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डिलीवरी के कितने दिनों बाद शारीरिक सम्बन्ध बनाना चाहिए

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डिलीवरी के बाद शारीरिक सम्बन्ध बनाने का सही समय कौन सा होता है? और ये कितना सेफ होता है? और डिलीवरी के बाद कितने समय तक शारीरिक सम्बन्ध नहीं बनाना चाहिए, इस बारे में डिलीवरी के बाद ज्यादातर कपल सोचते है, तो आइये आज हम आपको बताते है की प्रसव के बाद कितने दिनों तक शारीरिक सम्बन्ध नहीं बनाना चाहिए।

प्रसव के बाद शारीरिक सम्बन्ध बनाते समय ध्यान रखना चाहिए की महिला रक्त का फ्लो न हो रहा हो, ऐसा इसलिए क्योंकि प्लेसेंटा के बाहर निकलने से गर्भाशय में हुए घाव अभी भी भर रहे होते है, और यदि आप महिला के साथ रक्त स्त्राव में सम्बन्ध बनाते है तो इसके कारण आपको इन्फेक्शन की समस्या हो सकती है, और यदि डिलीवरी के समय महिला को ज्यादा टांके आते है, तो इस बात का भी आपको ध्यान रखना चाहिए, और बेहतर होता है की इसके लिए आप डॉक्टर से भी राय लें,

क्योंकि महिला को शरीरिक रूप से सामान्य होने में डिलीवरी के बाद समय लग सकता है, डिलीवरी के बाद महिला कई शारीरिक और भावनात्मक बदलाव से गुजरती है, डिलीवरी के दौरान महिलाओं के जननांग और उनके आस-आस की जगह भी काफी असामान्य होती है , जिसके कारण शारीरिक सम्बन्ध बनाने से महिला को तकलीफ हो सकती है, इसके अलावा आपको डिलीवरी के बाद शारीरिक सम्बन्ध बनाते समय किन किन बातों का ध्यान रखना चाहते है, आइये आपको बताते है।

जब तक महिला के टांके अच्छे से सेट न हो जाएँ:-

महिला को डिलीवरी के बाद टांके लगते है, नार्मल डिलीवरी में इन टांको की संख्या कम होती है, परतु इन्हें सेट होने में समय लग सकता है, ऐसे में यदि शारीरिक सम्बन्ध बनाने में ज्यादा तेजी या जल्दी बरती जाएँ तो महिला को शारीरिक नुकसान हो सकता है, इसीलिए महिला के शरीरिक रूप से फिट होने और डॉक्टर की राय के बाद ही महिला को शारीरिक सम्बन्ध बनाना चाहिए।

महिला को होने दें शारीरिक रूप से फिट:-

डिलीवरी के बाद महिला को शारीरिक रूप से थकान होना बिलकुल स्वाभाविक होता है, क्योंकि प्रेगनेंसी के नौ महीने महिला बहुत से उतार चढ़ाव से गुजरती है, उसके बाद भी बच्चे को स्तनपान करवाना, रात भर जागने के कारण और भी बहुत से कारण की वजह से महिला शारीरिक रूप से फिट होने में समय ले सकती है, ऐसे में शारीरिक सम्बन्ध बनाते समय बिलकुल भी तेजी नहीं बरतनी चाहिए, बल्कि महिला के स्वास्थ्य का अच्छे से ध्यान रखना चाहिए।

ध्यान रखें महिला को रक्तस्त्राव तो नहीं हो रहा है:-

प्रसव के बाद महिला को कम से कम तीन हफ्ते में लिए रक्त स्त्राव होता है, क्योंकि महिला के गर्भाशय की अच्छे से सफाई होती है, ऐसे में महिला के साथ कभी भी शारीरिक सम्बन्ध नहीं बनाने चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से महिला को संक्रमण होने का खतरा रहता है, साथ ही दर्द आदि की भी सम्भावना होती है, इसीलिए कभी भी जब तक महिला को प्रसव के बाद रक्त स्त्राव हो रहा हो, शारीरिक सम्बन्ध नहीं बनाना चाहिए।

जब तक महिला मानसिक रूप से तैयार न हो:-

प्रेगनेंसी के नौ महीने और उसके बाद महिला के शरीर में आने वाले परिवर्तन के कारण महिलाएं कई बार असहज महसूस करती है, या उनके स्वाभाव में परिवर्तन आ जाता है, जैसे की वो चिचिड़ी हो जाती है, या तनाव में रहने लगती है, ऐसे में महिलाओ को शारीरिक सम्बन्ध बनाने के प्रति अरुचि उत्त्पन्न हो जाती है, इसीलिए शारीरिक सम्बन्ध बनाने के लिए महिला के साथ कभी जबरदस्ती नहीं करना चाहिए, बल्कि धीरे धीर उन्हें शरीरिक सम्बन्ध के लिए उनके पुरे फिट हो जाने के बाद तैयार करना चाहिए।

डॉक्टर से राय लें:-

डिलीवरी के बाद आपको कब शारीरिक सम्बन्ध बनाना है, जिसके कारण महिला को किसी भी शारीरिक समस्या का सामना न करना पड़ें इसके लिए आपको अपने डॉक्टर से राय लेनी चाहिए, क्योंकि डॉक्टर इस विषय में आपको अच्छी राय दें सकते है, साथ ही महिला की स्थिति को चेक करके भी बता सकते है, की महिला अभी शारीरिक सम्बन्ध बनाने के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार है या नहीं।

तो ये कुछ बातें है जिनका ध्यान आपको डिलीवरी के बाद महिला से शारीरिक सम्बन्ध बनाते समय रखना चाहिए, और डिलीवरी के बाद महिला को फिट होने में कम से कम तीन महीने का समय लग सकता है, और नार्मल और सिजेरियन डिलीवरी में फ़र्क़ होता है, इसीलिए सिजेरियन में आपको ज्यादा दिनों के लिए परहेज करना पड़ता है, और नार्मल डिलीवरी में भी ऐसा कुछ फिक्स नहीं होता है, की इतने दिनों बाद ही आप शारीरिक सम्बन्ध बना सकते है, ये महिला की शारीरिक स्थिति पर भी निर्भर करता है, इसीलिए महिला की स्थिति के सामान्य होने के बाद आप डॉक्टर की राय लेकर ही शारीरिक सम्बन्ध बनाने की शुरुआत करनी चाहिए।

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