Lifestyle, Pregnancy, Health, Fitness, Gharelu Upay, Ayurveda, Beauty Tips Online News Magazine in Hindi

एबॉर्शन के बाद होने वाली परेशानियां!

गर्भावस्था जहां किसी महिला के लिए बहुत ख़ास लम्हा होता है, तो कई महिलाओ को एबॉर्शन भी करवाना पड़ता है, कई बार महिलाओ का गर्भपात खुद हो जाता है, तो कई महिलाएं जो की अनचाहा गर्भ नहीं चाहती है, और उनके गर्भ में शिशु आ जाता है, तो वो खुद एबॉर्शन करवा लेती है, परन्तु एबॉर्शन के बाद होने वाली परेशानियों के कारण महिला को काफी दिनों तक परेशान रहना पड़ता है, एबॉर्शन का एक या दो बार से ज्यादा होने के कारण आपको शरीर से सम्बंधित ज्यादा बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

-- Advertisement --

इन्हे भी पढ़ें:- गर्भ गिराने के तरीके बिना डॉक्टरी सलाह के

गर्भपात के होने के कारण महिला के शरीर में हॉर्मोन में भी बदलाव आता है, और महिला को बहुत ज्यादा ब्लीडिंग की समस्या होती है, पेट कमर में दर्द, मासिक चक्र पर प्रभाव पड़ना, बुखार होना, सर दर्द होना ऐसी ही कुछ समस्या महिला को हो जाती है, इसके अलावा कई बार महिलाएं घर पर ही घरेलू तरीको का इस्तेमाल करके या जिनका गर्भ थोड़े दिनों के बाद खुद ही गिर जाता है, उन्हें भी एक बार डॉक्टर से परामर्श जरूर लेना चाहिए क्योंकि कई बार गर्भाशय में कुछ टिश्यू रह जाते है जिसके कारण महिला को बाद में परेशान होना पड़ता है, और इसके कारण बार बार गर्भपात के चांस भी बढ़ जाते है, तो आइये अब हम आपको विस्तार से बताते है की गर्भपात के बाद महिला को कौन कौन सी समस्या हो जाती है।

ब्लीडिंग की समस्या हो जाती है:-

एबॉर्शन के बाद महिला को बहुत अधिक मात्रा में ब्लीडिंग हो सकती है, और पीरियड्स के दिनों से ज्यादा दिनो तक ब्लीडिंग होती है, लेकिन यदि आपको ऐसा लग रहा है की आपको बहुत ज्यादा ब्लीडिंग होने के साथ हर एक घंटे में पैड को बदलना पैड रहा है, या कुछ गाढ़ा रक्तस्त्राव हो रहा है तो आपको तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए।

मासिक चक्र में बदलाव आता है:-

जैसे ही गर्भपात के बाद ब्लीडिंग खत्म होती है, इसके बाद आपका मासिक चक्र भी इससे प्रभावित होता हैं, और दो से तीन महीने तक आपकी पीरियड्स की डेट में बदलाव आ सकता है, और आपको ब्लीडिंग में भी कम या ज्यादा की समस्या हो सकती है।

इन्हे भी पढ़ें:- तीसरे महीने में बच्चा अक्सर ख़राब हो जाता हैं, तो ये समझने की कोशिश करें

बच्चेदानी से जुडी समस्या हो सकती है:-

कई बार एबॉर्शन के बाद भी गर्भाशय में कुछ टिश्यू रह जाते है, जिसके कारण महिला को अगली बार फिर से गर्भपात का खतरा बना रहता है, साथ ही इसके कारण बच्चेदानी में इन्फेक्शन की समस्या भी हो सकती है, इसीलिए एबॉर्शन के बाद एक बार डॉक्टर से अच्छे से गर्भाशय की जांच करवानी चाहिए जिससे आपको बाद में परेशानी न हो।

इन्फेक्शन के चांस बढ़ जाते है:-

एबॉर्शन के बाद महिला की स्थिति काफी नाजुक होती है, और इस दौरान महिला के प्राइवेट पार्ट और गर्भाशय में इन्फेक्शन के चांस सबसे ज्यादा होते है, इसीलिए महिला को इस समय साफ़ सफाई का ध्यान देना चाहिए, साथ ही यदि आपको प्राइवेट पार्ट में खुजली या जलन जैसी समस्या हो तो इसे अनदेखा नहीं करना चाहिए और डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

