सरसों का तेल या रिफाइंड क्या खाना चाहिए प्रेगनेंसी में

स्वस्थ रहने के लिए सही आहार का सेवन करना कितना जरुरी होता है यह तो आप सभी जानते ही हैं। लेकिन आपका आहार आपके लिए तभी फायदेमंद होता है जब उसे सही तरीके से पकाया जाता है। जैसे की यदि आप कच्चे आहार या आधे पके हुए आहार का सेवन करते हैं तो उसे हज़म करने में आपको दिक्कत होती है जिसके कारण पेट में दर्द जैसी परेशानी होती है। वैसे ही खाने बनाने के लिए आप किन किन चीजों का इस्तेमाल कर रहे हैं यह भी महत्वपूर्ण होता है।

यदि आप खाना तो भरपूर खा रही हैं लेकिन खाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली चीजें सही इस्तेमाल नहीं कर रही हैं तो इसके कारण भी आपको दिक्कत हो सकती है। और गर्भावस्था के दौरान तो इन सभी बातों का ध्यान ज्यादा रखने की जरुरत होती है। तो आइये आज इस आर्टिकल में हम आपको गर्भवती महिला को खाना बनाने के लिए सरसों के तेल इस्तेमाल करना चाहिए या रिफाइंड इस बारे में बताने जा रहे हैं।

क्या खाना चाहिए प्रेगनेंसी में सरसों का तेल या रिफाइंड?

गर्भावस्था के दौरान कुकिंग ऑयल का ध्यान रखना बहुत जरुरी होता है। क्योंकि सही कुकिंग ऑयल भी आपके स्वास्थ्य को सही रखने में मदद करता है। और जब बात प्रेगनेंसी की हो तो इस बात का ध्यान रखना ज्यादा जरुरी हो जाता है। ऐसे में सरसों का तेल या रिफाइंड क्या खाना प्रेगनेंसी के दौरान सही होता है इसके बारे में जानना भी जरुरी होता है।

सरसों का तेल

सरसों का तेल सरसों के बीजों से निकाला जाता है और खाना पकाने के लिए सरसों के तेल को सबसे बेहतरीन माना जाता है। साथ ही सरसों के तेल एंटी ऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है। जो प्रेग्नेंट महिला को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। लेकिन इसका फायदा आपको तभी मिलता है जब आप सरसों के तेल को अच्छे से जलाकर यानी पकाकर उसका सेवन करते हैं। क्योंकि यदि गर्भवती महिला कच्चे तेल का सेवन करती है तो इससे बॉडी में खून की कमी, फेफड़ों से सम्बंधित बीमारी, हदय सम्बंधित समस्या होने का खतरा रहता है।

रिफाइंड

रिफाइंड की बात की जाये तो इसमें बहुत से अलग अलग प्रकार का रिफाइंड आता है जैसे की कैनोला तेल, सोयाबीन तेल, कार्न ऑयल, सूरजमुखी तेल, मूंगफली तेल, आदि। ऐसे में गर्भवती महिला यदि रिफाइंड का इस्तेमाल करें और हर बार वह अलग तरह का हो तो इससे गर्भवती महिला को परेशानी हो सकती है। जबकि तिल, मूंगफली, सोयाबीन तेल वाला रिफाइंड पोषक तत्वों से भरपूर होता है लेकिन हो सकता है की इससे गर्भवती महिला को किसी तरह की एलर्जी हो। ऐसे में रिफाइंड का सेवन करके किसी तरह की समस्या का सामना करने से अच्छा है की सेहत के साथ किसी तरह की लापरवाही न बरती जाएँ।

तो ऐसे में यदि परिणाम की बात की जाये तो गर्भवती महिला के लिए सरसों का तेल का सेवन करना ही फायदेमंद होता है। क्योंकि इससे गर्भवती महिला की सेहत को नुकसान नहीं होता है बल्कि फायदे ही मिलते हैं। बस गर्भवती महिला को सरसों के तेल का सेवन करने से पहले इस बात का ध्यान रखना है की महिला सरसों के तेल को अच्छे से पका ले।