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अबॉर्शन होने के बाद क्या -क्या परेशानियां होती हैं

अबॉर्शन होने के बाद क्या -क्या परेशानियां होती हैं
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अबॉर्शन होने के बाद क्या -क्या परेशानियां होती हैं, गर्भपात के बाद होने वाली परेशानियां, अबॉर्शन के बाद आती है यह दिक्कतें, गर्भपात होने के बाद महिला को इन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है

गर्भवस्था जहां किसी महिला के बहुत ही सुखद समय होता है, वहीँ अचानक गर्भपात के कारण महिला केवल शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी प्रभावित हो सकती है। कुछ महिलाएं जो अनचाहे गर्भधारण का शिकार हो जाती है या जिन महिलाओं का गर्भपात अपने आप ही हो जाता है, दोनों को ही गर्भपात के दौरान परेशानी का अनुभव करना पड़ सकता है। और इस समय भी महिला को अपनी दुगुनी केयर करनी पड़ती है, साथ ही इस दौरान बॉडी को फिट रखने के लिए महिला को भरपूर आराम करने और भरपूर मात्रा में पोषक तत्वों का सेवन करने की सलाह दी जाती है। ताकि महिला जल्दी फिट हो सके, तो लीजिए आज हम आपको कुछ ऐसी ही परेशानियों के बारे में बताने जा रहे हैं जो अबॉर्शन के बाद महिला को हो सकती है।

हैवी ब्लीडिंग

गर्भपात होने के बाद महिला को प्राइवेट पार्ट से हैवी ब्लीडिंग हो सकती है, साथ ही रक्त के थक्के भी निकल सकते हैं। इस समय होने वाली ब्लीडिंग मासिक धर्म के दिनों में होने वाली ब्लीडिंग की तुलना में ज्यादा हो सकती है, साथ ही ज्यादा दिनों के लिए यानी दो हफ्ते तक हो सकती है। और इस दौरान ब्लीडिंग का अच्छे से होना बहुत जरुरी होता है, क्योंकि यदि ब्लीडिंग अच्छे से न हो तो कुछ टिश्यू गर्भाशय में रह सकते हैं, जिसके कारण बाद में प्रेगनेंसी के दौरान आपको समस्या हो सकती है।

दर्द ज्यादा होता है

मासिक धर्म के दौरान कई महिलाओं को पेट, पीठ, टांगो, सिर में दर्द व् चक्कर आदि की समस्या हो सकती है। और अबॉर्शन के बाद महिला को पेट के निचले हिस्से में ज्यादा दर्द हो सकता है, ऐसा हैवी ब्लीडिंग होने के कारण हो सकता है। इसके अलावा पीठ, टांगो, जांघो आदि में भी महिला को दर्द की समस्या हो सकती है।

इन्फेक्शन होने चांस होते हैं

गर्भपात के बाद गर्भवती महिला को प्राइवेट पार्ट में और बच्चेदानी में होने वाले इन्फेक्शन की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में आपको एक बार डॉक्टर से जरूर राय लेनी चाहिए क्योंकि इन्फेक्शन का बढ़ना महिला के बहुत ज्यादा नुकसानदायक हो सकता है।

बार बार गर्भपात होने के चांस

एक बार अबॉर्शन होने के बाद महिला के गर्भाशय को रिकवर होने में भी समय लगता है, ऐसे में महिला को अपना अच्छे से ध्यान रखना चाहिए, लेकिन एक बार गर्भपात होने के बाद यदि महिला बहुत जल्दी दुबारा प्रेग्नेंट हो जाती है, या गर्भाशय अच्छे से सेट नहीं होता है तो दुबारा से गर्भपात होने के चांस बढ़ जाते हैं। जिससे महिला का शरीर काफी कमजोर हो सकता है।

