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थायरॉइड के लक्षण और बचाव के घरेलू उपाय

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थायरॉइड एक ऐसी परेशानी है जिसका सामना आज कल बहुत सी महिलाओं या पुरुषों को करना पड़ रहा है। थायरॉइड की समस्या एक ऐसी समस्या है जिसका सबसे अहम कारण आज कल की गलत जीवनशैली व् लाइफस्टाइल है। साथ ही यदि आयुर्वेद की मानें तो शरीर में वात पित्त कफ दोष से सम्बंधित परेशानी होने के कारण यह समस्या होती है। जब शरीर में वात एवं कफ दोष हो जाता है तो इसकी वजह से थायरॉइड हो जाता है। इसके अलावा इस समस्या का उपचार भी आसानी से किया जा सकता है इस समस्या का उपचार आयुर्वेदिक तरीकों से करने के साथ घरेलू नुस्खों से भी किया जा सकता है।

क्या होता है थायरॉइड?

गले में आगे की एक ग्रंथि होती है जो आपके स्वरतंत्र के बिल्कुल साथ ही होती है। यह दिखने में एक तितली के आकार की होती है। और यही ग्रंथि शरीर की कई जरूरी गतिविधियों को नियंत्रित करती है ताकि आपके शरीर में सभी अंगों को सुचारु रूप से काम करने में मदद मिल सकें। साथ ही यह ग्रंथि भोजन को ऊर्जा में बदलने का काम करती है। थायरॉइड ग्रंथि T3 यानी ट्राईआयोडोथायरोनिन और T4 यानी थायरॉक्सिन हार्मोंन का निर्माण करती है।

इन हॉर्मोन का सीधा असर सांस, हृदय गति, पाचन तंत्र और शरीर के तापमान पर पड़ता है। इसके अलावा यह हॉर्मोन हड्डियों, मांसपेशियों व कोलेस्ट्रॉल को भी नियंत्रित करते हैं। ऐसे में जब यह हॉर्मोन्स असंतुलित हो जाते हैं, तो वजन कम या ज्यादा होने लगता है, तो इसे ही थायरॉइड की समस्या कहते हैं। और इस समस्या के होने पर शरीर में आपको अलग अलग लक्षण भी महसूस होते हैं। इसके अलावा मस्तिष्क में पिट्यूरी ग्रंथि से एक अन्य हार्मोन निकलता है, जिसे की थायरॉइड स्टिमुलेटिंग हार्मोन (TSH) कहते हैं।

यह हार्मोन शरीर में अन्य दो थायरॉइड हॉर्मोन टी3 और टी4 के प्रवाह को नियंत्रित करता है। जो की शरीर में वजन, तापमान, मांसपेशियों की ताकत, यहां तक की आपके मूड को भी नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। थायरॉइड की समस्या महिलाओं व् बुजुर्गों में सबसे अधिक देखने को मिलती है पुरुषों को यह समस्या हो सकती है लेकिन उतना ज्यादा यह समस्या पुरषों में देखने को नहीं मिलती है।

थायरॉइड के प्रकार

अधिकतर लोगो में दो प्रकार का थायरॉइड देखने को मिलता है:-

हाइपोथायरायडिज्म (Hypothyroidism)

जब थायरॉइड ग्रंथि जरूरत से कम मात्रा में हॉर्मोन का निर्माण करती है। तो इसे हाइपोथायरायडिज्म (Hypothyroidism) कहा जाता है इसमें व्यक्ति का वजन जरुरत से ज्यादा हो जाता है।

हाइपरथायरॉइडज्म (Hyperthyroidism)

जब थायरॉइड ग्रंथि जरूरत से ज्यादा हॉर्मोन का निर्माण करती है। तो इसे हाइपरथायरॉइडज्म (Hyperthyroidism)
कहा जाता है इसमें व्यक्ति का वजन कम होने लगता है।

थायरॉइड के लक्षण

  • घबराहट होना, तनाव महसूस होना, चिड़चिड़ाहट होना, आदि।
  • बालों के झड़ने या पतले होने की समस्या का अधिक होना।
  • पसीना जरुरत से ज्यादा आना।
  • हाथों का कांपना।
  • महिलाओं में पीरियड्स से जुडी समस्या अधिक होना जैसे की महिला के पीरियड देरी से आना, कम आना, आदि।
  • नींद न आने की समस्या अधिक होना।
  • बहुत अधिक खाना खाने के बाद वजन का न बढ़ना या फिर कुछ न खाने पर भी वजन का तेजी से बढ़ना।
  • हड्डियों में कैल्शियम की कमी होना।
  • सचने, समझने, याद रखने की क्षमता में कमी होना।
  • धड़कन कम होना।
  • शरीर में थकावट अधिक होना।
  • पेट सम्बन्धी समस्या जैसे कब्ज़ होना, जोड़ो में दर्द रहना, मांसपेशियों में अकड़न रहना, आदि।
  • महिलाओं को प्रेगनेंसी नहीं होने की समस्या होना।
  • चेहरे पर सूजन होना।
  • समय से पहले ही बालों का सफ़ेद हो जाना।
  • ब्लड प्रैशर असामान्य होना।

