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वैष्णो देवी यात्रा जानकारी

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वैष्णो देवी यात्रा जानकारी:-

माता वैष्णो देवी की महिमा से कोई भी अंजान नहीं हैं| और आज के समय तो माँ के भवन के पहले चरण तक जाने के लिए ट्रेन की व्यवस्था हो गई हैं| पहले लोग जम्मू तक आते हैं फिर चाहे वो बस से आएं या फिर हवाई जहाज़ से, या फिर बस से| और फिर वह से लोग अपनी टैक्सी या बस की सुविधा को लेकर कटरा तक पहुचते थे| परंतु आज के समय में कटरा तक ही ट्रेन की सुविधा हो गई हैं| माँ के पिंडी रूप के दर्शन करने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं|

माता वैष्णो देवी के दरबार जाने के लिए भी लोग 14 किलोमीटर का लंबा सफर तय करते हैं| परंतु माँ के दर्शन करके उनकी सारी थकान दूर हो जाती हैं| माता वैष्णो देवी के दरबार की मान्यता के अनुसार माँ सबकी मुरादे पूरी करती हैं| और भक्तो को मनचाहा वरदान देती हैं| तो आइये हम आपको बताते हैं माँ के दरबार पर जाने के लिए आपको क्या करना पड़ता हैं| और ये चढाई कहा से शुरू होकर कहा पर ख़तम होती हैं|

माता वैष्णो देवी की यात्रा की शुरुआत:-

माता वैष्णो देवी की यात्रा की यात्रा पर जाने के साधन:-

माता वैष्णो देवी की यात्रा के लिए आप चाहे तो यात्रा की शुरुआत में ही खच्चर, ऑटो, हेलीकाप्टर, या फिर पालकी का इस्तेमाल भी कर सकते हैं| ऑटो की सवारी केवल अर्द्धकुवारी से भवन तक ही होती हैं| और वो भी उसके लिए पहले बुकिंग करवानी पड़ती हैं| हेलीकाप्टर पर जाने की बुकिंग भी दो दिन पहले ही करवानी पड़ती हैं| खच्चर और पालकी तो आपको पहले चेक-इन पॉइंट को पर करते ही मिलना शुरू हो जाती हैं|

कटरा:-

माँ के दरबार की चढाई शुरू करने के प्रथम स्थान होता हैं कटरा| आप चाहे किसी भी परिवहन के साधन से वह आएं हो परंतु आपको कटरा रुकना ही पड़ता हैं| क्योंकि कटरा से ही माँ के दरबार पर पहुचने के लिए यही से पर्ची कटवानी पड़ती हैं| और ये पर्ची आपको मुफ्त में प्राप्त होती हैं| वैसे ज्यादातर यात्री कटरा में थोड़ी देर के लिए विश्राम करते हैं| कटरा में रहने के लिए जगह-जगह पर होटल्स व् धर्मशाला की व्यवस्था की हुई हैं| और आप चाहे तो सीधी भी चढाई शुरू कर सकते हैं|

baan-ganga

माँ के भवन पर जाने के लिए आप किसी समय भी चढाई को शुरू कर सकते हैं| परंतु आपके लिए जरुरी हैं की आप पर्ची लेने के बाद पहले चेक-इन पॉइंट पर छह घंटे से पहले पहुचे| नहीं तो पर्ची के मायने नहीं रह जाते हैं| और माता के दरबार जाने का पहले चेक-इन पॉइंट बाण गंगा के पास आता हैं| बाण गंगा वो स्थल हैं झा पर माता रानी ने हनुमान की प्यास बुझाई थी व् अपने केश धोएं थे| तभी से उस जगह का नाम बाण गंगा हो गया|

