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गर्भावस्था का दूसरा और तीसरा महीना ऐसे रखें अपना ध्यान

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प्रेगनेंसी के पहले तीन महीने

गर्भवती महिला के लिए प्रेगनेंसी के पहले तीन महीने बहुत ही अहम होते हैं। इसीलिए इस दौरान प्रेग्नेंट महिला को बहुत ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। क्योंकि इस दौरान बरती गई लापरवाही गर्भ में पल रहे शिशु को नुकसान पहुंचा सकती है। जैसे की यदि महिला किसी तरह की लापरवाही करती है तो इससे स्पॉटिंग, गर्भपात जैसी परेशानी खड़ी हो सकती है। साथ ही प्रेगनेंसी के शुरूआती समय में महिला को बहुत सी शारीरिक परेशानियों का सामना भी करना पड़ सकता है क्योंकि इस दौरान बॉडी में हार्मोनल बदलाव बहुत तेजी से होते हैं। ऐसे में महिला को अपना दुगुना ध्यान रखने की सलाह दी जाती है है ताकि गर्भवती महिला और गर्भ में शिशु दोनों को ही किसी तरह की परेशानी न हो।

प्रेगनेंसी का दूसरा और तीसरा महीना ऐसे रखें अपना ध्यान

गर्भावस्था के दूसरे और तीसरे महीने में गर्भवती महिला को अपना अच्छे से ध्यान रखना चाहिए, और इस दौरान बहुत सी बातों का ध्यान भी रखना चाहिए। तो आइये अब जानते हैं की गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के दूसरे और तीसरे महीने किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

फोलेट का सेवन

प्रेगनेंसी के पहले तीन महीने में शिशु के अंग विकसित होते हैं, ऐसे में शिशु के अंगो के बेहतर विकास के लिए फोलेट का सेवन भरपूर मात्रा करने की सलाह दी जाती है। इससे शिशु की रीढ़ की हड्डी का विकास, शरीर के अंगो का विकास, दिमाग का विकास बेहतर तरीके से होने में मदद मिलती है। फोलेट की भरपूर मात्रा के लिए गर्भवती महिला को हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, आदि, नट्स, बीन्स, नॉन वेज, साबुत अनाज आदि का सेवन कर सकती है।

आयरन लें

खून की कमी का होना प्रेगनेंसी की शुरुआत से लेकर आखिर तक परेशानी का कारण होता है। इसके कारण गर्भवती महिला को शारीरिक परेशानियां जैसे की एनीमिया, कमजोरी, थकावट आदि होने के साथ गर्भ में पल रहे शिशु के विकास में कमी जैसी समस्या हो सकती है। इसीलिए प्रेगनेंसी के दूसरे तीसरे महीने के साथ पूरी प्रेगनेंसी के दौरान आयरन का भरपूर सेवन करना चाहिए।

काम करते समय बरतें सावधानी

प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला को काम करते समय बहुत अधिक सावधानी बरतनी पड़ती है। जैसे की भारी सामान नहीं उठाना चाहिए, पेट के बल किसी काम को नहीं करना चाहिए, झुककर काम नहीं करना चाहिए, सीढ़ियां नहीं चढ़नी चाहिए और यदि सीढ़ियों का इस्तेमाल करते हैं तो आराम से करना चाहिए, आदि। क्योंकि ऐसे काम को करते समय बरती गई लापरवाही प्रेगनेंसी के दूसरे और तीसरे महीने में परेशानी का कारण बन सकता है।

दर्द को न करें अनदेखा

गर्भाशय का आकार बढ़ने के कारण मांसपेशियों में खिंचाव के कारण पेट में हल्के दर्द का अनुभव होना आम बात होती है। लेकिन यदि पेट में बहुत तेज दर्द का अनुभव हो, जैसे की मासिक धर्म के दौरान होता है, तो इसे अनदेखा नहीं करना चाहिए। और दर्द के साथ ही ब्लीडिंग भी हो तो यह गर्भपात का लक्षण हो सकता है।

