शिशु के लिए तेल मालिश कितनी जरुरी है

शिशु के लिए तेल मालिश कितनी जरुरी है, शिशु की मालिश क्यों करनी चाहिए, बच्चों को मालिश करने से क्या फायदे मिलते हैं, शिशु की मालिश के लिए कौन सा तेल इस्तेमाल करना चाहिए, Benefits of Body Massage of baby

शिशु की बेहतर केयर हो और उसका विकास बेहतर तरीके से हो जिससे शिशु हमेशा हष्ट पुष्ट और तंदरुस्त रहे, इसके लिए हर नवजात शिशु की मालिश करना बहुत जरुरी होता है। शिशु की मालिश यदि माँ अपने हाथों से करती है तो इससे शिशु के साथ उसका भावनात्मक जुड़ाव बढ़ता है। साथ ही नवजात शिशु की मालिश से उसे बहुत से फायदे मिलते हैं जैसे की हड्डियों की मजबूती, शिशु को आराम, बेहतर विकास आदि और भी बहुत से फायदे होते हैं। तो लीजिए आज हम आपको शिशु की मालिश करने से क्या फायदे होते हैं। और शिशु की मालिश के लिए कौन से तेल का इस्तेमाल करना चाहिए इसके बारे में बताने जा रहें हैं, सबसे पहले शिशु की मालिश के क्या फायदे होते हैं।

हड्डिया मजबूत होती हैं

मालिश करने से शिशु की हड्डियों को भरपूर पोषण मिलता है, जिससे हड्डियां मजबूत होती हैं। साथ ही शिशु का विकास भी बेहतर तरीके से होने लगता है।

स्किन के लिए

मालिश करने से शिशु की स्किन की कोमलता को बरकरार रहने में मदद मिलती है। साथ ही किसी भी तरह की एलर्जी, या इन्फेक्शन आदि होने का खतरा नहीं रहता हैं और स्किन की रंगत में भी निखार आता है।

शिशु स्वस्थ रहता है

प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए भी मालिश करना बहुत फायदेमंद होता है, इससे न केवल शिशु को रोगो से लड़ने की क्षमता मिलती है। बल्कि शिशु स्वस्थ रहता है बीमार होने आदि से बचा रहता है, क्योंकि मालिश से उसे न केवल एनर्जी मिलती है बल्कि गर्माहट मिलती है।

बेहतर विकास होता है

शिशु की मालिश करने से शिशु का विकास बेहतर तरीके से होता है। उसकी मांसपेशियों को बेहतर तरीके से विकसित होने में मदद मिलती है, हड्डियां मजबूत होती है, सभी अंगो का विकास तेजी से होता है, जिससे शिशु हष्ट पुष्ट व् तंदरुस्त रहता है।

शिशु खुश रहता है और उसे आराम मिलता है

मालिश करते हुए शिशु को बहुत अच्छा महसूस होता है जिससे वो खुश रहता है, और कुछ बच्चे तो मालिश करवाते करवाते ही सो भी जाते हैं। इसीलिए रोजाना शिशु की मालिश नहाने से पहले करनी चाहिए।

शिशु की मालिश कैसे करें

शिशु की मालिश के लिए ऐसी जगह का चुनाव करें जहां न तो अधिक ठण्ड हो न गर्मी और न ही तेज हवा हो। उसके बाद शिशु के कपडे उतारकर उसे किसी सॉफ्ट जगह पर कपडा बिछाकर लिटा दें। और इस बात का ध्यान रखे की न तो आपके नाख़ून बड़े हो, और न ही आपने कोई अंगूठी या चूड़ी आदि पहनी हो यह शिशु को लग सकती है। उसके बाद हाथों पर तेल लगाकर सबसे पहले शिशु के पैरों की नीचे से ऊपर की तरफ मसाज करें, उसके बाद हल्के हाथों से छाती और पेट की मसाज हाथों को गोलाई में घुमाते हुए करें। उसके बाद शिशु को उल्टा लटकर पीठ की नीचे से ऊपर की तरफ मसाज करें, उसके बाद शिशु की हलकी एक्सरसाइज करवाएं और दस मिनट बाद शिशु को नहला दे, और उसके बाद देखिएगा शिशु आराम से अपनी नींद लेता है।

नवजात की मालिश के लिए करें इस तेल का इस्तेमाल

नारियल तेल स्किन को ठंडक देने के साथ उसे बेहतर तरीके से पोषित भी करता है। इस तेल का इस्तेमाल करने से शिशु की त्वचा की कोमलता को बरकरार रहने में मदद मिलती है। साथ ही एंटी बैक्टेरियल और एंटी फंगल गुणों से भरपूर होने के कारण यह स्किन को इन्फेक्शन की समस्या से बचाने में भी मदद करता है।

जैतून का तेल भी बहुत फायदेमंद होता है इसे ओलिव ऑयल भी कहा जाता है, आप इस तेल का इस्तेमाल भी शिशु की मालिश के लिए कर सकते हैं।

सरसों का तेल बॉडी को गर्माहट देने में बहुत मदद करता है और इससे शिशु को आराम भी मिलता है। लेकिन छोटे बच्चे की मालिश के लिए सरसों के तेल में अन्य कोई तेल मिलाकर ही मालिश करनी चाहिए।

कैस्टर ऑयल का इस्तेमाल भी आप शिशु की मालिश के लिए कर सकते हैं, यह शिशु की त्वचा की कोमलता को बरक़रार रखने में मदद करता है।

बादाम का तेल विटामिन इ के गुणों से भरपूर बादाम के तेल का इस्तेमाल करने से शिशु की स्किन को भरपूर पोषण मिलने के साथ उसकी रंगत में भी निखार आता है।

तो यह हैं कुछ फायदे जो आपको शिशु की मालिश करने से मिलते हैं साथ ही मालिश के लिए कौन सा तेल सही है वो भी बताया गया हैं। तो यदि आप भी शिशु को बेहतर पोषण देना चाहती है, और उसका बेहतर विकास करना चाहती है तो आपको भी शिशु के जन्म के बाद उसकी मालिश जरूर करनी चाहिए।