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गर्भ में बेटा होने के 10 लक्षण

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गर्भ में शिशु लड़का है या लड़की

माँ बनने की ख़ुशी किसी भी महिला के लिए सबसे अहम होती है, और गर्भ में शिशु लड़का है या लड़की इस बात से कोई फर्क भी नहीं पड़ना चाहिए। लेकिन फिर भी कहीं न कहीं महिला के मन में यह जानने की उत्सुकता हो सकती है की गर्भ में शिशु लड़का है या लड़की। और पुराने समय में तो बुर्जुग महिलएं गर्भवती महिला के बॉडी में होने बदलाव, प्रेगनेंसी के दौरान महिला के लक्षणों को देखकर ही बता देती थी की गर्भ में पल रहा शिशु लड़का है या लड़की। लेकिन ऐसा भी नहीं है यह अंदाजा पूरी तरह से सही हो लेकिन फिर भी कई बार सही भी साबित हो जाता है। और आज के समय में भी महिला की बॉडी में महसूस होने वाले कुछ लक्षणों को देखकर भी अंदाजा लगाया जा सकता है की गर्भ में शिशु लड़का होता है या लड़की। जैसे की महिला के खाने को लेकर यदि महिला की खट्टा और तीखा खाने की इच्छा होती है तो गर्भ में पल रह शिशु लड़का और मीठा खाने की इच्छा अधिक होती है तो गर्भ में लड़की होने का संकेत होता है।

लड़का होने के 10 लक्षण

यदि आप भी माँ बनने वाली है और आपके मन में भी यह जानने की उत्सुकता है की गर्भ में पल रहा शिशु लड़का है या लड़की। तो आइये आज हम आपको गर्भ में लड़का होने के कुछ लक्षणों के बारे में बताने जा रहे हैं।

पेट का आकार

गर्भवती महिला के पेट के आकार को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है जैसे की यदि प्रेग्नेंट महिला के पेट का निचला हिस्सा फूला हुआ और उभरा हुआ होता है। या पेट का आकार गोल होता है तो यह गर्भ में लड़के होने का संकेत हो सकता है।

उल्टियां

जो प्रेग्नेंट महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान उल्टी की समस्या से अधिक परेशान होती है उन महिलाओं के गर्भ में भी लड़का होने के चांस होते हैं। और उल्टी की समस्या अधिक होने के साथ महिला की भूख में भी कमी आ सकती है।

हाथ और पैर

यदि प्रेगनेंसी के दौरान महिला के पैर ठन्डे रहते हैं साथ ही महिला के हाथ और पैर रूखे हुए भी रहते हैं तो यह भी गर्भ में लड़का होने का लक्षण होता है।

स्किन

बॉडी में होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण महिला की स्किन में बदलाव आना आम बात होती है। और यदि प्रेगनेंसी के दौरान जिन महिलाओं के चेहरे पर दाने, मुहांसे की समस्या अधिक हो जाती है उन महिलाओं को भी गर्भ में लड़का होने के चांस होते हैं।

यूरिन

प्रेगनेंसी के दौरान भरपूर पानी पीना गर्भवती महिला को फिर रखने, प्रेगनेंसी के दौरान आने वाली परेशानियों को कम करने, गर्भ में शिशु के बेहतर विकास, यूरिन इन्फेक्शन जैसी समस्या से बचाव आदि के लिए बहुत जरुरी होता है। लेकिन यदि गर्भवती महिला को भरपूर पानी का सेवन करने के बाद भी यूरिन का रंग पीला नज़र आता है तो यह भी गर्भ में लड़का होने का ही एक लक्षण होता है।

मूड स्विंग्स

जिन गर्भवती महिलाओं का प्रेगनेंसी के दौरान बहुत अधिक मूड में बदलाव आता है यानी की महिला अधिक गुस्से में रहने के साथ अधिक चिड़चिड़ी रहती है। तो प्रेग्नेंट महिला के स्वभाव में आये इस बदलाव का मतलब भी गर्भ में नन्हे राजकुमार के होने की तरफ इशारा करता है।

महिला के सोने का तरीका

जो प्रेग्नेंट महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान बाईं और करवट लेकर सोना पसंद करती है उन महिलाओं के गर्भ में भी लड़का होने का चांस अधिक होता है।

बाल

यदि किसी गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी में बालों के अधिक झड़ने की समस्या हो जाती है तो यह भी गर्भ में लड़का होने की तरफ इशारा करता है।

मॉर्निंग सिकनेस

सुबह उठते समय यदि महिला को उठने में परेशानी हो, सिर में दर्द, चक्कर महसूस हो, जी मिचलाना जैसी समस्या अधिक होती है। तो यह भी गर्भ में लड़का होने का ही लक्षण हो सकता है।

दिल की धड़कन

गर्भ में शिशु के दिल की धड़कन से भी इस बात का पता लगाया जा सकता है की गर्भ में शिशु लड़का है या लड़की। यदि गर्भ में पल रहे शिशु के दिल धड़कन 140 बीट प्रति मिनट (बी एम पी) या उससे कम होती है तो यह भी गर्भ में लड़का होने का संकेत होता है।

तो यह हैं कुछ लक्षण जो यदि गर्भवती महिला की बॉडी में दिखाई देते हैं तो इसका मतलब यह होता है की गर्भ में पल रहा शिशु लड़का है। लेकिन इन संकेतों को देखकर केवल अंदाज़ा लगाया जा सकता है यह पूरी तरह से सच हो ऐसा भी मानना सही नहीं होता है।

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