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लौंग बहुत काम की है त्वचा, स्वास्थ्य और बालों के लिए!

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लौंग का प्रयोग तो सभी करते है लेकिन अधिकतर उसके फ़ायदों को नहीं जानते। इसीलिए आज हम लौंग के कुछ फ़ायदे लेकर आये है। जिन्हें जानकर आपको आश्चर्य तो होगा ही साथ-साथ प्रसन्नता भी होगी।

भारतीय रसोइयों की सबसे खास बात यही होती है की यहाँ आपको बहुत प्रकार के मसाले और seasoning material आसानी से मिल जाते है। जो खाने को एक नई सुगंध और स्वाद प्रदान करते है। परन्तु कुछ मसाले ऐसे है जो खाने के स्वाद को तो बढ़ाते ही है साथ-साथ आपके स्वास्थ्य के लिए भी काफी फायदेमंद होते है। उन्ही कुछ मसालों में से एक है लौंग। जिसका इस्तेमाल लगभग हर भारतीय रसोई में एक महत्वपूर्ण मसाले के रूप में किया जाता है। आप भी अपने खाने और चाय को कडक और स्वादिष्ट बनाने के लिए तो लौंग का इस्तेमाल करते होंगे। लेकिन क्या आप जानते है की ये मसाला आपके स्वास्थ्य के लिए कितना लाभदायक है।लौंग का एसेंशियल आयल

इतना ही नहीं स्वास्थ्य के अलावा त्वचा संबंधी समस्याएं और बालों से जुडी सभी परेशानियों में ये काफी लाभदायक होता है। पहले के समय में सभी लोग इस प्राकृतिक देन का खूब इस्तेमाल किया करते थे। लेकिन आज कल के मॉडर्न जमाने में लोग इस देन को भूलते ही जा रहे है। कोई जानकारी के आभाव में इसका इस्तेमाल करने से चूक जाते है तो कोई घरेलू उपाय समझकर इसका इस्तेमाल ही नहीं करते। इसीलिए आज हम आपको लौंग के उन सभी के बारे में बताने जा रहे है जिनसे शायद आप आजतक अनजान थे। ऐसे तो लौंग के बहुत से फायदे है लेकिन आपकी सुविधा के लिए हमने इन्हें तीन भागों स्वास्थ्य, त्वचा और बालों में बाँट दिया है। तो चलिए, जानते है लौंग के फायदें!!

स्वास्थ्य के लिए लौंग के फ़ायदे :-

1. दांत में दर्द :

दांतों में दर्द की समस्या के लिए लौंग का इस्तेमाल करना काफी लाभदायक होता है। इसीलिए 99% टूथपेस्ट में लौंग एक महत्वपूर्ण सामग्री के रूप में प्रयोग की जाती है।

2. उल्टियाँ :उल्टियां और जी मचलना

अगर लौंग और लौंग के तेल का एक साथ साथ सेवन किया जाए तो जी मचलने की समस्या में आराम मिलता है।

3. कफ और सांसों की बदबू :

लौंग का सेवन करने से कफ और सांसों की बदबू की समस्या को ठीक किया जा सकता है। ये समस्या आजकल के समय में होने वाली आम समस्यायों में से एक है जिससे हर कोई परेशान रहता है। नियमित रूप से लौंग का सेवन करने से इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। आप चाहे तो इसे अपने खाने का हिस्सा बनाकर भी इसका सेवन कर सकते है।

4. खाने को स्वादिष्ट बनाये :

लौंग का इस्तेमाल कई खाद्य पदार्थों की सीसनिंग में किया जाता है। जो खाने को एक मजेदार फ्लेवर और सुगंध प्रदान करता है।

5. Sinusitis :

लौंग की मदद से Sinusitis की समस्या को भी ठीक किया जा सकता है। इसके लिए पीसी हुई लौंग के पाउडर को नाक में डालें। इस उपाय के लिए आप उचित आकार की पाइप का इस्तेमाल कर सकते है।

6. सुबह की थकान :

सुबह की थकान को हटाने के लिए ये सबसे बेहतर घरेलू उपाय है। इसके लिए लौंग की 10 कलियाँ लें और उन्हें इमली और चीनी के साथ मिला लें। अब पानी के साथ इन सामग्रियों को डालकर एक मिश्रण बना लें। दिन में दो बार इस मिश्रण का सेवन करें फायदा मिलेगा।

7. पेट फूलना :

