प्रेगनेंसी के दौरान वजाइनल इन्फेक्शन का ऐसे करें उपचार

प्रेगनेंसी के दौरान वजाइनल इन्फेक्शन का ऐसे करें उपचार, गर्भवती महिला प्राइवेट पार्ट में इन्फेक्शन होने पर अपनाएँ यह टिप्स, वजाइनल इन्फेक्शन से बचने के टिप्स, प्रेगनेंसी में इन्फेक्शन से ऐसे बचें

गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के दौरान बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जैसे की तनाव, मॉर्निंग सिकनेस, उल्टी, सिर दर्द, चक्कर, पेट में दर्द, आदि। ऐसी ही एक और परेशानी का सामना गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के दौरान करना पड़ सकता है जिसे की वजाइनल इन्फेक्शन या फंगल इन्फेक्शन भी कहते हैं। और इसके होने पर खुजली, जलन, दर्द, सूजन, आदि की समस्या भी गर्भवती महिला को हो सकती है। यदि गर्भवती महिला को प्राइवेट पार्ट में यह इन्फेक्शन हो जाता है, तो इसे अनदेखा नहीं करना चाहिए। या तो इसके लिए डॉक्टर से राय लेनी चाहिए या फिर घरेलू नुस्खे का इस्तेमाल करके इसका इलाज करना चाहिए, क्योंकि प्राइवेट पार्ट में इन्फेक्शन ज्यादा होने के कारण गर्भ में शिशु को भी नुकसान पहुँच सकता है। तो आइये अब जानते हैं की गर्भवती महिला को वजाइनल इन्फेक्शन से बचाव के लिए क्या करना चाहिए।

लहसुन

लहसुन प्राइवेट पार्ट के इन्फेक्शन से निजात दिलाने में आपकी बहुत मदद करता है, क्योंकि यह एंटीफंगल गुणों से भरपूर होता है। इसके इस्तेमाल के लिए आप लहसुन की दो कली को छीलकर पीस दें, उसके बाद इसे अपने प्राइवेट पार्ट में लगाएं, और उसके बाद इसे थोड़ी देर के लिए छोड़ दें, सुबह उठकर प्राइवेट पार्ट को अच्छे से प्राइवेट पार्ट को साफ़ कर लें। इससे आपको बहुत जल्दी इस समस्या से निजात पाने में मदद मिलेगी।

सेब का सिरका

एंटीमाइक्रोबील गुण गुणों से भरपूर सेब का सिरका प्राइवेट पार्ट में फंगल इन्फेक्शन को बढ़ने से रोकता है। साथ ही आपको इस समस्या से निजात दिलाने में भी मदद करता है, इसके इस्तेमाल के लिए आप दो चम्मच सेब के सिरके के साथ एक गिलास पानी का मिलाएं और उसे स्प्रे की बोतल में डाल दें। उसके बाद दिन में दो बार प्राइवेट पार्ट को अच्छे से साफ़ करके थोड़ा सा मिश्रण उस पर छिड़क दें, और उसे सूखने दें, इससे भी आपको इस समस्या से बचाव करने में मदद मिलेगी।

दही

दही भी आपको प्रेगनेंसी के दौरान वजाइनल इन्फेक्शन की समस्या से निजात दिलाने के साथ प्राइवेट पार्ट में हानिकारक बैक्टेरिया के जमाव को खत्म करने में मदद करती है। इसके लिए आप दही को फैट कर अपने प्राइवेट पार्ट पर रुई की मदद से लगाएं और पांच से दस मिनट बाद प्राइवेट पार्ट को साफ़ कर लें। ऐसा नियमित इन्फेक्शन के ठीक होने तक करें।

पानी का भरपूर सेवन करें

पानी की कमी के कारण भी गर्भवती महिला को यह समस्या हो सकती है, ऐसे में पानी का भरपूर सेवन करना चाहिए। ताकि बॉडी में मौजूद सभी विषैले पदार्थो को बाहर निकालने में मदद मिल सके। और इससे आपको वजाइनल इन्फेक्शन की समस्या से राहत पाने में भी मदद मिलती है।

नारियल तेल

नारियल तेल को यदि आप अपने खाने में इस्तेमाल करते हैं तो भी आपको वजाइनल इन्फेक्शन से बचने में मदद मिलती है। क्योंकि इसमें मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट प्राइवेट पार्ट के ph स्तर को सामान्य रखने में मदद करते हैं जिससे आपको फायदे मिलता है।

डॉक्टर से कब राय लें

यदि इन्फेक्शन को एक हफ्ते से ज्यादा समय हो जाए, साथ ही खुजली, जलन के साथ सफ़ेद पानी अधिक आने लगे, यूरिन में से बदबू आये, दर्द महसूस हो तो ऐसे में इसे अनदेखा न करते हुए जल्द से जल्द डॉक्टर से राय लेनी चाहिए।

प्रेगनेंसी में प्राइवेट पार्ट के इन्फेक्शन से बचने के अन्य टिप्स

  • यूरिन पास करने के बाद अच्छे से प्राइवेट पार्ट को साफ़ करना चाहिए।
  • ज्यादा टाइट अंडरवीअर नहीं पहननी चाहिए।
  • सूती कपडे वाली अंडरवीअर ही पहननी चाहिए।
  • मैला अंडरवीअर न पहने, साथ ही यदि सफ़ेद पानी अधिक आये या गीलापन महसूस हो तो आपको तुरंत अंडरवीअर को बदलना चाहिए।
  • ज्यादा गंध वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल प्राइवेट पार्ट के लिए नहीं करना चाहिए।
  • ज्यादा मसालेदार आहार का सेवन न करें।
  • खुजली, जलन आदि की समस्या यदि एक हफ्ते से ज्यादा हो तो इससे बचने के लिए तुरंत डॉक्टर से राय लेनी चाहिए।

तो यह हैं कुछ खास उपाय जिनका इस्तेमाल प्रेगनेंसी के दौरान वजाइनल इन्फेक्शन की समस्या से बचने के लिए आप कर सकते हैं। इसके अलावा आपको डॉक्टर से भी एक बार जरूर राय लेनी चाहिए, ताकि इस समस्या को बढ़ने से रोका जा सके, और गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु को किसी भी तरह की समस्या से बचाव करने में मदद मिल सके।