बिजली का करंट लगने का प्राथमिक उपचार

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Electric Shock lagne par kya kare : बिजली को इंसान का सबसे खतरनाक दुश्मन माना जाता है, क्योंकि ये केवल उसे आघात ही नहीं पहुंचाती बल्कि कई बार उसकी मृत्यु का कारण भी बन जाती है। इसीलिए बिजली का काम करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है क्योंकि सावधानी हटी और दुर्घटना घटी!

परंतु फिर भी बहुत से लोग बिजली का काम करते समय लापरवाही बरतते है जिसके परिणामस्वरूप उन्हें बिजली का झटका / इलेक्ट्रिक शॉक लग जाता है। सामान्यतौर पर करंट बिजली की नंगी तारों को छूने, किसी बिजली का काम करते समय ध्यान नहीं देने और नंगे या गीले हाथ-पैरों से तारों को छूने से लगता है।

करंट लगने पर क्या होता है?

वैसे तो करंट लगना कोई बड़ी बात नहीं है सामान्य तौर पर छोटे-मोटे करंट के झटके लगते रहते हैं लेकिन कई बार इलेक्ट्रिक शॉक लगाने की वजह से हृदय की गति पर भी प्रभाव पड़ जाता है, इस स्थिति में व्यक्ति बेहोश भी हो जाता है। कई बार बिजली का झटका इतनी ज़ोर से लगता है की व्यक्ति दूर जाकर गिर जाता है।

ऐसी परिस्थिति में लापरवाही करने से रोगी की जान भी जा सकती है इसलिए बिजली का करंट लगने के बाद तुरंत डॉक्टरी इलाज कराने की सलाह दी जाती है। जिसमे थोड़ा समय लग सकता है। इस बीच हम प्राथमिक उपचार देकर व्यक्ति की हालत में सुधार ला सकतें हैं।

यह प्राथमिक उपचार करंट लगे हुए व्यक्ति की स्थिति को सुधारने और उसके हृदय को आघात पहुँचाने से बचाता है। लेकिन बहुत से लोगों को इस प्राथमिक उपचार के बारे में पता नहीं होता। इसीलिए आज हम आपको बिजली का झटका लगने पर प्राथमिक उपचार कैसे करें इस बारे में बताने जा रहे हैं।

बिजली का झटका (Electric Shock) लगने पर क्या करें?

ध्यान दें :

अगर आपने किसी व्यक्ति को इलेक्ट्रिक शॉक लगते हुए देखा है और आप उसकी मदद के लिए जा रहें हैं तो पहले यह सुनिश्चित कर लें की उस व्यक्ति के आस पास कोई करंट वाली चीज तो नहीं है। इसके अलावा आस-पास पानी या लोहा तो नहीं है अगर है तो पहले उन्हें हटा दें इसके लिए लकड़ी या प्लास्टिक की मदद ले सकतें हैं। क्योंकि इन चीजों में करंट बहुत जल्दी पास होता है जबकि प्लास्टिक करंट पास नहीं होने देती।

करंट से दूर करे :

Electricity se dur rahe – करंट लगे व्यक्ति को बचाने के लिए पहले उसे करंट से दूर करना होगा तभी आप उसकी सहायता कर पाएंगे। उसके लिए पहले उस जगह के मेन स्विच को बंद कर दें। क्योंकि स्विच ऑन होने पर आपको भी करंट लग सकता है। और एक बात करंट लगे हुए व्यक्ति को छुएं नहीं इससे खतरा हो सकता है।

प्राथमिक उपचार शुरू करें :

First Aid For Electric Shock – बिजली से पूरी तरह दूर हो जाने के बाद व्यक्ति को रिकवरी पोजीशन में लेता दें। इस स्थिति में मनुष्य को एक करवट से लेटा दिया जाता है। और उसका एक हाथ सर के नीचे और दूसरा हाथ आगे की तरफ होता है। इस पोजीशन में व्यक्ति का एक पैर सीधा और दूसरा मुड़ा हुआ होता है।

सांस की जांच करें :

रिकवरी पोजीशन में लेटाने के बाद थोड़ी उठाकर चेक करें की व्यक्ति सांस ले रहा है या नहीं? अगर सांस नहीं ले रहा है तो उसके अपने मुंह से सांस दें और दिल को दबाएं।

चोट पर ध्यान दें :

अगर उस इंसान को चोट आई है तो उस चोट को पानी से धोएं। अगर कोई हिस्सा जल गया है और उसमें से ब्लीडिंग हो रही है तो उस जगह को साफ़ करके किसी सूखे कपडे से बांध दें।

CPR की मदद लें :

अगर व्यक्ति सांस नहीं ले रहा है तो उसे सीपीआर देना शुरू कर दें। इस क्रिया को मूर्छित अवस्था में पड़े मनुष्य के हृदय और फेफड़ों को पुनः होश में लाया जाता है। लेकिन एक बात का ध्यान रखें अगर व्यक्ति सांस ले रहा है तो कभी भी सीपीआर का इस्तेमाल न करें।

इन उपचारों के बाद बिजली का झटका लगने वाले व्यक्ति को मेडिकल ट्रीटमेंट की जरूरत होती है, जो केवल डॉक्टर दे सकते है इसलिए डॉक्टर के पास अवश्य ले जाएं। – Electric Shock Remedies

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