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प्रेगनेंसी में यह 5 लक्षण दिखाई दें तो समझ जाइये की महिला और शिशु स्वस्थ हैं

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प्रेगनेंसी एक ऐसा समय होता है जहां महिला अपनी छोटी छोटी आदतों, मूवमेंट, काम का अच्छे से ध्यान रखना पड़ता है। क्योंकि इस दौरान बरती गई थोड़ी सी लापरवाही गर्भवती महिला के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। और गर्भ में पल रहा शिशु भी महिला पर निर्भर करता है ऐसे में महिला द्वारा की गई लापरवाही से शिशु पर भी उसका असर पड़ सकता है। ऐसे में आप ऐसा कह सकते हैं की प्रेगनेंसी महिला के लिए बहुत ही ख़ुशी भरा पल होने के साथ कठिन समय भी होता है। क्योंकि प्रेगनेंसी के दौरान बॉडी में होने वाले हार्मोनल बदलाव व् परेशानियों से अपने आप को स्वस्थ रखने के साथ महिला को शिशु के विकास का भी अच्छे से ध्यान रखना पड़ता है। और हर गर्भवती महिला यही चाहती है की प्रेगनेंसी के दौरान ऐसी कोई भी लापरवाही महिला न करे जिससे महिला या शिशु को कोई दिक्कत हो।

प्रेग्नेंट महिला व् शिशु के स्वस्थ होने के लक्षण

जरुरी नहीं है, की हर गर्भवती महिला को प्रेगनेंसी के दौरान एक जैसी परेशानी हो या किसी भी तरह की परेशानी हो। बल्कि यह हर गर्भवती महिला के बॉडी में होने वाले हार्मोनल बदलाव पर निर्भर करता है। जैसे की कुछ महिलाएं प्रेगनेंसी के पहले तीन महीने परेशान रहती है तो कुछ पूरे नौ महीने तक किसी न किसी दिक्कत का सामना करती रहती है। साथ ही कुछ महिलाएं ऐसी भी होती है जिन्हे किसी भी तरह की दिक्कत से अधिक परेशान नहीं होना पड़ता है। तो लीजिये आज हम आपको ऐसे पांच लक्षणों के बारे में बताने जा रहे हैं जो यदि गर्भवती महिला में होते हैं तो यह गर्भ में पल रहे शिशु और महिला के प्रेगनेंसी के दौरान स्वस्थ होने की निशानी होती है।

आहार का ध्यान

बहुत सी ऐसी महिलाएं होती है जो प्रेगनेंसी के दौरान खाना तो खाती है लेकिन खाने में कौन कौन से पोषक तत्वों का भरपूर मात्रा में होना जरुरी होता है इसका ध्यान नहीं रखती है या फिर खाने में किसी तरह की लापरवाही करती है। और ऐसा करना न केवल प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली परेशानियों को बढ़ाता है बल्कि इससे गर्भ में शिशु के विकास में भी कमी आ सकती है। लेकिन जो महिलाएं खाने में भरपूर मात्रा में पोषक तत्वों को शामिल करती है, समय पर अपने आहार का सेवन करती है, खान पान में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं करती है। तो गर्भवती महिला का यह लक्षण भी गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु के स्वस्थ होने की तरफ इशारा करता है।

खून की कमी

बहुत सी ऐसी महिलाएं होती है जो प्रेगनेंसी के दौरान खून की कमी की समस्या से परेशान हो सकती है। और गर्भवती महिला के शरीर में खून की कमी होने के कारण गर्भ में पल रहे शिशु के विकास में कमी सकती है। लेकिन यदि गर्भवती महिला को ऐसी कोई समस्या नहीं होती है तो प्रेगनेंसी के दौरान न केवल गर्भवती महिला को खून की कमी के कारण होने वाली परेशानियों से बचे रहने में मदद मिलती है। बल्कि इससे गर्भ में शिशु के बेहतर विकास में भी मदद मिलती है। और गर्भवती महिला महिला के शरीर में आयरन की मात्रा का पूरा होना भी गर्भवती महिला और गर्भ में शिशु के स्वस्थ होने की और इशारा करता है।

गर्भवती महिला का एक्टिव रहना

प्रेगनेंसी एक ऐसी स्थिति होती है जहां महिला को आराम की जरुरत होती है लेकिन इसका मतलब यह नहीं होता है की महिला पूरा दिन लेटी रहे और कोई काम न करें, क्योंकि ऐसा करने से भी महिला को स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानियों का सामना अधिक करना पड़ सकता है। लेकिन यदि कोई गर्भवती महिला प्रेगनेंसी के दौरान एक्टिव रहती है, आलस नहीं करती, थकान व् कमजोरी की समस्या से बची रहती है, तो यह भी गर्भवती महिला के स्वस्थ होने की और इशारा करता है। और गर्भवती महिला का एक्टिव रहना गर्भ में पल रहे शिशु को भी एक्टिव रहने में मदद करता है जिससे गर्भ में पल रहे शिशु का विकास बेहतर तरीके से होने में मदद मिलती है।

खुश रहना

गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिला का तनाव लेना गर्भवती महिला के साथ गर्भ में पल रहे शिशु के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डाल सकता है। और यदि गर्भवती महिला प्रेगनेंसी के दौरान खुश रहती है, अपने आप को बिज़ी रखती है, अपनी सेहत का अच्छे से ध्यान रखती है, मानसिक परेशानियों से अपने आप को बचाकर रखती है, तो यह प्रेग्नेंट महिला को स्वस्थ रहने में मदद करता है। और यदि गर्भवस्था के दौरान गर्भवती महिला स्वस्थ रहती है तो यह गर्भ में पल रहे शिशु को भी स्वस्थ रहने में मदद करता है।

वजन

प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला का वजन ग्यारह से सोलह किलोग्राम तक बढ़ सकता है। और यदि किसी गर्भवती महिला का वजन इससे कम या इससे ज्यादा बढ़ता है तो यह दोनों ही महिला और शिशु के लिए परेशानी खड़ी कर सकते हैं। ऐसे में यदि किसी गर्भवती महिला का वजन प्रेगनेंसी के दौरान ग्यारह से सोलह किलोग्राम के बीच बढ़ जाता है तो गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु के स्वस्थ होने की निशानी होती है। लेकिन यदि गर्भ में जुड़वा शिशु हैं तो यह वजन अठारह किलोग्राम तक बढ़ सकता है।

तो यह हैं कुछ लक्षण जो यदि आपको गर्भवती महिला में महसूस होते हैं तो यह लक्षण इस और इशारा करते हैं की गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहा शिशु दोनों स्वस्थ है। लेकिन ऐसा तभी होता है जब गर्भवती महिला प्रेगनेंसी के दौरान अपने आप को हर तरह की लापरवाही से सुरक्षित रखने में मदद करती है।