एक्टोपिक प्रेगनेंसी के चांस बढ़ जाते हैं

अबॉर्शन के कारण महिला को एक्टोपिक प्रेगनेंसी के चांस भी बढ़ जाते हैं, इसमें शिशु बच्चेदानी में पनप कर बल्कि फैलोपियन ट्यूब या उसके आस पास पनपने लगते हैं, इसके कारण महिला को फिर से गर्भपात करवाना पड़ सकता है। और महिला को ज्यादा दिक्कत भी हो सकती है।

प्रजनन क्षमता होती है प्रभावित

यदि महिला को बार बार गर्भपात होने लगता है तो इसके कारण प्रजनन क्षमता पर बहुत बुरा असर पड़ता है जिसके कारण महिला यदि दुबारा माँ बनना चाहती है तो अबॉर्शन के कारण महिला को समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

बुखार होना

कई महिलाओं को अबॉर्शन के बाद बुखार आने की समस्या भी हो सकती है, ऐसे में आपको अपना अच्छे से ध्यान रखना चाहिए और डॉक्टर द्वारा दी गई राय का पालन करना चाहिए।

कमजोरी महसूस होना

प्रेगनेंसी के दौरान ब्लीडिंग ज्यादा होने के कारण, शरीर में दर्द होने के कारण महिला को कमजोरी महसूस हो सकती है, ऐसे में महिला को खान पान का अच्छे से ध्यान रखना चाहिए, ताकि महिला को जल्दी फिट होने में मदद मिल सके।

प्राइवेट पार्ट से बदबू का आना

अबॉर्शन के बाद महिलाओ को ब्लीडिंग के साथ प्राइवेट पार्ट से बदबू जैसी समस्या का सामना भी करना पड़ सकता है। ऐसे में महिला को लहसुन, प्याज जैसी तीखी गंध वाली चीजों के सेवन से परहेज करना चाहिए, प्राइवेट पार्ट के लिए तेज गंध वाली किसी भी साबुन या क्रीम आदि कला उपयोग नहीं करना चाहिए, बेहतरीन क़्वालिटी में पैड का इस्तेमाल करना चाहिए, हर दो से तीन घंटे में पैड को बदलना चाहिए, आदि।

उल्टी, जी मिचलाना

गर्भपात के बाद बॉडी में हार्मोनल बदलाव होने के कारण महिला को उल्टी, जी मिचलाने, जैसी समस्या का सामना भी करना पड़ सकता है। ऐसे में अधिक उल्टी होने पर आपको अनदेखा नहीं करना चाहिए और इसके लिए डॉक्टर से पूछना चाहिए।

मानसिक रूप से परेशानी

गर्भावस्था किसी भी महिला के लिए बहुत ही खुशनुमा अहसास होता है, ऐसे में अचानक से गर्भपात का हो जाना महिला को तनाव में ला सकता है, जिसके कारण महिला मानसिक रूप से परेशानी का अनुभव कर सकती है। ऐसे में इस समय महिला को बिल्कुल भी अकेले नहीं रहना चाहिए, किताबे पड़नी चाहिए, अपनी अच्छी से केयर करनी चाहिए ताकि महिला को इस पल को भुलाने में मदद मिल सके।

अबॉर्शन के बाद डॉक्टर से कब मिलें

  • यदि आपको पेट में बहुत अधिक दर्द हो रहा है।
  • अधिक ब्लीडिंग होने कारण यदि आप हर घंटे पैड बदलने की जरुरत पड़ रही है।
  • बुखार अधिक होने के कारण।
  • ब्लीडिंग खत्म होने के बाद अल्ट्रासॉउन्ड करवाने के लिए ताकि गर्भपात के बाद आपके गर्भशय में टिश्यू न रह जाएँ।

तो यह हैं कुछ दिक्कत जो अबॉर्शन के बाद महिला को हो सकती हैं, इसके अलावा आपको इस दौरान अपना अच्छे से ध्यान रखना चाहिए, किसी भी परेशानी को अनदेखा न करते हुए डॉक्टर से मिलना चाहिए, ताकि आपको शारीरिक और मानसिक रूप से जल्दी फिट होने में मदद मिल सके।