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गर्भवती महिला को बरसात के मौसम में क्या खाने से बचना चाहिए?

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मानसून में प्रेगनेंसी

गर्भवती महिला को पूरे नौ महीने तक अपने स्वास्थ्य का बेहतर तरीके से ध्यान रखने की सलाह दी जाती है ताकि गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों को स्वस्थ रहने में मदद मिल सकें। खासकर मौसम में होने बदलाव पर महिला को ज्यादा सतर्क रहने की जरुरत होती है और बरसात के मौसम में बीमारियां फैलने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। मानसून में नमी वाला मौसम होने के कारण कीटाणु अधिक सक्रिय हो जाते हैं ऐसे में इन्फेक्शन, फ्लू की समस्या होने खतरा भी बढ़ जाता है। जिससे गर्भवती महिला के साथ गर्भ में शिशु पर भी असर पड़ सकता है, ऐसे में मानसून में होने वाली समस्या से बचने के लिए गर्भवती महिला को अपने स्वास्थ्य का बेहतर तरीके से ध्यान रखना चाहिए।

प्रेग्नेंट महिला को बरसात के मौसम में क्या खाने से बचना चाहिए

मानसून के मौसम में खाने पीने की चीजों में बहुत ज्यादा सावधानी बरतने की जरुरत होती है क्योंकि खाने पीने की चीजों में सावधानी न बरतने के कारण गर्भवती महिला को इन्फेक्शन की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही इसके कारण गर्भ में पल रहे शिशु का स्वास्थ्य भी प्रभावित हो सकता है। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की गर्भवती महिला को मानसून के मौसम में क्या क्या खाने से बचना चाहिए।

फल

आम, तरबूज, खरबूजा आदि यह कुछ ऐसे फल हैं जिनमे पानी की अधिकता होती है और गर्मी में यह आसानी से मार्किट में मिल जाते हैं। लेकिन इनके अधिक सेवन से गर्भवती महिला को बचना चाहिए, ऐसे फल जल्दी खराब हो जाते है जिसके कारण इनमे विषैले तत्व इक्कठे होने के कारण इनका सेवन करने पर गर्भवती महिला को नुकसान पहुंचा सकते हैं। साथ ही इनके सेवन से फंगल, बैक्टेरियल इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है जो गर्भवती महिला के स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित कर सकते हैं।

हरी पत्तेदार सब्जियां

हरी पत्तेदार सब्जियों जैसे पालक, गोभी, आदि का सेवन गर्भवती महिला के लिए बहुत फायदेमंद होता है, लेकिन मानसून के मौसम में हरी पत्तेदार सब्जियों पर मिट्टी व् कीड़े आदि होने के कारण बैक्टेरियल इन्फेक्शन का खतरा रहता हैं। जो गर्भवती महिला के स्वास्थ्य के साथ गर्भ में पल रहे शिशु के स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकता है। ऐसे में महिला को हरी सब्जियों का सेवन करने से परहेज करना चाहिए या फिर अच्छे से धोने और चेक करने के बाद इनका खाने के लिए इस्तेमाल करना चाहिए।

ऑयली फ़ूड

बरसात के मौसम में पकोड़े, ज्यादा मसाले वाले आहार खाने की इच्छा हो सकती है, लेकिन गर्भवती महिला को ज्यादा तेलीय, ज्यादा नमक वाले आहार का सेवन करना से बचना चाहिए। क्योंकि इनका सेवन करने के बाद इन्हे हज़म करने में दिक्कत हो सकती है जिसके कारण गर्भवती महिला को परेशानी पेट सम्बन्धी समस्या जैसे एसिडिटी आदि का सामना करना पड़ सकता है।

स्ट्रीट फ़ूड

स्ट्रीट फ़ूड का सेवन किसी भी मौसम में गर्भवती महिला को नहीं करना चाहिए, लेकिन कई बार जीभ का स्वाद बदलने के लिए महिला इसका सेवन कर सकती है, लेकिन साफ़ सफाई वाली जगह से ही इन्हे खाने के लिए लेना चाहिए। इसके अलावा बरसात के मौसम में इनका सेवन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए क्योंकि इनके सेवन के कारण गर्भवती महिला को बैक्टेरियल इन्फेक्शन होने के खतरा हो सकता है।

पानी

गर्भवती महिला को फ़िल्टर का पानी की मानसून के मौसम में उपयोग में लाना चाहिए, क्योंकि पानी के माध्यम से भी इस मौसम में इन्फेक्शन होने का खतरा रहता है। साथ ही ज्यादा सुरक्षा के लिए आप चाहे तो फ़िल्टर के पानी को भी उबाल कर ठंडा करके उसका सेवन कर सकते हैं।

खट्टी चीजें

इमली, अचार, चटनी आदि का सेवन भी मानसून के मौसम में गर्भवती महिला को कम करना चाहिए, क्योंकि इसके कारण गर्भवती महिला को डीहाइड्रेशन की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। जिसके कारण गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों को दिक्कत हो सकती है।

कटे हुए फल

बहुत देर तक रखे हुए कटे पड़े फलों का सेवन भी गर्भवती महिला को नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसके कारण गर्भवती महिला को पेट से जुडी समस्या या इन्फेक्शन आदि की समस्या हो सकती है।

तो यह हैं कुछ चीजें जिनका सेवन करने से गर्भवती महिला को मानसून के मौसम में बचना चाहिए, ताकि गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों को स्वस्थ रहने में मदद मिल सके। इसके अलावा गर्भवती महिला को पूरी बाजू के कॉटन के कपडे पहनने चाहिए ताकि मच्छर आदि के काटने के कारण गर्भवती महिला को इन्फेक्शन की समस्या न हो साथ मानसून के मौसम में गर्भवती महिला को सिंथेटिक कपडे नहीं पहनने चाहिए क्योंकि इसके कारण स्किन पर खुजली आदि की समस्या का सामना गर्भवती महिला को करना पड़ सकता है।