प्रेगनेंसी में पानी की कमी (एमनियोटिक फ्लूड) होने के कारण

माँ के गर्भ में शिशु पूरी तरह से सुरक्षित होता है क्योंकि गर्भ में शिशु एमनियोटिक फ्लूड होता है और गर्भनाल से जुड़ा होता है। गर्भनाल की मदद से शिशु को भरपूर पोषक तत्व मिलते हैं जिससे शिशु का विकास बढ़ता है। और एमनियोटिक फ्लूड शिशु के बेहतर विकास में मदद करने के साथ शिशु को सुरक्षित रखने में भी मदद करता है।

इसीलिए गर्भ में शिशु के बेहतर विकास के लिए गर्भाशय में एमनियोटिक फ्लूड की मात्रा का सही होना बहुत जरुरी होता है। लेकिन कुछ केस में गर्भाशय में एमनियोटिक फ्लूड की कमी हो जाती है। और ऐसा होने के कई कारण हो सकते हैं तो आज इस आर्टिकल में हम आपको गर्भाशय में एमनियोटिक फ्लूड की कमी होने के क्या कारण होते हैं इस बारे में बताने जा रहे हैं।

गर्भनाल से जुडी समस्या

यदि गर्भनाल के माध्यम से शिशु तक पोषक तत्व, ऑक्सीजन, ब्लड अच्छे से नहीं पहुँच पाता है तो इस कारण गर्भाशय में एमनियोटिक फ्लूड की कमी हो जाती है।

रिसाव होना

कुछ केस में महिला के प्राइवेट पार्ट से रिसाव होना शुरू हो जाता है। इसका कारण गर्भाशय के आस पास की झिल्ली का टूटना होता है। यदि किसी गर्भवती महिला को यह समस्या होती है तो इस कारण भी एमनियोटिक फ्लूड की कमी की समस्या हो जाती है।

पानी की कमी

यदि गर्भवती महिला के शरीर में पानी की कमी होती है तो इस कारण भी गर्भवती महिला को एमनियोटिक फ्लूड की कमी की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली परेशानियां

गर्भावस्था के दौरान महिला को बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है जैसे की शरीर में खून की कमी का होना, जेस्टेशनल डाइबिटीज़, हाई ब्लड प्रैशर आदि। यदि किसी गर्भवती महिला को यह परेशानियां होती है तो इस कारण भी महिला को एमनियोटिक फ्लूड की कमी की समस्या हो सकती है।

दवाइयों के कारण

कुछ ऐसी दवाइयां होती है जिनका सेवन यदि किसी कारण गर्भवती महिला प्रेगनेंसी के दौरान करती है। तो उन दवाइयों का सेवन करने के कारण भी गर्भाशय में एमनियोटिक फ्लूड की कमी हो सकती है।

गर्भ में एक से ज्यादा शिशु का होना

यदि प्रेग्नेंट महिला के गर्भ में एक से ज्यादा शिशु होते हैं तो इस कारण भी महिला को इस परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

डिलीवरी का समय पास आने पर

गर्भवती महिला की डिलीवरी डेट जब पास आती है या फिर डिलीवरी डेट निकल जाती हैं। तो ऐसा होने पर भी गर्भाशय में एमनियोटिक फ्लूड की कमी हो सकती है।

एमनियोटिक फ्लूड की मात्रा सही रखने के तरीके

एमनियोटिक फ्लूड की मात्रा को सही रखने के लिए गर्भावस्था के दौरान महिला को पानी का भरपूर सेवन करना चाहिए। साथ ही जितना हो सके प्रेगनेंसी में होने वाली परेशानियों से बचे रहने की कोशिश करनी चाहिए। इसके अलावा एक बार डॉक्टर की राय भी जरूर लेनी चाहिए।

तो यह है प्रेगनेंसी में एमनियोटिक फ्लूड में कमी के कारण व् इस समस्या से बचने के कुछ उपाय, यदि आप भी प्रेग्नेंट हैं तो आपको भी यह जानकारी पता होनी चाहिए ताकि आपको ऐसी की दिक्कत न हो।