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डिलीवरी में तीन महीने बाकी है तो इन बातों का ध्यान रखें

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डिलीवरी से पहले के तीन महीने रखें अपना खास ख्याल

गर्भधारण से लेकर डिलीवरी तक गर्भवती महिला को अपना खास ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। डॉक्टर से लेकर घर के बड़े बूढ़े तक सभी गर्भवती महिला को खान-पान और स्वास्थ्य पर ध्यान देने की सलाह देते हैं। यूँ तो गर्भावस्था के सभी नौ महीने बहुत ही अहम और खास होते हैं। लेकिन डिलीवरी से पहले के तीन महीने यानी 7 वां, 8 वां और 9 वां महीना गर्भावस्था की पूरी अवधि का सबसे खास समय होता है। इसलिए डिलीवरी के पहले तीन महीने गर्भवती महिला को खास ख्याल रखना चाहिए।

प्रेगनेंसी के आखिरी तीन महीने

डॉक्टरों के अनुसार, प्रेगनेंसी के आखिरी के तीन महीने महिलाओं को अपने खान पान से लेकर रहन सहन तक सभी में उचित बदलाव करने चाहिए। क्योंकि गर्भावस्था के पांचवे महीने के बाद से पेट भी बढ़ने लगता है। ऐसे में गर्भवती महिला को अपने पेट का खास ध्यान रखना चाहिए। इसके अलावा अपने खान-पान में भी उचित बदलाव करने चाहिए। तो आइये विस्तार से जानते हैं डिलीवरी के पहले के तीन महीने में किन-किन बातों का ध्यान रखें और क्या करें जिससे डिलीवरी में समस्या ना हो?

डिलीवरी होने के पहले के तीन महीने इन बातों का ध्यान रखें

प्रेगनेंसी का 7 वां, 8 वां और 9 वां महीना बहुत ही ध्यान रखने वाला होता है। इस समय गर्भवती महिला को हर चीज का खास ख्याल रखना चाहिए। खासकर 9 वे महीने में। नीचे हम आपको कुछ टिप्स दे रहे हैं जिन्हे गर्भावस्था के आखिरी 3 महीनों में अपनाकर आप खुद को और अपने बच्चे को स्वस्थ रख सकती हैं।

ज्यादा देर खड़े ना हो

आखिरी महीनों में पेट बढ़ने के साथ-साथ वजन भी बढ़ने लगता है। इस अवस्था में आधी देर तक खड़े रहने से पेट के निचले हिस्से पर जोर पड़ने लगता है जिसके कारण पीठ दर्द की समस्या हो सकती है। इसलिए इस समय में ज्यादा देर तक खड़े होने से बचें और जितना हो सके आराम करें।

इस तरह ना बैठें 

इन महीनों में चेयर पर पैर लटकाकर बैठने से पैरों में सूजन आ सकती है। इसके अलावा इन महीनों में पैरों के भार पर भी नहीं बैठना चाहिए। इससे पैरों में दर्द और सूजन की समस्या हो सकती है।

पेट के भार पर ना सोएं 

गर्भावस्था के आखिरी तीन महीनों में गर्भवती महिला को कभी भी पेट के भार नहीं सोना चाहिए। क्योंकि इस समय में पेट का आकार बढ़ जाता है, ऐसे में इस तरह सोने से परेशानी हो सकती है और शिशु की शारीरिक संरचना पर भी प्रभाव पड़ सकता है।

खान-पान का रखें ध्यान

इन तीन महीनों में गर्भवती महिला को अपने खान-पान का भी खास ख्याल रखना चाहिए। एक बार भर पेट खाने की बजाय उतना खाना ही 5 से 6 बार में थोड़ा-थोड़ा करके खाना चाहिए। अधिक देर तक भूखा नहीं रहना चाहिए। खाने में कैल्शियम, और डेरी प्रोडक्ट्स का अधिक से अधिक सेवन करना चाहिए। साथ ही विटामिन और आयरन सप्लीमेंट्स भी लेते रहना चाहिए। खासकर की घी, कहते है प्रेग्नेंसी के आखिरी समय में जितना हो सके घी पीना चाहिए ये प्रसव को आसान करने में मदद करता है।

व्यायाम करें 

यूँ तो गर्भावस्था के दौरान सभी नौ महीनों में व्यायाम करने की सलाह दी जाती है। लेकिन आखिरी के तीन महीनों में व्यायाम जरूर करने चाहिए। इससे प्रसव में आसानी होती है। इसके लिए आप सरल और बिना परिश्रम वाले व्यायाम अपना सकती हैं। ज्यादा कड़े व्यायाम ना करें।

संबंध से परहेज 

प्रेग्नेंसी के आखिरी तीन महीनों में गर्भवती महिला के पेट का आकार बढ़ने लगता है ऐसे में संबंध बनाने से आपको असहजता महसूस होगी। इसके अलावा इस दौरान संबंध बनाने से पेट पर दबाब पड़ने के चांसेस भी बढ़ जाते हैं इसलिए इन महीनों में जितना हो सके संबंध बनाने से परहेज रखना चाहिए।

इन कामों को करने से बचें 

प्रेग्नेंसी के आखिरी तीन महीनों में गर्भवती स्त्री को पोंछा लगाने से बचना चाहिए। इससे पेट पर दबाब पड़ता है जो आपके शिशु के लिए ठीक नहीं।

ये समस्याएं हो सकती है 

गर्भावस्था के आखिरी महीनों में अपच, सीने में जलन, सूजन, जल्दी पेशाब लगने और ऐंठन की समस्याएं हो सकती है। इसके अलावा पीठ दर्द की समय भी हो सकती है। इसीलिए परेशान ना हो।

इनका भी ध्यान रखें 

गर्भावस्था के आखिरी महीने में भारतीय शौचालय का इस्तेमाल करना चाहिए, यह आपको स्क्वाट मुद्रा देता है जो डिलीवरी के समय प्रसव में बहुत लाभकारी होती है।