यदि आप जरुरतमंदो को खाना खिलाते है, दान देते है, रोजदारों को इफ्तार करवाते है, तो ऐसे में अल्लाह की बरकत पाने में आपको मदद मिलती है, साथ ही आपका रोजा भी सफल होता है।

अल्लाह की इबाबत करें:-

रमजान के पाक महीने में जितना हो सके आपको अल्लाह की इबाबत करनी चाहिए, समय से नमाज़ पड़नी चाहिए। अल्लाह की जितनी आप इबादत करते है आपको अल्लाह की बरकत उतनी ही मिलती है।

इफ्तार खिलाएं:-

रोजा रखने पर आपको लोगो को इफ्तार पर बुलाना चाहिए, उन्हें इफ्तार खिलाना चाहिए, ऐसा करने से न केवल आपके बीच का प्यार बढ़ता हैं बल्कि अल्लाह का रहम और बरकत आप पर बनी रहती है।

सबसे प्रेम से मिलें:-

रमजान के महीने में अपने मन को शांत रखना चाहिए, और सबसे प्रेम से मिलना चाहिए, यदि आप सबसे प्रेम सम्बन्ध बनाकर रखते है। तो इससे आपके रिश्तो को बेहतर होने में मदद मिलती है, साथ ही उनके बीच का प्यार बढ़ता है।

दान दें:-

रमजान में महीने में दान देने का बहुत महत्व है, आप जितना दान चाहे उतना दान करें। क्योंकि ऐसा करने से अल्लाह को खुश करने में आपको मदद मिलती है और साथ ही आप पर अल्लाह की दुगुनी बरकत बनती है। ऐसा नहीं है की दान में केवल आप पैसा दें बल्कि जो भी आप दे सकते है उसका दान करें।

तो यदि आप भी रोजा रख रहे है तो इन बातों का ध्यान रखना चाहिए। रोजा रखने के कई आध्यात्मिक फायदे भी हैं जैसे की आपकी आत्मा शुद्ध होती है, आपके दिमाग में बुरे विचार नहीं आते है, ख़ुशी मिलती है, अल्लाह की तरफ ध्यान बढ़ता है, आदि। तो यदि आप भी रमजान के महीने में रोजा रखते है तो अच्छे मन से इसे करे।