पेट फूलने की समस्या से निजात पाने के लिए लौंग को पाने के साथ मिला लें और उसका प्रयोग चाय बनाने के लिए करें। ये चाय पेट फूलने की समस्या में आराम देने में मदद करेगी।

8. सर्दी :

सामान्य सर्दी होने पर हलके गुनगुने पानी में लौंग के तेल की 10 बूंद और शहद डालकर पीने से काफी लाभ मिलता है। बेहतर परिणामों के लिए इसका सेवन दिन में दो से तीन बार करें।

9. कामोद्दीपक (Aphrodisiac) :

लौंग एक बेहतर कामोद्दीपक के रूप में भी कार्य करती है। इसकी खुशबु थकावट और थकान को दूर करके स्फूर्ति जगाने में मदद करती है।

10. तनाव :लौंग

शायद आप नहीं जानते लेकिन इसकी मदद से शरीर के तनाव से भी राहत पाई जा सकती है। इसके लिए लौंग को तुलसी की पत्ती, पुदीने और इलायची के साथ मिलाकर एक फ्लेवर्ड चाय बनाएं। तानव से राहत पाने के लिए शहद के साथ इस चाय का सेवन करें। आराम मिलेगा।

त्वचा के लिए लौंग के फायदे :

लौंग के तेल की तासीर काफी स्ट्रोंग होती है इसीलियें इसका इस्तेमाल थोडा ध्यान से करना चाहिए। लगाने के लिए प्रयोग करते समय 1 % मात्रा लौंग के तेल की किसी अन्य के साथ मिलाकर प्रयोग करनी चाहिए। क्योंकि इस तेल के डायरेक्ट प्रयोग से आपकी त्वचा पर जलन आदि की समस्या हो सकती है। Naturopaths और beauticians द्वारा लौंग के तेल का इस्तेमाल त्वचा संबंधी परेशानियों को दूर करने के लिए किया जाता है। त्वचा के लिए लौंग के अन्य फायदे निम्नलिखित है –

11. एक्ने की समस्या :

एक्ने को हटाने के लिए लौंग का तेल काफी प्रभावी होता है। आप चाहे तो इसे सीधे ही अपनी त्वचा के प्रभावित क्षेत्रों पर लगा सकती है या अन्य फेस पैक और मसाज क्रीम के साथ इसे मिलाकर प्रयोग में ला सकती है। त्वचा पर लगाने पर ये sensation उत्पन्न करता है। sensation के पीछे का कारण लौंग के तेल की शक्तिशाली प्रकृति होती है।लौंग का फूल

इस तेल में मौजूद एंटी माइक्रोबियल गुण प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद बैक्टीरिया को भी समाप्त करने में मदद करते है। त्वचा में होने वाली समस्याएं जैसे वाइटहेड, ब्लैकहैड, दाग़-धब्बे, मुहांसे और scaly स्किन एक बीमारी के लक्षण है और इसी रोग को एक्ने के काम से जाना जाता है। त्वचा में होने वाले patches और blemishes भी एक्ने के कारण ही उत्पन्न होते है। सामान्य तौर पर एक्ने किशोरावस्था में हॉर्मोन के असंतुलन के कारण उत्पन्न होते है। लौंग के पौधे के फूल से बनाए गए एसेंशियल आयल में शुद्धता के गुण पाए अजते है। जो pimple के कारण होने वाली जलन और सुजन को कम करते है। इसके साथ ही ये त्वचा में मौजूद सभी हानिकारक बैक्टीरिया को समाप्त करने में भी मदद करते है।

12. दाग़-धब्बे और blemishes :

त्वचा के दाग़-धब्बे और blemishes को हटाने के लिए भी इसका प्रयोग किया जा सकता है। लेकिन इसका इस्तेमाल केवल प्रोफेशनल की देख रेख में ही करना चाहिए। लौंग के तेल को त्वचा में लगाने पर ये एक mild chemical peel के रूप में कार्य करता है। जो blemishes को exfoliate करके डेड स्किन को निकालने में मदद करता है। ताकि आपकी त्वचा जवां और स्वस्थ दिखे।

13. एंटी-ओक्सिडेंट प्रकृति :

अन्य सभी एसेंशियल आयल की तुलना में Clove एसेंशियल आयल में एंटी oxidents की उच्च मात्रा पाई जाती है। और इस बात को हम सभी जानते है की स्वस्थ त्वचा और शरीर के लिए एंटी ओक्सिडेंट बहुत लाभकारी होता है। इसके अलावा लौंग के एसेंशियल आयल में मिनरल्स जैसे पोटैशियम, सोडियम, फॉस्फोरस, आयरन और विटामिन ए और सी की भी अच्छी मात्रा पाई जाती है।

