शिशु का सिर नीचे कब होता है? और आप कैसे जानेगें की शिशु पोजीशन में आ गया है

गर्भ में शिशु का सिर नीचे की तरफ कब होता है
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गर्भ में शिशु का सिर नीचे की तरफ कब होता है, आप कैसे जानेंगे की शिशु अपनी पोजीशन में आ गया है, कौन से महीने में शिशु का सिर नीचे की तरफ होता है, बच्चे का सिर नीचे की स्थिति में कब आता है

प्रेगनेंसी के पूरे नौ महीने महिला के लिए नए अनुभव, और नए सवालों से भरे हुए होते है। शुरुआत में जहां महिला शरीर में होने वाले बदलाव और परेशानियों के बारे में सोचती है, तो दूसरी तिमाही में शिशु की हलचल का अनुभव सबसे खास होता है। वहीँ आखिरी महीने में महिला डिलीवरी को लेकर सोचती है की उसे कैसे पता चलेगा की अब शिशु का जन्म होने वाला है, उसकी डिलीवरी नोर्मल होगी या सिजेरियन, कब शिशु अपनी जन्म लेने की सही पोजीशन में आएगा आदि। तो लीजिये आज हम आपको ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब देने जा रहे हैं।

शिशु का सिर नीचे की तरफ कब आता है

हर महिला के लिए यह बात कह पाना मुश्किल होता है की गर्भ में शिशु अपने सिर को नीचे की तरफ कब करता है। क्योंकि यह महिला की शारीरिक प्रक्रियाओं के साथ शिशु के विकास, और गर्भ में शिशु के लिए कितनी जगह है, आदि पर निर्भर करता है। नोर्मल केस में देखा जाए तो तीस से चौतीस हफ़्तों के के बीच शिशु सिर नीचे की तरफ करने लगता है। लेकिन कई बार ऐसा भी होता है की शिशु अपना सिर नीचे की तरफ नहीं करता है, यानी की उसका सिर ऊपर और पैर और कूल्हे नीचे की तरफ होते है, और डिलीवरी के समय तक भी शिशु अपना सिर नीचे की तरफ नहीं करता है। इस पोजीशन को ब्रीच पोजीशन कहा जाता है।

शिशु के इस पोजीशन में होने के कई कारण हो सकते हैं जैसे की शिशु के विकास में कमी होने के साथ महिला द्वारा पहले बच्चे के समय भी शिशु का गर्भ में इसी अवस्था का होना। और यदि शिशु डिलीवरी का समय पास आने पर भी इसी पोजीशन में ही रहता है तो इसका मतलब होता है की महिला को शायद शिशु के जन्म के लिए सिजेरियन डिलीवरी करवानी पड़े। ऐसे में पूरी तरह से किसी भी महिला के लिए यह बता पाना की शिशु कब हेड डाउन पोजीशन में आएगा यह थोड़ा मुश्किल होता है।

शिशु पोजीशन में आ गया है यह आप कैसे जानेंगे

गर्भ में शिशु की पोजीशन में आ गया है यह तो पता करना थोड़ा मुश्किल है, लेकिन गर्भवती महिला की बॉडी कुछ ऐसे संकेत देती है। जिससे यह पता चल जाता है की महिला के प्रसव का समय पास आ गया है। तो आइये अब जानते हैं की महिला प्रसव के समय का कैसे पता लगा सकती है।

  • डिलीवरी का समय पास आने पर प्राइवेट पार्ट से यूरिन की तरह सफ़ेद गाढ़े चिपचिपे पदार्थ का निकलना महिला के प्रसव के समय के पास आने का संकेत देता है। यह एमनियोटिक फ्लूड होता है जिसमे गर्भाशय में शिशु पूरे नौ महीने तक रहता है, इस फ्लूड के निकलने का मतलब होता है की गर्भाशय की थैली फट गई है और अब शिशु का जन्म कभी भी हो सकता है।
  • यदि गर्भवती महिला के पेट में हल्का हल्का दर्द होता है, और रुक जाता है, और उसके बाद धीरे धीरे यह दर्द बढ़ता है और घटता है, तो यह लेबर पेन हो सकता है, यह भी शिशु का जन्म अब कभी भी हो सकता है इस बात की और इशारा करता है।

तो यह है कुछ बातें जो आपको गर्भ में शिशु की पोजीशन या डिलीवरी का समय पास आने के समय ध्यान रखनी चाहिए, साथ ही यदि डॉक्टर की दी गई तारीख के आस पास भी आपको कोई दर्द या कुछ महसूस नहीं होता है तो भी आपको जल्दी से जल्दी डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।