बच्चों की परवरिश

यदि आपका शिशु सर्दियों में जन्म लेगा तो इन बातों का ध्यान रखें?

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जन्म के बाद शिशु की देखभाल बेहतर तरीके से करना हर महिला के लिए एक बहुत बड़ी जिम्मेवारी होती है। क्योंकि नवजात उस समय बहुत छोटा होता है और जन्म के बाद गर्भाशय और बाहर के वातावरण में फ़र्क़ होने के कारण उसे बेहतर केयर की जरुरत पड़ती है। ताकि शिशु का विकास अच्छे तरीके से हो और शिशु को हर परेशानी से बचाव करने में मदद मिल सके। ऐसे में मौसम का ध्यान भी रखना जरुरी होता है जैसे की यदि शिशु गर्मियों में हो तो अलग तरीके से शिशु की केयर करने के टिप्स होते हैं, बरसात के मौसम में शिशु की केयर के अलग टिप्स होते हैं और ठण्ड का मौसम हो तो शिशु को अलग देखभाल की जरुरत पड़ती है।

ठण्ड के मौसम में शिशु का जन्म होने पर इन बातों का ध्यान रखें

यदि महिला की डिलीवरी सर्दियों में हो रही है तो महिला को अपनी सेहत के साथ शिशु की सेहत का अभी अच्छे से ध्यान रखना चाहिए। ताकि शिशु को ठण्ड के कारण कोई भी दिक्कत न हो, तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की ठण्ड के मौसम में शिशु का जन्म होने पर किन किन बातों का धयान रखना चाहिए।

महिला रखे अपना ध्यान

सर्दियों में शिशु का जन्म होने पर शिशु से पहले महिला को अपना ध्यान रखना चाहिए क्योंकि यदि महिला को ठण्ड लग जायेगी, तो इससे शिशु को भी ठण्ड लगने का खतरा हो सकता है। ऐसे में महिला को ठण्ड से बचाव के लिए ऊनी कपडे, जुराबे, टोपी सब पहनना चाहिए, गर्म तासीर वाले आहार लेने चाहिए जैसे की गोंद के लड्डू, तिल के लड्डू, ड्राई फ्रूट्स, देसी घी आदि का भरपूर सेवन करना चाहिए, गुनगुने पानी से नहाना चाहिए, भरपूर आराम करना चाहिए, आदि। ऐसा करने से महिला को ठण्ड से बचे रहने में मदद मिलती है जिससे शिशु को भी ठण्ड के खतरे से बचाया जा सकता है।

स्तनपान

जन्म के बाद माँ का दूध शिशु के लिए अमृत या किसी वरदान से कम नहीं होता है क्योंकि यह केवल शिशु के विकास के लिए सभी जरुरी पोषक तत्व ही शिशु तक पहुंचाने में मदद नहीं करता है। बल्कि इससे शिशु की इम्युनिटी को बढ़ाने यानी शिशु को संक्रमण से बचाव के साथ शिशु के बेहतर विकास में भी मदद मिलती है।

टीकाकरण

एक बात का खास ध्यान रखें की शिशु का टीकाकरण समय से करवाए और शिशु का कोई भी टीका लगवाना भूलें नहीं। क्योंकि शिशु को जन्म के बाद टीकाकरण सही समय से करवाने से भी भी शिशु को बीमारियों से बचाव के साथ मौसम में होने वाले बदलाव के कारण होने वाली समस्याओं से निजात पाने में भी मदद मिलती है।

मालिश

सर्दियों में शिशु के शरीर को गर्माहट पहुंचाने के लिए शिशु की मालिश जरूर करनी चाहिए साथ ही मालिश करने से शिशु की बॉडी में ब्लड फ्लो को बेहतर तरीके से होने में मदद मिलती है। सर्दियों में शिशु की मालिश के लिए सरसों का तेल सबसे उत्तम होता है। लेकिन मालिश करते समय इस बात का ध्यान रखें की कमरे को बंद करके शिशु की मालिश करें ताकि शिशु को हवा न लगे, और उसके बाद शिशु को कपडे पहना दें।