पेट में दर्द होना:-

पीरियड्स के दौरान महिला को ब्लीडिंग ज्यादा होने पर कई बार पेट में दर्द हो जाता है, ऐसी ही एबॉर्शन के बाद भी महिला को कई बार पेट में दर्द होने लगता है, ऐसे में यदि ये दर्द ज्यादा हो या फिर असहनीय हो तो आपको इस बारे में एक बार डॉक्टर से जरूर पूछना चाहिए।

तनाव हो जाता है:-

जो महिला गर्भ में पल रहे शिशु को चाहती है, और गर्भपात हो जाता है, इसके कारण कई महिलाओ के शरीर में विकार उत्त्पन्न होने लगता है जिसके कारण महिलाएं बहुत ज्यादा चिंता करने लगती है, और उनके शरीर में डिसऑर्डर हो जाता है, और महिलाएं तनाव में रहने लगती है।

बार बार एबॉर्शन का खतरा बना रहता है:-

एक बार गर्भपात होने के कारण महिला के शरीर में कमजोरी आ जाती है, ऐसे में दुबारा गर्भधारण के लिए समय लेना चाहिए, और यदि महिला कुछ ही दिनों में फिर से गर्भधारण कर लेती है, तो इसके कारण महिला के गर्भपात का खतरा बन रहता है, और यदि महिला का दो से तीन बार गर्भपात हो जाता है, तो इसके कारण महिला के शरीर में बहुत कमजोरी आ जाती है, और फिर से गर्भधारण यदि महिला करना चाहती है तो उसमे महिला को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

बांझपन की समस्या हो सकती है:-

गर्भपात किसी भी महिला के लिए बहुत ही असामान्य स्थिति होती है, ऐसे में इसका असर महिला की प्रजनन क्षमता पर पड़ता है, तो इस परेशानी से उभारने के लिए महिला के परिवार वालो या किसी डॉक्टर की राय जरूर लेनी चाहिए, यदि महिला को इसके कारण ज्यादा परेशानी हो जाती है, तो कई बार महिला को बांझपन की समस्या भी उत्त्पन्न हो सकती है, इसीलिए इससे बचने के लिए महिला उसके घर वालों को धैर्य से काम लेना चाहिए।

एक्टोपिक प्रेगनेंसी की समस्या हो जाती है:-

कई बार गर्भपात के बाद महिला को एक्टोपिक प्रेगनेंसी की समस्या हो जाती है, इस प्रेगनेंसी का कोई मतलब नहीं होता है, क्योंकि इसमें अंडे महिला की बच्चेदानी में नहीं बल्कि फेलोपियन टयूब या कही और पनपने लगते है, ऐसे में प्रेगनेंसी तो होती नहीं है बल्कि महिला को गर्भपात के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है।

एबॉर्शन के बाद यदि ये परेशानियां ज्यादा हो तो डॉक्टर से संपर्क करें:-

  • यदि आपके प्राइवेट पार्ट से बदबूदार और चिपचिपा पदार्थ अधिक मात्रा में निकले तो आपको अपने डॉक्टर की राय जरूर लेनी चाहिए।
  • पेट में असहनीय दर्द होने पर, या शरीर के अन्य हिस्सों में तेजी से दर्द होने पर।
  • यदि आपको इस बहुत अधिक बुखार, चक्कर, सर दर्द आदि की समस्या हो।
  • ब्लीडिंग बहुत अधिक मात्रा में होने पर आपको ब्लीडिंग की समस्या हो जाती है।

तो ये कुछ परेशानियां है जो आपको एबॉर्शन के बाद हो जाती है, परन्तु महिलाओ को इस स्थिति में अपना अच्छे से ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि इस समय शरीर में आई कमजोरी में अच्छे से ध्यान न रखा जाएँ तो इसके कारण आपके शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ता है, साथ ही आपको डॉक्टर से भी अपना चेक अप जरूर करवाना चाहिए, क्योंकि कई बार गर्भाशय से जुडी यदि कोई परेशानी हो जाती है, और आप दुबारा गर्भधारण करना चाहते तो आपको समस्या हो सकती है, साथ ही जितना जल्दी को महिला को इस स्थिति से बाहर आना चाहिए और धैर्य रखना चाहिए।

इन्हे भी पढ़ें:- प्राकृतिक गर्भनिरोधक क्या होता है? ये है इनके फायदे

Leave a comment