प्रेगनेंसी में घेवर क्यों खाना चाहिए?

राजस्थान, ब्रज की पारंपरिक मिठाइयों की यदि बात की जाये तो उसमे घेवर का नाम सबसे पहले आता है। घेवर बरसात यानी सावन के मौसम में बनाया जाता है, तीज, रक्षाबंधन आदि त्योहारों पर घेवर की सबसे अधिक बिक्री होती है। जितना खूबसूरत घेवर दिखने में लगता है उतना ही यह खाने में स्वादिष्ट और लजीज भी होता है।

घेवर नाम एक है लेकिन यह कई तरीके से बनाया जाता है जैसे की प्लेन घेवर, मलाई वाला घेवर, मावे का घेवर, पनीर का घेवर आदि। और जब इतने अलग अलग स्वाद में घेवर आता है तो जाहिर सी बात है की लोग खूब चाव के साथ इसे खाना भी पसंद करते हैं। लेकिन जब बात गर्भवती महिला की आती है तो उसके मन में घेवर खाने से पहले यह सवाल जरूर आता है की वो इसे खाएं या नहीं?

प्रेग्नेंट महिला घेवर खाए या नहीं?

यदि आप प्रेग्नेंट हैं और आपका घेवर खाने का मन कर रहा है। तो आपको सोचने की जरुरत नहीं है बल्कि आप शौक से इसे खा सकती है। बस इस बात का ध्यान रखें की जरुरत से ज्यादा घेवर न खाएं और अच्छी जगह से घेवर लेकर खाएं। ताकि आप घेवर को खाकर एन्जॉय कर सके, न की इसे खाने के बाद आपको कोई परेशानी हो।

घेवर खाने के फायदे

  • प्रेगनेंसी के दौरान महिला का कुछ न कुछ अलग खाने की इच्छा होती है ऐसे में घेवर खाने से महिला के मुँह का स्वाद बदल जाता है
  • घेवर बनाने में मावा, दूध, मलाई, पनीर आदि का इस्तेमाल किया जाता है और यह सभी चीजें पोषक तत्वों से भरपूर होती है जिससे प्रेग्नेंट महिला को फायदा मिलता है।

तो यह हैं प्रेगनेंसी के दौरान घेवर का सेवन करने से जुडी कुछ बातें, तो यदि आप भी प्रेग्नेंट हैं और आपका भी घेवर खाने का मन कर रहा है। तो बरसात के मौसम को एन्जॉय करने के साथ आप घेवर के स्वाद को भी एन्जॉय कर सकती है।