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गर्भावस्था के दौरान इन खतरों से सावधान रहें

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गर्भावस्था के दौरान इन खतरों से सावधान रहें, प्रेगनेंसी के दौरान इन समस्याओं को न करें अनदेखा, गर्भवती महिला इन लक्षणों को न करे नज़रअंदाज़, गर्भवती महिला के लिए टिप्स, गर्भवती महिला इन खतरों से रहे सावधान

प्रेगनेंसी के दौरान बॉडी में होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण महिला को बहुत सी शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जैसे की तनाव, उल्टियां, भूख की कमी, पसंद में बदलाव, अनिंद्रा, वजन में बढ़ोतरी, मॉर्निंग सिकनेस, आदि। और इसके साथ नौ महीने तक गर्भवती महिला को और भी परेशानियां हो सकती है जिन्हे गर्भवती महिला को अनदेखा नहीं करना चाहिए। क्योंकि कई बार महिला द्वारा की गई लापरवाही शुरुआत में जहां गर्भपात का कारण बन सकती है, वहीं इसके कारण गर्भवती महिला को स्वास्थ्य से जुडी समस्या होने के साथ गर्भ में शिशु के विकास में भी कमी आ सकती है। कुछ महिलाओं को समय पूर्व प्रसव जैसी परेशानी का सामना भी करना पड़ सकता है। तो लजिए आज हम आपको बताने जा रहे हैं की गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के दौरान किन खतरों से सचेत रहना चाहिए।

तनाव से बचें

प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला का तनाव लेना गर्भपात का कारण बन सकता है, और यदि महिला प्रेगनेंसी के दौरान मानसिक रूप से बहुत अधिक परेशान रहती है तो इसके कारण शिशु के विकास में कमी होने साथ प्रेगनेंसी के दौरान बहुत सी जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में महिला को इन परेशानियों से बचाव के लिए प्रेगनेंसी के समय को खुलकर एन्जॉय करना चाहिए, साथ ही अपनी केयर भी अच्छे से करनी चाहिए, और तनाव लेने की बजाय खुश रहना चाहिए।

अधिक उल्टी खड़ी कर सकती है परेशानी

गर्भवती महिला को उल्टी का आना आम बात होती है, कुछ महिलाओं को प्रेगनेंसी के शुरूआती तीन महीनों में यह समस्या होती है तो कुछ महिलाएं पूरे नौ महीने तक इससे परेशान रहती है। ऐसे में जिन महिलाओं को ज्यादा उल्टी आती है इसे इग्नोर न करते हुए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए क्योंकि इसके कारण बॉडी में पोषक तत्वों की कमी, पानी की कमी, पेट में खिंचाव व् दर्द, कमजोरी, आदि की समस्या हो सकती है। जिसके कारण गर्भवती महिला को स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्या होने के समस्या होने के साथ शिशु के विकास में कमी जैसी परेशानी हो सकती है।

प्राइवेट पार्ट से पानी का आना

सफ़ेद पानी का आना बहुत ही आम बात होती है लेकिन यदि यह पानी बहुत अधिक आये, यूरिन की तरह आये, प्राइवेट पार्ट से बदबू महसूस हो, तो आपको इसे इग्नोर नहीं करना चाहिए। और जितना जल्दी हो सके डॉक्टर से राय लेनी चाहिए, क्योंकि हो सकता है की पानी की थैली फट गई हो, और शिशु का जन्म होने वाला हो साथ ही बदबू अधिक आने पर प्राइवेट पार्ट में इन्फेक्शन हो गया हो, तो इसे अनदेखा न करें।

फ्लू से बचें

यदि आपको बहुत ज्यादा उल्टी, दस्त, खांसी, जुखाम, नाक का बहना, गले में दर्द, सर्दी, आदि महसूस हो तो इसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। क्योंकि यह फ्लू के लक्षण हो सकते हैं, क्योंकि प्रेगनेंसी के दौरान बॉडी में हार्मोनल बदलाव के कारण हो सकता है की इम्यून सिस्टम में कमजोरी आ जाए जिससे आपको फ्लू होने का खतरा बढ़ जाए, ऐसे में इस लक्षणों का अच्छे से ध्यान रखना चाहिए, और किसी भी परेशानी के होने पर घर में दवाई का सेवन नहीं करना चाहिए, डॉक्टर से राय लेनी चाहिए।

खून की कमी

प्रेगनेंसी में बॉडी में खून की कमी का होना गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों के लिए परेशानी का कारण हो सकती है साथ ही इसके कारण एनीमिया की समस्या, डिलीवरी के दौरान परेशानी का सामना भी करना पड़ सकता है। ऐसे में ब्लड टेस्ट करवाने पर यदि आपको खून की कमी लगे तो आपको आयरन युक्त आहार लेने के साथ आपको आयरन की दवाई का सेवन भी समय से करना चाहिए।

ब्लीडिंग

प्रेगनेंसी के दौरान प्राइवेट पार्ट से खून का निकलना शुरूआती दिनों में गर्भपात का लक्षण हो सकता है, ऐसे में यदि आपको शुरूआती दिनों में यदि दाग भी लगे तो भी एक बार डॉक्टर को जरूर चेक करवाना चाहिए।

पेट में दर्द

यदि गर्भवती महिला को पेट में बहुत दर्द, सुस्ती, आँखों से धुंधला दिखना, आदि लक्षण दिखाई दें, तो इसे भी गर्भवती महिला को इग्नोर नहीं करना चाहिए। क्योंकि यह एक्टोपिक प्रेगनेंसी का लक्षण हो सकता है। इसमें अंडा गर्भ से बाहर जैसे की फैलोपियन ट्यूब में निषेचित होकर वहीं बढ़ने लगता है जो की महिला के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। ऐसे में यदि गर्भधारण के बाद आपको मासिक धर्म जैसा पेट में दर्द महसूस हो, पेट के निचले हिस्से में दर्द ही तो इसे अनदेखा न करते हुए तुरंत डॉक्टर से राय लेनी चाहिए।

फीटल किक पर ध्यान दें

प्रेगनेंसी के दौरान गर्भ में शिशु की हलचल का अनुभव गर्भवती महिला के लिए बहुत खास होता है। शुरुआत में आपको यह हलचल थोड़ा कम महसूस होती है, लेकिन जैसे जैसे शिशु का विकास होता है वैसे वैसे यह हलचल बढ़ने लग जाती है। लेकिन कभी आपको ऐसा महसूस हो की गर्भ में शिशु अच्छे से नहीं घूम रहा है, या बहुत देर तक शिशु हलचल न करें, तो इसका कारण शिशु को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन का न मिल पाना हो सकता है। ऐसे में इसे गलती से भी अनदेखा नहीं करना चाहिए और जितना जल्दी हो सके इसके लिए डॉक्टर से राय लेनी चाहिए।

तो यह हैं कुछ खास लक्षण जिन्हे प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला को बिल्कुल भी अनदेखा नहीं करना चाहिए क्योंकि इसके कारण गर्भवती महिला के साथ शिशु को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। और प्रेगनेंसी के दौरान स्वस्थ रहने के लिए अपने खान पान, नींद, डॉक्टर से जांच, खुश रहने आदि का अच्छे से ध्यान रखना चाहिए।

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