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1 से 3 महीने तक गर्भपात होने से ऐसे बचाएं

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गर्भपात से बचने के लिए इन बातों का ध्यान रखें, माँ बनना महिला के लिए जिंदगी का सबसे अनमोल अहसास होता है। लेकिन यदि किसी कारण महिला का गर्भपात हो जाता है तो इसके कारण महिला न केवल शारीरिक रूप से बल्कि मानसिक रूप से भी टूट जाती है। और कई बार महिला को अपनी बॉडी में कुछ असहज लक्षण महसूस भी होते हैं जो गर्भपात होने का संकेत होते हैं। लेकिन जानकारी न होने के कारण महिला को मिसकैरिज का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा कई बार महिला द्वारा बरती गई लापरवाही के कारण भी महिला का गर्भपात हो सकता है।

इसीलिए डॉक्टर्स भी प्रेगनेंसी के पहले तीन महीने महिला को बहुत ज्यादा सावधानी बरतने की सलाह देते हैं, क्योंकि इस दौरान ही महिला का गर्भपात होने के चांस अधिक होते हैं। ऐसे में गर्भपात से बचने के लिए महिला को कुछ बातों का पता होना बहुत जरुरी होता है। ताकि महिला को गर्भपात जैसी परेशानी से बचे रहने में मदद मिल सके। तो आइये अब जानते हैं की गर्भपात से बचने के लिए महिला को क्या- क्या करना चाहिए।

खाद्य पदार्थों का ध्यान

  • प्रेग्नेंट महिला के लिए खान पान का ध्यान रखना बहुत जरुरी होता है।
  • ऐसे में महिला को उन चीजों का सेवन तो भरपूर मात्रा में करना चाहिए जो महिला और शिशु के लिए फायदेमंद होती है।
  • लेकिन उन खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए जिससे महिला का गर्भपात हो सकता है।
  • जैसे की कच्चा पपीता, अनानास, कटहल, नशीले पदार्थ, कैफीन, आदि।
  • इसके अलावा जिन खाद्य पदार्थों की तासीर गर्म होती है उनका सेवन भी प्रेग्नेंट महिला को करने से बचना चाहिए जैसे की ड्राई फ्रूट, केसर, आदि।
  • यदि महिला अपने खान पान में सतर्कता बरतती है तो इससे महिला को गर्भपात जैसी परेशानी से बचे रहने में मदद मिलती है।

गर्भपात से बचने के लिए न करें भागादौड़ी

  • गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के पहले तीन महीने जितना हो सके आराम करना चाहिए।
  • क्योंकि महिला जितना अपने शरीर पर जोर डालती है उतना ही गर्भपात का खतरा रहता है।
  • ऐसे में गर्भपात से बचने के लिए महिला को बाहर घूमना फिरना, यात्रा करना, अधिक व्यायाम करना, सीढ़ियां चढ़ना, शॉपिंग करना आदि से परहेज करना चाहिए।

तनाव

  • ज्यादातर पहली बार माँ बन रही महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान बॉडी में होने वाले बदलाव के कारण तनाव में आ सकती है।
  • लेकिन गर्भवती महिला को इस दौरान तनाव लेने से बचना चाहिए।
  • क्योंकि केवल शारीरिक रूप से ही नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी महिला का अधिक परेशान रहना महिला के गर्भपात का कारण बन सकता है।

शरीर में होने वाले बदलाव को समझें

  • कई बार महिला को बॉडी में कुछ ऐसे लक्षण महसूस होते है जो गर्भपात का संकेत दे सकते हैं।
  • ऐसे में महिला को उन लक्षणों को अनदेखा नहीं करना चाहिए और तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए।
  • जैसे की ब्लीडिंग चाहे कम हो या ज्यादा एक बार डॉक्टर से जरूर मिलें।
  • यूरिन पास करते समय पेट या पेट के निचले हिस्से में दर्द को अनदेखा न करें।
  • पेट, पीठ, पेट के निचले हिस्से में दर्द अधिक होना भी है गर्भपात का लक्षण।
  • वजन में कमी, ब्लड प्रैशर कण्ट्रोल में न रहना, ब्रेस्ट का बहुत ज्यादा टाइट होना, आदि भी गर्भपात के ही लक्षण होते हैं।
  • इसीलिए महिला जितना अपने बॉडी में होने वाले बदलाव को लेकर सतर्क रहती है उतना ही महिला को गर्भपात से बचे रहने में मदद मिलती है।

गर्भपात से बचने के लिए न उठाएं भारी वजन

  • गर्भवती महिला को भारी सामान को उठाने व् सरकाने से भी बचना चाहिए।
  • क्योंकि इसके कारण पेट पर दबाव पड़ने का खतरा रहता है।
  • जिसके कारण महिला को ब्लीडिंग की परेशानी हो सकती है और ब्लीडिंग का ज्यादा होना गर्भपात का कारण बन सकता है।

पेट के बल काम

  • गर्भवती महिला को ऐसा कोई भी काम नहीं करना चाहिए जिससे पेट पर दबाव पड़े या जोर लगे।
  • जैसे की पैरों के भार बैठकर काम, झुककर काम, पेट के बल खड़े होकर काम आदि नहीं करना चाहिए।
  • क्योंकि इसके कारण महिला का गर्भपात होने का खतरा रहता है।

दवाइयों का सेवन

  • प्रेग्नेंट महिला को डॉक्टर की सलाह के बिना किसी भी दवाई का सेवन भी नहीं करना चाहिए।
  • क्योंकि इन दवाइयों का गर्भ पर नकारात्मक असर पड़ता है जिसके कारण महिला को गर्भपात का सामना करना पड़ सकता है।
  • ऐसे में गर्भपात से बचने के लिए महिला को बिना डॉक्टरी सलाह के किसी भी दवाई का सेवन नहीं करना चाहिए।

गर्म पानी से नहाना

  • गर्भपात से बचने के लिए प्रेग्नेंट महिला को गर्म पानी से भी नहीं नहाना चाहिए।
  • क्योंकि गर्म पानी से नहाने के कारण बॉडी के तापमान में फ़र्क़ आ सकता है।
  • जिसके कारण महिला को गर्भपात जैसी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

गर्भपात से बचने के लिए न बनाएं सम्बन्ध

  • गर्भवती महिला को गर्भपात से बचने के लिए प्रेगनेंसी के पहले तीन महीने अपने पार्टनर के साथ सम्बन्ध बनाने से बचना चाहिए।
  • क्योंकि सम्बन्ध बनाने पर गर्भाशय पर चोट का खतरा रहता है जिससे मिसकैरिज हो सकता है।

तो यह हैं कुछ खास टिप्स जिनका ध्यान यदि प्रेग्नेंट महिला रखती है तो इससे प्रेग्नेंट महिला को गर्भपात से बचे रहने में मदद मिलती है।

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