Ultimate magazine theme for WordPress.

प्रेगनेंसी में बैंगन खाना कितना खतरनाक हो सकता है

0

गर्भवस्था में बैंगन

प्रेगनेंसी के दौरान क्या खाना चाहिए और क्या नहीं इसे लेकर महिला बहुत परेशान रहती है, क्योंकि कौन सी चीज का सेवन करना चाहिए, कितनी मात्रा में करना चाहिए यह जानना प्रेगनेंसी के दौरान बहुत जरुरी होता है। क्योंकि आवश्यकता से अधिक कोई भी चीज प्रेगनेंसी के दौरान नुकसानदायक हो सकती है। ऐसे ही बैंगन के सेवन को लेकर भी गर्भवती महिला के मन में प्रश्न आ सकता है। की प्रेगनेंसी के दौरान बैंगन का सेवन करना चाहिए या नहीं? तो इसका जवाब है की प्रेगनेंसी के दौरान बैंगन का सेवन किया जा सकता है क्योंकि इसमें भी पोषक तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं जो गर्भवती महिला को इम्युनिटी को बढ़ाने में मदद करते हैं, ब्लड प्रैशर को कण्ट्रोल रखते हैं, बैड कोलेस्ट्रॉल को घटाने में मदद करते हैं, जन्म के समय शिशु को होने वाली परेशानियों से बचाता हैं, पेट सम्बन्धी समस्या जैसे कब्ज़ आदि को दूर करने में मदद करता है, आदि। लेकिन बैंगन का अधिक सेवन करने से आपको नुकसान भी पहुँच सकता है।

प्रेगनेंसी में बैंगन का सेवन करने के नुकसान

गर्भवती महिला यदि जरुरत के अनुसार करती है तो इसे गर्भवती महिला को फायदा मिलता है, लेकिन आवश्यकता से अधिक या नियमित इसका सेवन करने से बचना चाहिए। क्योंकि प्रेगनेंसी के दौरान बैंगन का अधिक सेवन करने से गर्भवती महिला को बहुत सी गंभीर परेशानियों का सामना भी करना पड़ सकता है साथ ही इससे शिशु पर भी बुरा असर पड़ सकता है। तो लीजिए अब विस्तार से जानते हैं की प्रेगनेंसी के दौरान बैंगन का सेवन करने से कौन कौन से नुकसान होते हैं।

गर्भपात

बैंगन में मौजूद फाइटो न्यूट्रिएंट्स मौजूद होते हैं जिसके कारण ब्लीडिंग की समस्या हो सकती है, और खून का स्त्राव अधिक होने लग सकता है। ऐसे में महिला के मिसकैरिज होने के चांस बढ़ सकते हैं, इसीलिए हो सके तो प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में बैंगन का सेवन करने से बचना चाहिए।

एसिडिटी

प्रेगनेंसी के दौरान महिला को कब्ज़, एसिडिटी, पेट फूलना जैसी समस्या का होना आम बात होती है, और इसके साथ यदि प्रेग्नेंट महिला बैंगन का सेवन करती हैं तो इसके कारण आपकी परेशानी बढ़ सकती है, और एसिडिटी बढ़ने के कारण महिला असहज महसूस कर सकती है। ऐसे में प्रेगनेंसी के दौरान एसिडिटी की समस्या के कारण आपको अधिक परेशानी न हो इसीलिए अधिक बैंगन का सेवन करने से गर्भवती महिला को बचना चाहिए।

संक्रमण

बैंगन का सेवन यदि पर्याप्त मात्रा में प्रेगनेंसी के दौरान किया जाये तो इससे प्रतिरोधक क्षमता की मजबूती को बनाये रखने में मदद मिलती है। लेकिन यदि आवश्यकता से अधिक यदि बैंगन का सेवन किया जाये तो इससे संक्रमण होने का भी खतरा रहता है।

पाचन क्रिया

बॉडी में होने वाले हार्मोनल प्रभाव के कारण प्रेगनेंसी के दौरान पाचन क्रिया धीमी पड़ सकती है, ऐसे में गर्भवती महिला को फाइबर युक्त आहार का सेवन करने की सलाह दी जाती है जिससे पाचन क्रिया को बेहतर तरीके से काम करने में मदद मिल सके। ऐसे में पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने के लिए गर्भवती महिला को बैंगन का सेवन करने से परहेज करना चाहिए। क्योंकि बैंगन का सेवन अधिक मात्रा करने से पाचन क्रिया धीमी पड़ सकती है जिससे पेट सम्बन्धी समस्या होने का खतरा रहता है।

प्रीमेच्योर डिलीवरी

बैंगन का सेवन यदि गर्भवती महिला अधिक मात्रा में करती है तो इसके कारण यूटेरस में संकुचन होने के चांस बढ़ जाते हैं। जिसके कारण शिशु का समय से पहले जन्म यानी की प्रीमेच्योर डिलीवरी की सम्भावना रहती है। ऐसे में समय पूर्व प्रसव के खतरे से बचे रहने के लिए बैंगन का सेवन नहीं करना चाहिए।

तो यह हैं कुछ नुकसान जो गर्भवती महिला को बैंगन का सेवन करने से हो सकते हैं इसीलिए गर्भवती महिला चाहे तो कभी -कभी इसका सेवन कर सकती है लेकिन जरुरत से ज्यादा इसका सेवन करने से गर्भवती महिला को बचना चाहिए।