14. रैशेज, कट और घाव :

लौंग के एसेंशियल आयल का इस्तेमाल rashes, scabies, stings, cuts, wounds, bites, fungal infections आदि समस्यों को ठीक करने के लिए भी किया जा सकता है।

15. Anxiety (चिंता, घबराहट) :

ये Anxiety की समस्या में आराम देने के साथ-साथ नींद को बढ़ाने में भी मदद करता है। इसके अलावा clove एसेंशियल आयल के इस्तेमाल से आकर्षक और साफ़-सुथरी त्वचा भी पाई जा सकती है। अस्वस्थ त्वचा के सबसे मुख्य कारण Anxiety और Insomnia है। और इसके एसेंशियल आयल की antimicrobial, anti-fungal, aphrodisiac, antiviral, antiseptic और stimulating प्रकृति इन सभी समस्यायों को दूर करने में मदद करती है।

बालों के लिए लौंग के फायदें :-

त्वचा और स्वास्थ्य के अतिरिक्त लौंग के कुछ फायदे आपके बालों के लिए भी है। तो अगर आपके साथ इनमे से कोई भी एक समस्या है तो लौंग का इस्तेमाल करके देखें। लेकिन प्रोफेशनल की सलाह के बाद। और इच्छित परिणाम पाइए।

16. बालों का झड़ना :लौंग

लौंग और लौंग के तेल का इस्तेमाल बालों के झड़ने की समस्या में किया जा सकता है। इसके अलावा बालों की मोटाई बढ़ाने के लिए भी इसका इस्तेमाल करना लाभकारी होता है।

17. Hair Color Refresher :

लौंग की चाय एक बेहतर Hair Color Refresher है। इसके लिए बालों को कलर करने और शैम्पू कर लेने के बाद अपने बालों में लौंग की चाय का इस्तेमाल करें। लेकिन एक बात का ध्यान रखें की लगाते समय चाय बिलकुल ठंडी हो। इस उपाय के इस्तेमाल से आपके बाल पहले से अधिक खुबसुरत और आकर्षक हो जायेंगे। बालों के लिए लौंग एक तरह का सेंट है जो refreshed hair के लिए फायदेमंद होता है।

18. हेयर कंडीशनर :

अगर आपके बाल भी हलके भूरे और श्यामले रंग के है तो ओलिव आयल के साथ लौंग मिलकर उसका प्रयोग कंडीशनर के रूप में करें। ये बालों में एक नई खुशबु देने के साथ-साथ एक बेहतर रंग देने में भी मदद करेगा। इस कंडीशनर को बनाने के लिए, 2 चम्मच पीसी हुई लौंग और आधा कप ओलिव आयल लें। अब के पैन में इस मिश्रण को गर्म कर लें।

लेकिन एक बात का ध्यान रखें की आपको इसे उबलना नहीं है बल्कि गर्म करना है। थोड़ी देर बाद उसे उतारकर 3 घंटे तक ठंडा होने के लिए छोड़ दें। बाद में मिश्रण को छान कर किसी बोतल में रख लें। अब नहाने से पहले, थोडा सा लौंग और ओलिव आयल के मिश्रण को गर्म करें और अपनी हथेलियों के बीच रगड़ कर इससे अपनी स्कैल्प की मसाज करें। कंघी की मदद से इसे पुरे बालों में फैला लें। 20 मिनट तक रखने के बाद बालों को अच्छे से धों लें। बेहतर परिणामों के लिए हफ्ते में दो बार इस उपाय का इस्तेमाल करें।

क्या लौंग नुकसान भी करती है?

जी हां, यूँ तो लौंग और उसके तेल के बहुत से फ़ायदे है। लेकिन कुछ नुकसान भी है। लौंग या उसके तेल के अत्यधिक प्रयोग से ये आपके स्वास्थ्य और त्वचा को हानि दे सकते है। जिसकी वजह से एलर्जी भी होएं लगती है। अधिक मात्रा में लौंग का सेवन करने से ब्लड में शुगर की मात्रा कम हो जाती है। कई बार ब्लीडिंग की समस्या भी हो जाती है। इसीलिए इसका इस्तेमाल सिमित मात्रा में और डॉक्टरी परामर्श के बाद ही करना चाहिए।