आप कटरा से खड़ी चढाई करने के बाद माँ के दर्शन करते हैं| माता का दरबार कटरा से 14 किलोमीटर की दुरी पर हैं| माँ के दरबार पर बाण गंगा के बाद चरणपादुका मंदिर आता हैं| उसके बाद थोड़ी और दूर जाते हुए आपको माँ की अर्द्धकुवारी के दर्शन मिलते हैं| परंतु इस दौरान कई बार माँ की गुफा के दर्शन नहीं हो पाते हैं| क्योंकि बहुत लंबी लाइन होती हैं| इसीलिए यात्री जाते समय अपनी पर्ची बनवाते हैं और आते हुए माँ रडकुवारी के दर्शन करते हैं|

अर्द्धकुवारी की मान्यता:-

अर्द्धकुवारी गुफा को गर्भजून के नाम से भी जाना जाता हैं| क्योंकि इसमें माँ वैष्णो नौ महीने तक भैरो नाथ से चुप कर रही थी| इसलिए इसे गर्भजून कहा जाता हैं| और जब माता यह से बाहर आयी थी तो उन्होंने भैरो नाथ का सर उनकी धड़ से अलग कर दिया था| और उन्होंने जब अपने आखिरी समय में जब उन्हें माँ कहकर बुलाया तो माँ ने भैरो नाथ की सभी गलतियों को माफ़ कर दिया व् उन्हें वरदान भी दिया|

सांझी छत:-

माँ के दरबार पर जाते समय अर्द्धकुवारी से रास्ता कटता है जिस रास्ते पर जाने से सांझी छत के दर्शन होते हैं| परंतु इसकी चढाई काफी मुश्किल होती हैं| वैसे यात्री चाहे तो यात्रा की शुरुआत में ही खच्चर, ऑटो, हेलीकाप्टर, या फिर पालकी का इस्तेमाल भी कर सकते हैं| ऑटो की सवारी केवल अर्द्धकुवारी से भवन तक ही होती हैं| और वो भी उसके लिए पहले बुकिंग करवानी पड़ती हैं| इसके बाद हाथी माथा आता हैं|

माता का दरबार:-

यहां पहुचने पर आपको वह पर्ची जो आपको नीचे से मिली थी उस पर सील लगवानी पड़ती हैं| उस पर्ची के बिना आपको माँ के दरबार के दर्शन नहीं करने दिए जाते हैं| और इससे पहले लोग स्नान करते हैं, और पहाड़ो की हसीं वादियो का आनंद उठाते हैं| और जैसे ही माँ के दर्शन करते हैं वैसे ही माँ के प्रति अपनी भावनाओ को समर्पित कर देते हैं|

भैरो बाबा का दरबार:-

इसके बाद माँ की यात्रा को तब तक पूरा नहीं माना जाता हैं जब तक की बाबा भैरव नाथ के दर्शन न किये जाएँ| यही वरदान माँ वैष्णो ने भैरो नाथ को दिया था| की मेरी यात्रा जब तक सम्पूर्ण नहीं मानी जाएगी जब तक की की लोग तुहरे दर्शन न करले| इसीलिए आज भी लोग माता वैष्णो के दर्शन के बाद बाबा भैरव नाथ के दर्शन करते हैं| और आते समय भी यदि आप किसी सवारी का इस्तेमाल करना चाहते हैं तो कर सकते हैं|

आसपास के देखने योग्य दर्शनीय स्थल :-

कटरा व जम्मू के नज़दीक कई दर्शनीय स्थल ‍व हिल स्टेशन हैं, जहाँ जाकर आप जम्मू की ठंडी हसीन वादियों का मजा उठा सकते हैं| जम्मू में अमर महल, बहू फोर्ट, मंसर लेक, रघुनाथ टेंपल आदि प्रसिद्ध स्थानों को भी देख सकते हैं| जम्मू से लगभग 112 किमी की दूरी पर ‘पटनी टॉप’ एक प्रसिद्ध हिल स्टेशन है| झा पर लोग सर्दियों में स्नो फॉल का भी मजा ले सकते हैं| साथ ही कटरा के नजदीक शिव खोरी, झज्झर कोटली, सनासर, बाबा धनसार, मानतलाई, कुद, आदि स्थान भी देखने योग्य हैं|

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