कमरे का तापमान

सर्दी के मौसम में कमरे के तापमान का ध्यान रखना चाहिए कमरे में सभी खिड़कियाँ दरवाजे बंद रखने के चाहिए जिससे ठंडी हवा कमरे में न आ सके। साथ ही कमरे को गर्म रखने के लिए रूम में थोड़ी थोड़ी देर बात आप हीटर भी चला सकते हैं। इसे शिशु को सर्दी से बचाव करने में मदद मिलती है। साथ ही एक बात का ध्यान और भी रखना चाहिए यदि आप हीटर का इस्तेमाल करते हैं तो कमरे को सारा दिन बंद करके भी नहीं रखना चाहिए क्योंकि इससे घुटन महसूस हो सकती है ऐसे में कमरे में दरवाजे को थोड़ी देर खोल भी देना चाहिए।

कपडे

ठण्ड के मौसम में डिलीवरी होने पर महिला को सर्दी से बचने के लिए गर्म कपडे पहनने चाहिए और साथ ही शिशु को भी गर्म कपडे पहनाने चाहिए। शिशु के सिर, पैर, हाथ सब ढक कर रखने चाहिए, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है की आप शिशु को कपड़ो से भर दें, इस बात का खास ध्यान रखें की शिशु को आप जो भी कपडे पहनाएं उसमे शिशु आरामदायक महसूस करे और अच्छे से सांस ले सके।

नहलाना

वैसे तो छोटे बच्चे को आप एक दिन छोड़कर भी नहला सकती है, और यदि आप उसे नहलाती है तो शिशु को ठण्ड के मौसम में ठन्डे पानी से बिल्कुल नहीं नहलाना चाहिए। क्योंकि इससे शिशु को ठण्ड लगने के साथ निमोनिया जैसी समस्या होने का खतरा भी रहता है। इसीलिए शिशु को नहलाने के लिए गुनगुने पानी का इस्तेमाल करना चाहिए, और बंद जगह पर शिशु को नहलाना चाहिए जहां पर बाहर की हवा न हो, क्योंकि सर्दियों में हवा वाली जगह पर शिशु को नहलाने से शिशु को ठण्ड लगने का डर रहता है। और नहलाने के बाद शिशु को दूध पिलाकर सुला देना चाहिए इससे शिशु शिशु को ठण्ड से बचाव में मदद मिलती है।

आराम

सर्दियों के मौसम में शिशु को ठण्ड से सुरक्षित रखने के लिए जितना हो सके शिशु को आराम करने देना चाहिए। इससे शिशु के बेहतर विकास को होने के साथ शिशु को हेल्दी रहने में भी मदद मिलती है।

संक्रमण

शिशु को सर्दियों में सर्दी जुखाम व् अन्य संक्रमण से बचाव के लिए साफ़ सफाई का ध्यान तो रखना चाहिए लेकिन शिशु को ऐसे व्यक्ति को नहीं देना चाहिए। जो की सर्दी जुखाम की समस्या से परेशान हो। क्योंकि यदि शिशु किसी ऐसे व्यक्ति के पास जाता है तो शिशु को भी ठण्ड लगने का खतरा व् संक्रमण होने का खतरा हो सकता है।

स्किन केयर

ठण्ड के मौसम में शिशु की स्किन को मॉइस्चराइज करके रखना चाहिए ताकि शिशु की स्किन की कोमलता को बरकरार रखने में मदद मिल सके।

तो यह हैं कुछ खास टिप्स जिनका ध्यान महिला को सर्दियों में शिशु का जन्म होने पर रखना चाहिए। ताकि ठण्ड के कारण शिशु और महिला दोनों को सुरक्षित और हेल्दी रखने में मदद मिल सके।

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