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जानिये शरीर के कौन से अंग के फड़कने का क्या अर्थ होता है?

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अंग के फड़कने का क्या अर्थ होता है :- रामचरित मानस के रचियता श्री तुलसीदास जी महाराज ने अपनी इस ग्रंथ के कई स्थानों पर अंग फड़कने के फल और उसके प्रभावों का उल्लेख किया है. इसके अलावा ज्योतिष के एक ग्रंथ समुद्र शास्त्र में भी शरीर के अंगो के फड़कने के अर्थो का पूरी तरह विस्तार से वर्णन किया गया है.

सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार इंसान का शरीर बेहद ही संवेदनशील होता है. उसके पास एक ऐसी ताकत होती है जो होने वाली घटना को पहले ही भांप लेती है. लेकिन ये भी सत्य है की आज कल के समय में इस तरह की बातों की अंधविश्वास का नाम देकर उन पर यकीन नहीं किया जाता.

परंतु यदि आप समुद्र शास्त्र के बारे में थोड़ा सा भी जानते है तो इंसान के कौन से अंग के फड़कने का क्या अर्थ होता है इस बात को आसानी से जान सकते है. पहले के समय में अंगो के फड़कने के विषय में बहुत सी धारणाये मानी जाती थी जो आज भी प्रचलित है. कई जगह अंगो के फड़कने को शगुन और अपशगुन से भी जोड़ा जाता है. जिसमे कितनी सच्चाई है ये तो कोई भी नहीं जानता. आज से नहीं बल्कि प्राचीन समय से ही अंगो के फड़कने का महत्त्व चला आ रहा है. इसीलिए आज हम आपको बताने जा रहे है की कौन से अंग के फड़कने का क्या अर्थ होता है.

आंखे :-

  • बायीं – आँखों के फड़कने के विषय में सबसे अधिक मान्यताएं है. कहते है यदि किसी मनुष्य की बायीं आँख फड़क रही है तो समझ ले की उसके परिवार के किसी सदस्य या उसे स्वयं कोई बड़ी बीमारी आ सकती है.
  • दायीं – दाहिनी आंख के फड़कने को शुभ माना जाता है. अर्थात यदि दायीं आंख फड़के तो समझ लीजिये कोई शुभ समाचार मिल सकता है.

सिर :-

  • दोनों ओर – यदि किसी व्यक्ति का सिर दोनों ओर से फड़के तो समझ ले की धन की प्राप्ति होगी.
  • दाहिनी ओर – सिर का दाहिना भाग फड़कने का अर्थ होता है आपको विदेश यात्रा करने के अच्छे अवसर प्राप्त होंगे.
  • बायीं ओर – यदि सिर का बायां भाग फड़के तो समझे की दूर की यात्रा से आर्थिक लाभ हो सकता है.

मस्तक :-

  • मस्तक के फड़कना इस बात का सूचक है की आप जल्द ही विदेश यात्रा करेंगे.

कनपटी :-

  • दायीं कनपटी – कहते है यदि किसी के सिर की दाहिनी कनपटी फड़कती हो टी समझ लें की आप जिस कार्य को करने जा रहे है उसमे सफलता प्राप्त होगी.
  • बायीं कनपटी – इस कनपटी के फड़कने का अर्थ किसी मनोकामना के पूर्ण होने का सूचक माना जाता है.

गर्दन :-

  • गर्दन के फड़कने का अर्थ है आप जल्द ही धन कमाने के लिए विदेश यात्रा पर जा सकते है.

कान :-

  • दाहिना कान – यदि किसी मनुष्य का दाहिना कान पड़के तो कोई शुभ समाचार प्राप्त होगा.
  • बायां कान – बायां कान फड़कने का अर्थ है प्रातिष्ठित व्यक्तिओं से मुलाकात होगी.
  • कान का पिछला भाग – कान के पिछले भाग के फड़कने का अर्थ होता है की व्यक्ति को अपने मित्रो से अपमान मिल सकता है.

गाल :-

  • दायां गाल – यदि किसी का दाहिना गाल फड़के तो उसका अर्थ है की स्वास्थ्य में सुधार बहुत देरी से होगा.
  • बायां गाल – बाये गाल के फड़कने का अर्थ है प्रसन्नता से कार्यो ने बढ़ाये आएँगी.
  • दोनों गाल – दोनों गालो के एक साथ फड़कने का तात्पर्य है की कहीं से आर्थिक लाभ होगा.

नाक :-

नाक से फड़कने से धन लाभ होता है.

  • Nose का दाहिना हिस्सा – इस अंग के फड़कने का अर्थ किसी से झगड़ा होने का संकेत देता है.
  • नाक का बायां भाग – नाक के इस हिस्से के फड़कने से प्रसिद्धि और धन की प्राप्ति का संकेत मिलता है.
  • Nose की नोक – नाक की नोक के फड़कने का अर्थ है की आप किसी मुसीबत में फंसने वाले है.
  • नाक के दोनों नथुने – यदि किसी व्यक्ति के नाक के दोनों नथुने फड़के तो समझ लें की धन लाभ होगा और समाज में प्रतिष्ठा प्राप्त होगी.

