अपने बच्चों को अनुशासन में रखना हो तो यह बातें सिखाएं

अपने बच्चों को अनुशासन में रखना हो तो यह बातें सिखाएं, बच्चों में अनुशासन लाने के लिए क्या करें, बच्चे को अनुशासन सिखाने के तरीके, Ways to teach the discipline to the child

बच्चों को यदि बचपन से ही अच्छी आदतें सिखाई जाएँ तो यह उनके लिए और आपके लिए दोनों के लिए बेहतर होता है। क्योंकि यदि आप अपने बच्चों को बच्चा बच्चा कहकर उसकी गलत आदतों को भी नज़रअंदाज़ कर देते हैं तो इसका उस पर गलत असर पड़ता है। इसीलिए बच्चा जब चलने लगता है, बोलने लगता है, या चीजों को छेड़ने लगता है तभी से बच्चों में अनुशासन की शुरुआत कर देनी चाहिए। ताकि धीरे धीरे उन्हें समझ आने लग जाए की क्या उनके लिए सही है और क्या उनके लिए गलत है। यदि आप बच्चे को अनुशासित रखते हैं तो इससे बच्चे के लिए ही फायदा होता है, तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की बच्चों में अनुशासन लाने के लिए आप क्या क्या कर सकते हैं।

बच्चों में अनुशासन लाने के लिए टिप्स

बच्चे के लिए उनके पहले दोस्त भी माँ बाप होते है, और पहले गुरु भी माँ बाप होते हैं। ऐसे में आपको धैर्य और प्यार दोनों का संगम करके बच्चे में अनुशासन लाना चाहिए। अनुशासन का मतलब रोक लगाना या गुस्सा करना नहीं होता है। बल्कि अनुशासन का मतलब प्यार और धैर्य के साथ बच्चे को गलत और सही की समझ देना होता है। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की किस तरह आप अपने बच्चों को अनुशासन सीखा सकते हैं।

समझाएं प्यार से

अनुशासन सिखाने का यह मतलब नहीं होता है की आप बच्चों पर रोक लगाएं या हमेशा गुस्से में ही उनसे बात करें। बल्कि यदि आप चाहते है की बच्चे को कोई भी बात समझ आए तो उसे समझाने के लिए बेहतर तरीके का इस्तेमाल करें और बात करते हुए प्यार से पेश आएं। क्योंकि बच्चा व्ही सीखेगा जो आप उसे सिखाएंगे ऐसे में आप उन्हें अनुशासन क्या होता है और क्या सही और क्या गलत है यह बताएं लेकिन प्यार से। और साथ ही उन्हें यह भी बताएं की आप उनसे कितना प्यार करते हैं ताकि वो आपकी हर बात को प्यार से सुने और समझें।

न करें इग्नोर

कुछ माँ बाप बच्चे के गलती होने पर उसे नटखट या शरारती कहकर उसकी गलतियों को इग्नोर करते है। जो की बच्चे को गलत शिक्षा देता है ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहिए और यदि बच्चा जहां गलती करता है उसे वहीँ समझाना चाहिए की वो गलत है। ऐसा करने से बच्चे की समझ धीरे धीरे बढ़ती है। और यदि आप उसकी गलतियों को इग्नोर करते हैं तो बाद में समझाना आपके लिए मुश्किल हो सकता है।

हमेशा रहें एकमत

बच्चे को अनुशासन सिखाने के लिए माँ बाप को इस बात का खास ध्यान देना चाहिए की वो एकमत रहें। क्योंकि यदि माँ बाप की सोच ही नहीं मिलती है तो इसका बच्चे पर नकारात्मक असर पड़ता है। और यदि कोई भी उसे बचाने की कोशिश करता है तो उसे पता चल जाता है की उसके गलत करने पर भी उसे कोई बचा लेगा, जो की बच्चे को अनुशासनहीन बनाने का सबसे बड़ा कारण होता है। इसीलिए बच्चे को अनुशासन सिखाने के लिए माँ बाप दोनों को हमेशा एकमत रहना चाहिए।