थायरॉइड होने के कारण

  • बहुत सी महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान यह समस्या हो जाती है।
  • यह समस्या अनुवांशिक भी हो सकती है यदि आपके घर में पहले किसी को थायरॉइड की समस्या है तो हो सकता है की आपको भी यह दिक्कत हो या आपके परिवार के अन्य सदस्यों को भी यह समस्या हो जाये।
  • गलत खान पान, गलत लाइफस्टाइल भी इस समस्या के होने का एक अहम कारण है।
  • शरीर में आयोडीन की कमी होने के कारण भी यह समस्या हो जाती है।

थायरॉइड की समस्या से बचाव के घरेलू उपचार

यदि आप थायरॉइड की समस्या से पीड़ित है तो कुछ आसान घरेलू उपचार करके आप इस समस्या से निजात पा सकते हैं। तो आइये अब जानते हैं की थायरॉइड की समस्या से बचाव के घरेलू उपचार कौन-कौन से हैं।

मुलेठी

मुलेठी थायरॉइड की समस्या से बचाव के लिए बहुत ही असरदार उपाय है क्योंकि इसमें ट्रीटरपेनोइड ग्लाइसेरीथेनिक एसिड मौजूद होता है जो थायरॉइड ग्रंथि को सही रखने में मदद करता है। ऐसे में आप नियमित रूप से मुलेठी का सेवन करें आपको जरूर फायदा मिलेगा।

हल्दी दूध

हल्दी के औषधीय गुणों से कोई भी अनजान नहीं है और हल्दी का सेवन करने से आप थायरॉइड की समस्या से भी निजात पा सकते हैं। इसके लिए आप नियमित रूप से एक गिलास में आधा चम्मच हल्दी या फिर कच्ची हल्दी लाकर उसे पीसकर उसे दूध में डालकर अच्छे से उबाल लें। और फिर इसका सेवन करें ऐसा करने से भी थायरॉइड की समस्या से निजात पाने में मदद मिलती है।

लौकी

लौकी के जूस का सेवनकरने से भी थायरॉइड की समस्या से आराम मिलता है यदि आप नियमित रूप से लौकी का जूस पीते हैं तो आपको जल्द ही इस समस्या से छुटकारा पाने में मदद मिलती है। लेकिन ध्यान रखें की लौकी का जूस निकालने से पहले टेस्ट कर लें की लौकी कड़वी न हो।

काली मिर्च

काली मिर्च भी थायरॉइड की समस्या में फायदा करती है ऐसे में अपने खाने पीने की चीजों में काली मिर्च को मिलाकर उसका सेवन करें आपको जरूर फायदा मिलेगा।

हरा धनिया

हरा धनिया भी थायरॉइड की समस्या से बचाव के लिए असरदार घरेलू नुस्खा है इसके लिए आप हरे धनिये को अच्छे से पीसकर उसे पानी में मिलाएं और उसका सेवन करें। ऐसा करने से भी आपको थायरॉइड की समस्या से बचाव करने में मदद मिलती है।

तुलसी

नियमित रूप से दो चम्मच तुलसी के रस में आधा चम्मच एलोवेरा जूस मिलाकर पीएं। ऐसा करने से भी थायरॉइड की समस्या को दूर करने में मदद मिलती है।

त्रिफला चूर्ण

आपको अपने घर के आस पास होने वाली किसी भी पंसारी की दूकान से त्रिफला चूर्ण मिल जाता है। यदि आपको थायरॉइड है तो नियमित रूप से आप एक चम्मच त्रिफला चूर्ण का सेवन करें। ऐसा करने से भी आपको थायरॉइड की समस्या से निजात पाने में मदद मिलती है।

अश्वगंधा

अश्वगंधा चूर्ण का सेवन करने से भी आपको थायरॉइड की समस्या से निजात पाने में मदद मिल सकती है। इसके सेवन के लिए आप नियमित रात को सोने से पहले एक चम्मच अश्वगंधा चूर्ण को गाय के गुनगुने दूध के साथ लें। इसके अलावा आप चाहे तो अश्वगंधा की जड़ और पत्तियों को भी पानी में उबालकर पी सकते हैं। यदि आप नियमित रूप से इसका सेवन करते हैं तो इससे शरीर में हार्मोनल संतुलन बना रहता है। जिससे आपको थायरॉइड की समस्या के साथ अन्य समस्या से निजात पाने में भी मदद मिलती है।

सेब का सिरका

एक चम्मच सेब के सिरके को एक गिलास पानी में मिक्स करें साथ ही एक चम्मच शहद भी इसमें मिलाएं और इस ड्रिंक का सेवन नियमित रूप से कुछ दिनों तक करें। ऐसा करने से आपको थायरॉइड की समस्या से राहत पाने में मदद मिलती है साथ ही इससे शरीर में मौजूद विषैले पदार्थों को भी बाहर निकालने में मदद मिलती है।

अलसी

अलसी के बीज मैग्नीशियम, विटामिन बी 12 जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं। साथ ही इसमें फैटी एसिड भी भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं जो थायरॉइड ग्रंथि को सही से काम करने में मदद करते हैं।

डेयरी प्रोडक्ट्स

डेयरी प्रोडक्ट्स में आयोडीन की मात्रा मौजूद होती है जो शरीर में आयोडीन के स्तर को सामान्य बनाएं रखने में मदद करते हैं और थायरॉइड की समस्या से निजात पाने में मदद करते हैं।

तो यह हैं थायरॉइड से बचाव के कुछ घरेलू नुस्खें यदि आप या आपके घर में कोई अन्य इस समस्या से पीड़ित है तो आप भी इन आसान नुस्खों को ट्राई करके इस समस्या से निजात पा सकते हैं।

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