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एक से तीन महीने की प्रेगनेंसी में किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए

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एक से तीन महीने की प्रेगनेंसी में किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, प्रेगनेंसी टिप्स, प्रेगनेंसी में इन बातों का ध्यान रखें, पहले ट्राइमेस्टर में क्या करें क्या नहीं, एक से तीन महीने की प्रेगनेंसी में भूलकर भी न करें यह काम, Pregnancy tips for first Trimester

जैसे ही प्रेगनेंसी की न्यूज़ घर वालों और रिश्तेदारों को पता चलती है वैसे ही हर कोई अपनी राय देना शुरू कर देता है। ऐसा करना इससे बच्चे को फायदा होगा, ऐसा मत करना, क्या अच्छा है क्या बुरा है हर कोई इस बारे में अपनी राय देना शुरू कर देता है। ऐसे में इतना सब कुछ सुनकर हो सकता है प्रेग्नेंट महिला परेशान हो जाए। लेकिन इस बात का ध्यान रखना चाहिए की गर्भावस्था के पहले तीन महीने बहुत ही ज्यादा अहम होते हैं। इस दौरान थोड़ी सी भी लापरवाही की जाए तो इसके कारण गर्भपात, बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास पर असर पड़ सकता है। ऐसे में महिला को पहले तीन महीने में अपना बहुत अच्छे से ध्यान रखना पड़ता है।

और महिला को केवल खान पान का ही नहीं बल्कि काम करने का, घूमने फिरने का, आराम का, डॉक्टर से राय लेने का, समय से टेस्ट करवाने व् दवाइयों का सेवन करने का अच्छे से ध्यान रखना पड़ता है। और इस दौरान महिला के शरीर में हो रहे तेजी से बदलाव के कारण महिला परेशानी अनुभव कर सकती है। ऐसे में उनके पार्टनर को इस दौरान उनका भरपूर साथ देना चाहिए। प्रेगनेंसी के शुरूआती दिनों में बहुत सी शारीरिक परेशानियों का सामना भी करना पड़ सकता है, ऐसे में महिला को अपना अच्छे से ध्यान रखना चाहिए।

प्रेगनेंसी के पहले तीन महीने के लिए टिप्स

खुशनुमा अहसास और शिशु को महसूस करना जहां गर्भवती महिला के लिए बहुत यादगार होता है। वहीँ इस लम्हे को पूरी तरह से एन्जॉय करने के लिए महिला को पहले ट्राइमेस्टर में अपना अच्छे से ध्यान भी रखना चाहिए। तो आइये अब जानते हैं की वो कौन कौन सी बातें हैं जिनका ध्यान प्रेग्नेंट महिला को प्रेगनेंसी के पहले तीन महीने में रखना चाहिए।

डॉक्टर का चुनाव करें

प्रेगनेंसी के कन्फर्म होने के बाद आपको सबसे पहले एक अच्छे डॉक्टर का चुनाव करके चेकअप करवाना चाहिए। ताकि प्रेगनेंसी के लिए क्या सही है और क्या नहीं इसके बारे में आप डॉक्टर से राय ले सकें।

ज्यादा न घूमें

प्रेगनेंसी के शुरूआती दिनों में सुबह के समय आप हल्का फुल्का वॉक कर सकते हैं, लेकिन इस दौरान आपको ज्यादा प्रदूषण वाली जगह, ज्यादा भीड़भाड़ में, रेडिएशन वाली जगह पर या ज्यादा दूर की यात्रा करने से बचना चाहिए, क्योंकि यदि आपको थोड़ा सा भी झटका लगता है, या प्रदूषण से आप प्रभावित होती है तो इसके कारण गर्भपात का खतरा बढ़ जाता है।

पेय पदार्थो को भरपूर लें

मॉर्निंग सिकनेस से गर्भवती महिलाएं बहुत परेशान रहती है इसके होने का एक कारण आपके शरीर में होने वाली पानी की कमी हो सकती है। ऐसे में इस समस्या से बचने के लिए आपको निम्बू पानी, अदरक की चाय, नारियल पानी, जूस, दूध आदि दिन में पीते रहना चाहिए। और साथ ही आठ से दस गिलास पानी का सेवन करना चाहिए,  इन तीन महीनो में शिशु के अंगो का विकास होना शुरू होता है ऐसे में आपको ज्यादा ध्यान रखना चाहिए की बॉडी में पानी की कमी के कारण कोई परेशानी न हो।

ओमेगा फैटी एसिड को जरूर शामिल करें आहार में

बच्चे के मानसिक रूप से बेहतर विकास के लिए, आँखों के लिए, तंत्रिका तंत्र की बेहतर सरंचना के लिए महिला को अपने आहार में ओमेगा फैटी एसिड का भरपूर सेवन करना चाहिए। और इसके लिए आपको अपने आहार में हरी पत्तेदार सब्जियां, फिश ऑयल, सरसों का तेल, नट्स आदि का भरपूर सेवन करना चाहिए।