खाने पीने में सावधानी

बॉडी में होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण प्रेगनेंसी के शुरूआती दिनों में हो सकता है की गर्भवती महिला के खाने की इच्छा न हो, जीभ के स्वाद में बदलाव आएं। लेकिन फिर भी महिला को खान पान का अच्छे से ध्यान रखना चाहिए, खाने में किसी तरह की लापरवाही नहीं करनी चाहिए, भूखे पेट नहीं रहना चाहिए, और थोड़ी थोड़ी देर बाद कुछ न कुछ पोषक तत्वों से भरपूर खाना चाहिए। साथ ही उन चीजों के सेवन से परहेज करना चाहिए जिनके सेवन से गर्भपात हो सकता है। जैसे की कच्चा पपीता, कटहल, अनानास, गर्म तासीर वाली चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसके कारण गर्भपात हो सकता है।

तनाव

कुछ गर्भवती महिलाएं प्रेगनेंसी में होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण परेशान हो सकती है, जिसके कारण महिलाएं तनाव में आ जाती है। लेकिन तनाव का बुरा असर गर्भवती महिला की सेहत के साथ गर्भ में पल रहे शिशु की सेहत पर भी पड़ता है, जिसके कारण गर्भपात होने की सम्भावना बढ़ जाती है। ऐसे में महिला को इस दौरान बॉडी में होने वाले परिवर्तन के कारण परेशान नहीं होना चाहिए, क्योंकि तीन महीने के बाद धीरे धीरे परेशानियां कम होने लगती है।

एक्सरसाइज न करें

प्रेग्नेंट महिला को व्यायाम आदि से भी परहेज करना चाहिए, क्योंकि शुरूआती दिनों में बॉडी पर पड़ने वाले अधिक दबाव के कारण गर्भवती महिला को परेशानी का अनुभव करना पड़ सकता है। ज्यादा तेजी से वॉक आदि भी नहीं करना चाहिए।

नींद भरपूर लें

प्रेगनेंसी के दूसरे तीसरे महीने में बॉडी में तेजी से होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण बहुत ज्यादा कमजोरी व् थकावट का अनुभव हो सकता है। और ऐसे में बॉडी को फिट रखने के लिए भरपूर आराम की सलाह दी जाती है। ऐसे में गर्भवती महिला को रात की नींद के साथ दिन में भी थोड़ी देर जरूर आराम करना चाहिए ताकि गर्भवती महिला को आराम महसूस होने में मदद मिल सके।

सम्बन्ध में सावधानी

प्रेग्नेंट महिला को प्रेगनेंसी के पहले तीन महीने सम्बन्ध न बनाने की सलाह दी जाती है, और जिन महिलाओं की प्रेगनेंसी में कॉम्प्लीकेशन्स होती है खासकर उन्हें तो प्रेगनेंसी में नौ महीने तक मना किया जा सकता है। और यदि कपल प्रेगनेंसी के पहले तीन महीने में सम्बन्ध बनता है तो इसके कारण गर्भवती महिला को परेशानी हो सकती है, ऐसे में इसे लेकर एक बार डॉक्टर से बात जरूर करनी चाहिए।

डॉक्टर की राय

प्रेगनेंसी के पहले तीन महीने में किन किन दवाइयों का सेवन करना है, कौन सी जांच करवाना जरुरी होता है, इसके लिए भी गर्भवती महिला को डॉक्टर से राय लेनी चाहिए। ताकि प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली परेशानियों को कम करने में मदद मिल सके।

तो यह हैं कुछ खास टिप्स जिनका ध्यान गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के दूसरे और तीसरे महीने में रखना चाहिए। ताकि गर्भवती महिला को स्वस्थ रखने के साथ शिशु के अंगो के बेहतर विकास में मदद मिलती है।

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