नियम जरूर बनाएं

बच्चों में अनुशासन लाने के लिए नियम बनाने बहुत जरुरी होते हैं इससे न केवल उनकी दिनचर्या सही होती है। बल्कि इससे धीरे धीरे बच्चों को खुद अपने काम को समय पर करने की आदत पड़ जाती है। और ऐसा नियम बड़े बच्चों पर ही नहीं छोटे बच्चों पर भी लगाना चाहिए ताकि शुरू से ही उन्हें सीमा में रहने की आदत हो जाए। और यदि आप नियम नहीं बनाती हैं, बच्चों को छूट देती हैं, उनके गलत व्यवहार को बर्दाश करती है, तो ऐसा करने से बच्चे की आदत धीरे धीरे और बिगड़ जाती है।

पिटाई नहीं है जरुरी

कुछ माँ बाप ऐसा सोचते हैं की बच्चे को मारकर या उनसे ऊँची आवाज़ में बात करकर वो अपने बच्चे में अनुशासन ला सकते हैं। जो की गलत सोच होती है क्योंकि यदि आप बच्चे से उन्ही आवाज़ में बात करते हैं तो वो वही सीखता है, और यदि आप बच्चे को मारते हैं तो उसे मार की आदत हो जाती है जिससे बच्चा जिद्दी, गुस्से वाला बनता है, जो की बाद में बढ़ता जाता है। ऐसे में जरुरी है की बच्चे को सही सिखाने के लिए आप धैर्य और प्यार से काम ले।

टाइम आउट भी है जरुरी

टाइमआउट का मतलब होता है की आप बच्चे को दो से चार मिनट के लिए अकेला छोड़ दें, इससे बच्चे को खुद गलत सही की पहचान होती है। एक्सपर्ट्स के अनुसार भी बच्चों के लिए टाइमआउट बहुत जरुरी होता है। ऐसा करने से बच्चे पर क्या प्रभाव पड़ता है आप उसे देखें और आपको खुद ही महसूस होगा की ऐसा करने से बच्चे पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है या नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

बच्चों की एक्टिविटी का भी रखें ध्यान

बच्चे को अनुशासन सिखाने के साथ आपको बच्चे की एक्टिविटी का भी ध्यान रखना चाहिए, जैसे की बच्चे को गेम खिलाएं, उन्हें कहीं बाहर लेकर जाएँ, उनके मूड को फ्रैश करने में मदद मिलती है। ऐसा करने से आप अपने बच्चे की देख रेख कर सकती है, उनके अच्छे दोस्त बन सकते हैं, जिससे आप उन्हें आसानी से सही और गलत के बारे में बता सकते हैं।

गलतियों से सीख लेना सिखाएं

यदि आपका बच्चा कोई भी गलती करता है तो ऐसे में आपको बच्चे को डांटने, मारने या सजा देने की बजाय उसे गलतियों से सीख लेने के लिए कहना चाहिए। उन्हें बताना चाहिए की जो वो कर रहे थे की वो गलत था और उसका क्या परिणाम हो सकता था ऐसे बच्चे को अपनों गलती का अहसास होता है और उसमे अनुशासन लाने में मदद मिलती है।

तो यह हैं कुछ खास टिप्स जो आपके बच्चों में अनुशासन को मेन्टेन करने में मदद मिलती है। इसके अलावा एक बात का और खास ध्यान देना चाहिए की बच्चे के माँ बाप दोनों को ही बच्चे के लिए एक जैसा मत रखना चाहिए। क्योंकि यदि बच्चे किसी गलत हरकत पर माँ उसके साथ होती है और पिता उसके खिलाफ होता है तो यह बच्चे के लिए हानिकारक होता है। क्योंकि बच्चे जितने कोमल होते हैं उतने ही सयाने भी होते है और यदि उन्हें पता चल जाता है की उनके गलती करने पर भी आप उनका साथ देते हैं तो ऐसा करने से उनमे अनुशासन नहीं आता है।