होंठ :-

  • ऊपर के होंठ – होंठ के ऊपरी हिस्से के फड़कने का अर्थ है आपके शत्रुओं का शमन होगा.
  • नीचे के होंठ – नीचे के होंठ फड़के तो समझ लें की किसी मित्र का आगमन होने वाला है.
  • दोनों होंठ – दोनों होंठ फड़के तो पद, प्रतिष्ठा और धन की प्राप्ति होने वाली है.

कंधा :-

  • दायां कंधा – इस अंग के फड़कने से अधिकार और साहस में वृद्धि होने का संकेत मिलता है.
  • बायां कंधा – बाएं कंधे के फड़कने का अर्थ है की आपकी मनोकामना पूर्ण होने वाली है.
  • दोनों कंधे – दोनों कंधो के फड़कने का तात्पर्य किसी से झगडे होने की प्रबल संभावना है.

भुजा :-

  • दायीं भुजा – दाहिनी भुजा के फड़कने का अर्थ है यश, धन और सम्मान मिलने वाला है.
  • बायीं भुजा – इस भुजा के फड़कने का अर्थ होता है की कोई खोयी हुई वस्तु वापस मिलने वाली है.

जांघ :-

  • दायीं – जांघ के इस हिस्से के फड़कने का अर्थ है आपको शर्मिंदगी का सामना करना पड़ेगा.
  • बायीं – जबकि इसके फड़कने से धन लाभ होता है.

पैर के तलवे :-

  • दायें पैर का तलवा – पैर के तलवे के इस हिस्से के फड़कने का अर्थ है की सामाजिक प्रतिष्ठा में हानि होगी.
  • बायें पैर का तलवा – इस तलवे के फड़कने का अर्थ निकट भविष्य में यात्रा से है.

भौहें :-

  • मध्य भाग – यदि भौहों के मध्य भाग में हलचल महसूस हो तो समझे की जल्द ही आपको सुखदायक और खुशहाल जीवन मिलने वाला है.

हथेली :-

हाथ की हथेली के फड़फड़ाने का अर्थ है आने वाले समय में शुभ सम्पदा प्राप्त होगी.

  • हथेली का कोना – यदि किसी व्यक्ति का ये हिस्सा फड़कता है तो समझ ले की भविष्य में वो व्यक्ति किसी विपदा में फंस सकता है.
  • बायें हाथ की हथेली – बायें हाथ की हथेली में फड़फड़ाहट हो तो शीघ्र ही स्वास्थ्य लाभ हो सकता है.

छाती :-

छाती का फड़कना मित्र से मिलने की सुचना देता है.

  • दाहिनी ओर – इस हिस्से का फड़कना किसी विपदा का संकेत है.
  • बायीं ओर – जीवन ने संघर्ष का संकेत देती है छाती की बाई ओर की फड़फड़ाहट.
  • मध्य भाग – इस भाग के फड़कने से लोकप्रियता मिलती है.

शरीर के अन्य हिस्सो और अंग के फड़कने का अर्थ :-

1. सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार यदि किसी पुरुष के शरीर का बायां भाग फड़कता है तो आने वाले भविष्य में उसे किसी दुःखद घटना का सामना करना पड़ सकता है. और यदि पुरुष के दाएं भाग में हलचल हो तो उसे जल्द ही कोई बाड़ी खुशखबरी सुनने को मिल सकती है.

2. लेकिन महिलाओं में इसका विपरीत होता है, यानी उनके बाएं हिस्से के फड़कने में खुशखबरी मिलती है और दाएं हिस्से के फड़कने पर बुरी खबर सुनने को मिल सकती है.

3. यदि किसी की दायीं आंख काफी देर तक फड़कती रहे तो यह एक लम्बी बीमारी की ओर इशारा करती है.

4. अगर किसी की हथेली में हलचल होती है तो यह इस बात का संकेत है की आप जल्द ही किसी बड़ी समस्या से घिरने वाले है. और यदि अंगुलिया फड़कती है तो समझे किसी नए दोस्त से मुलाकात होगी.

5. कोहनी के दाहिने हिस्से का फड़कना भविष्य में किसी से लड़ाई का संकेत देता है. लेकिन बायीं कोहनी में फड़कन समाज में आपको प्रतिष्ठा और ओहदे को बढ़ाने वाली होती है.

6. पीठ के फड़कने का तात्पर्य है आपको बहुत बड़ी समस्या को झेलना पड़ सकता है.

7. किसी व्यक्ति के कमर के सीधे हिस्से के फड़कने का अर्थ भविष्य में धन लाभ की सम्भावनाएं होती है.

8. ललाट के मध्य भाग में फड़कन नौकरी में प्रमोशन को संकेत करती है.

9. मुँह का फड़फड़ाना पुत्र की ओर से किसी शुभ समाचार को सुनाता है.

10. ठुड्डी में होने वाली फड़फड़ाहट मित्र के आगमन की सुचना देती है.

11. जीभ फड़कने का अर्थ है लड़ाई झड़ग होगा लेकिन उसमे विजय आपकी ही होगी.

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