त्वचा पर बने चकत्ते के घरेलू इलाज

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स्किन पर चकत्ते होने के कारण और उपाय

त्वचा पर लाल रंग के दाने या निशान जिनमे खुजली, जलन या सूजन हो उन्हें चकत्ते कहते हैं। सामान्यतौर पर यह समस्या गर्मियों के मौसम में अधिक होती है। इस समय की गर्मी, तेज धूप और पसीना इस समस्या का कारण बनते हैं। चकत्ते होने पर त्वचा में लालिमा दिखती है, कई बार सूजन भी आ जाती है और त्वचा के उस हिस्से में तेज जलन महसूस होती है। जो बैक्टीरिया के संक्रमण के कारण होती है। त्वचा पर चकत्ते होने पर लाल दानें भी दिखने लगते हैं। सामान्य भाषा में इसे रैशेस भी कहा जाता है।

चकत्ते होने के कारण

त्वचा पर चकत्ते होने के कई कारण हो सकते हैं यहाँ उन्ही के बारे में बताया गया है।

  • एलर्जी
  • कोई विशेष रोग
  • किसी वस्तु से रिएक्शन
  • दवाएं
  • बैक्टेरियल संक्रमण
  • वायरल संक्रमण
  • प्रतिरक्षा प्रणाली का कमजोर होना आदि।

इसके अलावा भी कुछ खास कारण होते हैं जिनकी वजह से त्वचा पर चकत्ते हो जाते हैं।

चिकनपॉक्स या चेचक

यह एक विशेष प्रकार के विषाणुओं से फैलने वाली संक्रामक बिमारी है। जिसकी शुरुवात में छाती, पीठ पर किसी हिस्से में खुजली महसूस होती है उसके बाद लाल, फुंसियां और फोड़े निकलने लगते हैं। इस समस्या के दौरान बुखार और गले में खराश की समस्या भी हो जाती है।

रूबेला

यह बिमारी भी विषाणुओं से होने वाले संक्रमणों में से एक है। यह किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है। रूबेला होने पर लाल पर लाल चकत्ते दिखने लगते हैं। इस बीमारी को खसरा के नाम से भी जाना जाता है। रूबेला होने पर सिर दर्द, गले में खरास, बुखार और सूजन की समस्या भी हो सकती है।

पित्ती उठना

बहुत से लोगों को एलर्जी की वजह से पित्ती उठने लगती है। पित्ती उठने पर त्वचा गुलाबी रंग की हो जाती है। उसमे जलन और सूजन के साथ-साथ खुजली भी होती है।

दवाओं का साइड-इफ़ेक्ट

कुछ लोगों को दवाओं से रिएक्शन हो जाता है जिसके कारण त्वचा पर लाल दाने या चकत्ते दिखने लगते हैं। इस समस्या के होने पर त्वचा हल्की बैंगनी रंग की हो जाती है।

इसके अलावा कपड़ों की डाई, विषैले पौधों से संपर्क, बालों में रुसी, घमौरी, एक्ज़िमा, जहरीले कीड़े के काटने, सोरायसिस और हेयर डाई आदि के कारण भी त्वचा पर चकत्ते हो सकते हैं।

चेहरे पर चकत्ते के घरेलू इलाज

ओलिव आयल

ओलिव आयल रैशेज की समस्या से निजात दिलाने में बहुत लाभकारी होता है। इसके इस्तेमाल से तुरंत राहत महसूस होती है। एलर्जी के कारण हो रही खुजली, जलन और सूजन को खत्म करने में भी ओलिव आयल बहुत लाभदायक है।

विटामिन ई और कॉड लिवर आयल

रैशेज होने पर इन दोनों को अच्छे से मिलाकर त्वचा पर मालिश कर लें। और रात भर ऐसे ही छोड़ दें। कुछ ही दिनों के प्रयोग में रैशेज खत्म हो जाएंगे।

तुलसी के पत्ते और ओलिव आयल

तुलसी के पत्तों का रस निकालकर उसमे काली मिर्च,लहसुन, नमक और ओलिव आयल मिला लें। और त्वचा के चकत्तों पर लगाएं। थोड़ी जलन हो सकती है, पर उपाय को करके आपको काफी राहत मिलेगी। और जलन भी ठीक हो जाएगी।

विनेगर और शहद

त्वचा पर चकत्ते होने पर शहद में एक चम्मच विनेगर मिलाकर एक ग्लास पानी में मिलाएं और इसे प्रभावित हिस्से पर लगाएं। जलन से राहत मिलेगी। और समस्या ठीक होगी।

इन बातों का खास ध्यान रखें

अगर त्वचा के किसी भी हिस्से में चकत्ते हैं तो इन बातों का खास ध्यान रखें। क्यूंकि जरा सी लापरवाही समस्या को और बढ़ा सकती है।

  • साबुन का इस्तेमाल करने से बचें।
  • बिलकुल गर्म पानी का प्रयोग करने की बजाए हल्के गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें।
  • किसी भी तरह के कॉस्मेटिक या लोशन का इस्तेमाल नहीं करें।
  • जिस स्थान पर समस्या है उसे खुला रखें, पट्टी ना बांधे और खुजाएं नहीं।
  • बहुत ज्यादा टाइट फिटिंग के कपडे नहीं पहनें। जितना हो सके लूज फिटिंग के कपडे पहनें।
  • इस माय सूती वस्त्र पहनने चाहिए जो पसीना सोख लें।
  • साफ़-सफाई का खास ध्यान रखें। त्वचा को साफ़ रखें और आस-पास बिलकुल भी गंदगी नहीं रहने दें।
  • प्रिकली हीट पाउडर का इस्तेमाल करें। इससे जलन और खुजली में आराम मिलेगा।
  • ठंडे और मसालेदार खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें। यह जलन बढ़ा सकते हैं।
  • पर्याप्त मात्रा में पानी पियें और तेज धुप में निकलने से बचें।
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