सावन कब से है और इसका क्या महत्व है?

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Sawan 2018 Calendar : श्रावण माह जिसे आम भाषा में सावन माह कहा जाता है हिन्दू धर्म के पवित्र महीनों में से एक है। हिन्दू धर्म में इस माह का बहुत अधिक महत्व है क्योंकि इस महीने में भगवान् शिव की आराधना की जाती है और उनका आशीर्वाद लेने के लिए भक्तगण व्रत उपवास भी रखते हैं।

हिन्दू पंचांग के अनुसार यह माह जुलाई-अगस्त के महीने में आता है। इस महीने में सावन के सोमवार का बड़ा खास महत्व होता है। माना जाता है इस महीने में भगवान् शिव का पूरी श्रद्धा के साथ पूजन करने से जीवन में लाभ मिलता है।

सावन के महीने में सोमवार के व्रत के अलावा बेलपत्र का भी खास महत्व होता है। सोमवार के दिन जो भी व्यक्ति बेलपत्र और जल से साथ भोलेनाथ का अभिषेक करता है उसे प्रभु आशीर्वाद देते हैं। सावन के महीने के दौरान कई हजार श्रद्धालु महान ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के लिए हरिद्वार, देवघर, उज्जैन, नासिक आदि कई धार्मिक स्थलों पर जाते हैं।

प्रकृति से है सावन का संबंध :

धार्मिक महत्व होने के साथ-साथ सावन का प्रकृति के साथ भी खास संबंध है। क्योंकि इसी माह में वर्षा ऋतू प्रारंभ होती है जिससे पूरी धरती हरियाली की चादर ओढ़ लेती है। भयंकर गर्मी के बाद वर्षा ऋतू की पहली बारिश सभी को राहत देने का काम करती है, इसके अलावा सावन के महीने में और भी कई त्यौहार मनाए जाए हैं।

सावन में व्रत का महत्व (Sawan Vrat):

सावन के महीने में केवल सावन के सोमवार ही नहीं बल्कि और भी व्रत का महत्व होता है। सावन के महीने में सोमवार व्रत के साथ-साथ, सावन की शिवरात्रि और 16 सोमवार के व्रत का भी महत्व है। इसी महीने से 16 सोमवार के व्रत आरंभ किये जाते हैं। इसके अलावा सावन के प्रदोष व्रत का भी विशेष महत्व माना जाता है क्यूंकि यह व्रत भी भगवान् शिव के लिए रखा जाता है।

श्रावण की कावड़ यात्रा (Kavad yatra):

इस यात्रा का शिव जी से सीधा संपर्क माना जाता है। कहते है जो भी भक्त पूरी श्रद्धा के साथ भोलेनाथ की कावड़ यात्रा पूर्ण करता है उसके सभी पाप नष्ट हो जाते है। कावड़ यात्रा में भक्त उत्तराखंड की शिवनगरी हरिद्वार और गंगोत्री धाम जाते है और वहां से गंगा जल लेकर पैदल चलकर, साइकिल, बाइक, ऑटो या किसी अन्य तरीके से जल से भरी कावड़ शिव मंदिर तक लाते है और जल से शिव जी का अभिषेक करते हैं। यह यात्रा साल में एक बार की जाती है इसमें पुरुष और महिलाएं दोनों भाग लेते है। कावड़ ले जाने वाले भक्तों को कांवड़ियां कहा जाता है।

रक्षाबंधन (Raksha Bandhan 2018):

सावन की पूर्णिमा यानी 26 अगस्त 2018 को रक्षाबंधन मनाया जाएगा। यह सावन महीने का आखिरी दिन है जो रविवार के दिन पड़ रहा है।

सावन 2018 – Sawan Calendar 2018

2018 में सावन का महीना 28 जुलाई, शनिवार से शुरू हो रहा है। जो 26 अगस्त, रविवार को खत्म होगा। 2018 का सावन कैलेंडर कुछ इस प्रकार है –

ये कैलेंडर उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश के लिए है। अन्य राज्यों के लिए तारीख में अंतर हो सकता है।

 तारीख  दिन  पर्व
 28 जुलाई 2018  शनिवार  सावन मास शुरू, सावन माह का पहला दिन
 30 जुलाई 2018  सोमवार  पहला सावन सोमवारी व्रत
 06 अगस्त 2018  सोमवार  सावन सोमवार व्रत
 11 अगस्त 2018  शनिवार  हरियाली अमावस्या
 13 अगस्त 2018  सोमवार  सावन सोमवारी व्रत और हरियाली तीज
 20 अगस्त 2018  सोमवार  सावन सोमवार व्रत
 26 अगस्त 2018  रविवार  सावन का अंतिम दिन

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