आयरन

हीमोग्लोबिन की मात्रा में बॉडी में पर्याप्त होना बहुत जरुरी होती है। क्योंकि यदि शरीर में खून की कमी होती है तो इसके कारण बच्चे के विकास और डिलीवरी के बाद और प्रसव के समय आपको बहुत परेशानी हो सकती है। और इस समस्या से बचने और गर्भ में शिशु के बेहतर विकास के लिए आपको आयरन और फोलिक एसिड का भरपूर सेवन करना चाहिए।

आहार में न करें लापरवाही

गर्भवस्था के दौरान महिला को हर दो से तीन घंटे में कुछ न कुछ खाते पीते रहना चाहिए। क्योंकि इससे आपको ऊर्जा से भरपूर रहने में मदद मिलती है साथ ही शिशु का बेहतर तरीके से विकास भी होता है। ऐसे में आप जो भी आहार लें, वह ताजा होना चाहिए, और साथ ही प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, व् अन्य खनिज से भरपूर होना चाहिए।

जरुरी टेस्ट करवाएं

प्रेगनेंसी के दूसरे महीने में बच्चे के दिल की धड़कन को देखने के लिए डॉक्टर अल्ट्रासॉउन्ड करवाते हैं, इसके अलावा, ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट, व् एचआईवी टेस्ट, व् अन्य टेस्ट अपने डॉक्टर से पूछकर जरूर करवाएं, इसके अलावा और भी टेस्ट होते हैं। आपको इनमे बिल्कुल भी लापरवाही न करते हुए सभी टेस्ट समय पर करवाने चाहिए।

अपनी मर्ज़ी से दवाइयां न लें

पहले तीन महीने हार्मोनल बदलाव बॉडी में बहुत तेजी से होते हैं, जिसके कारण आपको परेशानी का अनुभव करना पड़ सकता है। ऐसे में इनसे निजात पाने के लिए आपको अपनी मर्ज़ी से दवाइयों का सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि गर्भनाल के रास्ते जाकर यह शिशु के लिए नुकसानदायक हो सकती हैं, ऐसे में आपको यदि कोई परेशानी है तो डॉक्टर से राय लें, और उसके बाद दवाइयां लें।

तनाव न लें

तनाव लेने के कारण गर्भपात होने के चांस बढ़ जाते हैं ऐसे में आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए। की आप तनाव न लें, और जितना हो सकें खुश रहने की कोशिश करें इसके लिए आप बुक्स पढ़ें, संगीत सुनें, इससे शिशु पर भी अच्छा असर पड़ता है।

एक से तीन महीने की प्रेगनेंसी में ध्यान देने योग्य अन्य बातें

  • गर्म पानी का इस्तेमाल न तो नहाने के लिए और न ही पीने के लिए करें।
  • कच्चे पनीर, मांस और अंडे के सेवन से परहेज करें।
  • शराब व् धूम्रपान से दूरी रखें इनका न तो सेवन करें, और न ही उस जगह पर जाएँ जहां इनका कोई इस्तेमाल कर रहा हो।
  • बाहर का खाना खाने से बचे, ज्यादा तला भुना हुआ भी न खाएं इससे आपको पेट में जलन आदि की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
  • वजन बढ़ने के डर से डाइटिंग न करें इससे आपको और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों की सेहत पर बहुत बुरा असर पड़ सकता है।
  • कोई भी समस्या के होने पर डॉक्टर से चेक जरूर करवाएं, और समय पर अपनी जांच करवाएं।
  • ज्यादा भागादौड़ी और सीढ़ियां चढ़ने से बचें।
  • कमर झुकाकर काम न करें, पेट के ऊपर दबाव न डालें, और न ही ज्यादा वजन उठाएं इनके कारण गर्भपात होने के चांस बढ़ सकते हैं।
  • हील्स और पेट पर ज्यादा टाइट होने वाले कपडे पहनने से भी परहेज करें।
  • बासी व् ठन्डे आहार का सेवन न करें, बल्कि ताजा और संतुलित आहार का सेवन करें।
  • नींद के प्रति लापरवाही न करें।
  • ऐसी किसी भी चीज का सेवन न करें जिससे गर्भपात के चांस बढ़ जाएँ।

तो यह हैं कुछ खास टिप्स जिनका ध्यान प्रेगनेंसी के पहले तीन महीने महिला को रखना चाहिए। यदि महिला इन टिप्स का ध्यान रखती है और अपनी अच्छे से केयर करती है तो शिशु को बेहतर तरीके से विकसित होने में मदद मिलती है। साथ ही आपको प्रेगनेंसी के बाकी समय भी फिट रहने में मदद मिलती है।

विडिओ एक से तीन महीने की प्रेग्नेंसी का ख्याल ऐसे रखें

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