प्रेगनेंसी में वाइट डिस्चार्ज होना

प्रेगनेंसी के पूरे नौ महीने गर्भवती महिला रोजाना किसी न किसी नए अनुभव या नई परेशानी से भरे हुए होते हैं। क्योंकि बॉडी में लगातार होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण महिला किसी न किसी नई परेशानी का सामना कर सकती है। और ऐसी ही एक परेशानी के बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं जिसके बारे में प्रेगनेंसी के दौरान पूरी जानकारी होना बहुत जरुरी होता है। और वो है महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली वाइट डिस्चार्ज की समस्या जिसे सफ़ेद पानी या ल्यूकोरिया के नाम से भी जाना जाता है। यह प्राइवेट पार्ट से निकलता हुआ सफ़ेद, गाढ़ा, चिपचिपा, गंधहीन पदार्थ होता है। प्रेगनेंसी के दौरान सफ़ेद पानी का आना आम बात होती है लेकिन जरुरत से ज्यादा इस परेशानी का होना नुकसानदायक भी हो सकता है।

प्रेगनेंसी के दौरान सफ़ेद पानी आने के कारण

गर्भावस्था के दौरान सफ़ेद पानी के आने के बहुत से कारण हो सकते हैं तो आइये अब जानते हैं की प्रेगनेंसी के दौरान ल्यूकोरिया की समस्या होने के क्या कारण हो सकते हैं।

  • प्रेगनेंसी के दौरान बॉडी में होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण यह समस्या हो सकती है।
  • गर्भावस्था में बॉडी में एस्ट्रोजन हॉर्मोन की वृद्धि होने के कारण भी सफ़ेद पानी आने की समस्या हो सकती है।
  • यदि गर्भवती महिला किसी यौन संचारित रोग से ग्रसित है, तो भी महिला को यह परेशानी हो सकती है।
  • प्रेगनेंसी की दूसरी और तीसरी तिमाही में यीस्ट संक्रमण होने के कारण भी महिला को सफ़ेद पानी निकल सकता है।
  • गर्भावस्था की तीसरी तिमाही में रक्त का प्रवाह ज्यादा तेजी से होता है जिसके कारण भी महिला को सफ़ेद पानी अधिक आ सकता है।
  • गर्भाशय की ग्रीवा में बदलाव आने के कारण भी गर्भवती महिला को तीसरी तिमाही में सफ़ेद पानी अधिक निकलने की समस्या हो सकती है।

गर्भावस्था में सफ़ेद पानी आने पर किन चीजों को अनदेखा न करें

  • यूरिन की तरह सफ़ेद पानी का निकलना।
  • पानी गिरने के साथ गंध का आना।
  • खुजली, जलन, रैशेस का होना और साथ में सफ़ेद पानी का गिरना।
  • सफ़ेद की जगह चिपचिपे पदार्थ का रंग गुलाबी, भूरा या पीला होने लगे।
  • सफ़ेद पानी के साथ खून के धब्बे महसूस होने पर।

सफ़ेद पानी आने पर शिशु को कोई नुकसान पहुँचता है?

ल्यूकोरिया की समस्या होने पर बहुत सी गर्भवती महिलाओं के मन में यह सवाल आ सकता है की क्या सफ़ेद पानी के कारण शिशु को कोई नुकसान होता है। तो इसका जवाब है, यदि सफ़ेद पानी गंधहीन है और उसके रंग में कोई बदलाव नहीं है तो यह शिशु को नुकसान नहीं पहुंचाता बल्कि संक्रमण से शिशु का बचाव करता है। लेकिन यदि सफ़ेद पानी में कोई भी असामान्य लक्षण महसूस हो तो यह महिला के साथ शिशु के लिए भी नुकसानदायक हो सकता है। इसीलिए जिन महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान यह समस्या होती है उन्हें इस बात का ध्यान रखना जरुरी होता है।

सफ़ेद पानी की समस्या होने पर किन बातों का ध्यान रखें

  • प्राइवेट पार्ट की साफ सफाई रखें।
  • साफ़ कॉटन का अंडरवियर पहने।
  • किसी भी तरह के केमिकल का इस्तेमाल प्राइवेट पार्ट के लिए न करें।
  • ज्यादा टाइट कपडे न पहने।
  • सम्बन्ध बनाने में सावधानी और सुरक्षा का ध्यान रखें।
  • सफ़ेद पानी के रंग का ध्यान रखें क्योंकि रंग में बदलाव संक्रमण के कारण हो सकता है।
  • किसी भी तरह की दवाई का सेवन डॉक्टर से बिना पूछें न करें। किसी भी असामान्य लक्षण के महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से राय लें।

तो यह हैं प्रेगनेंसी के दौरान सफ़ेद पानी से जुडी समस्या के लिए कुछ टिप्स, ऐसे में महिला को प्रेगनेंसी के दौरान इन बातों का पूरा ध्यान रखना चाहिए। ताकि गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु को प्रेगनेंसी के दौरान इसके कारण होने वाली हर परेशानी से बचाव करने में मदद मिल सके।