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गर्भावस्था के दौरान केसर दूध गर्मियों के कैसे सेवन करे?

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सदियों से माना जाता है के गर्भावस्था के दौरान केसर वाला दूध पीने से होने वाले शिशु की त्वचा का रंग गोरा होता है। इसीलिए आज भी कई जगहों पर घर के बड़े केसर वाला दूध पीने की सलाह देते है। पर अभी ऐसी कोई रिसर्च में यह बात साबित नहीं होती है के केसर दूध के सेवन से बेबी का रंग गोरा होगा। विशेषज्ञों के अनुसार बेबी का प्राकृतिक रंग उसके माता और पिता के रंग पर ही आधारित होता है।

केसर दूध के लाभ

क्या आप जानते है के केसर दुनिया के सबसे महंगे मसालों में से एक है। हालाँकि यह बात तो साबित नहीं होती की केसर दूध से शिशु की स्किन का रंग निखरेगा पर केसर दूध को गर्भावस्था के दौरान पीने और कई अन्य फायदे जरूर होते है। तो आइये जानते है के केसर दूध के सेवन से क्या लाभ मिलता है।

ब्लड प्रेशर

चूहों पर आधारित एक रिसर्च से यह पता चलता है के केसर में ऐसे गुण होते है जो हमारे ब्लड प्रेशर को कण्ट्रोल करते है। गर्भावस्था के दौरान हमारा हृदय को दुगनी तेजी से काम करना होता है ताकि ऑक्सीजन की सप्लाई गर्भाशय और पुरे शरीर मे अच्छे से हो सके, जिस कारण ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। केसर दूध का नियमित सेवन हमारे शरीर का ब्लड प्रेशर कण्ट्रोल करता है और हाई ब्लड प्रेशर की स्थिति से बचाता है।

पाचन शक्ति

गर्भावस्था के दौरान बहुत सी महिलाओं को पाचन क्रिया से संबंधित परेशानियां हो जाती है जैसे की कब्ज, पेट और सीने में जलन आदि।ऐसा इसलिए होता है क्योंकि प्रेगनेंसी में हमारे शरीर में प्रोजेस्ट्रोन नामक हार्मोन्स बहुत तेजी से बढ़ते है और यह हार्मोन्स पाचन क्रिया को कमजोर कर देते है। साथ ही बढ़ते गर्भाशय के कारण भी पाचन शक्ति पर प्रेशर बढ़ जाता है जिससे पाचन क्रिया धीमी पड़ जाती है। एक रिसर्च के अनुसार केसर हमारे शरीर में ब्लड फ्लो को बढ़ाता हो पाचन क्रिया को अच्छा करता है।

इसीलिए गर्भावस्था के दौरान केसर दूध पीने से पेट से संबंधित परेशानियों से निजात मिलती है।

नींद

गर्भावस्था में ख़ुशी, तनाव और नए अनुभवों के कारण बहुत सी महिलाओं की नींद उड़ जाती है। सेहतमंद प्रेगनेंसी के लिए अच्छी नींद लेना भी बहुत जरुरी है। पर स्ट्रेस के कारण गर्भावस्था में नींद आना मुश्किल हो जाता है तो ऐसे में खाना खाने के बाद केसर दूध का सेवन जरूर करें। माना जाता है के कुछ महिलाओं को केसर दूध का सेवन करने से बहुत अच्छी नींद आती है।

तनाव

गर्भावस्था के दौरान कुछ महिलाओं का मुड़ बहुत जल्दी जल्दी बदलने लगता है जिसके कारण वह चिड़चिड़ी हो जाती है और बहुत तनाव भी महसूस करती है। केसर को एंटी डिप्रेस्सेंट के लिए भी जाना जाता है। केसर दूध का नियमित सेवन गर्भावस्था के दौरान बदलने वाले मुड़ को भी अच्छा करता है।

हार्ट

एक रिसर्च के अनुसार केसर एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है। इसके सेवन से कोलेस्ट्रॉल लेवल नियंत्रण में रहता है जिसके कारण हृदय संबंधित रोग कम होने का खतरा होता है। गर्भावस्था में हृदय को बहुत तेजी से काम करना होता है ऐसे कुछ समस्या आने का खतरा बना रहता है। केसर दूध का सेवन इस खतरे को भी कम करने में मदद करता है।

त्वचा

केसर दूध होने वाले शिशु की त्वचा को निखारेगा या नहीं इस बात का तो किसी को भी अच्छे से नहीं पता। पर हाँ गर्भवती महिला की स्किन की देखभाल जरूर अच्छे से होगी। प्रेगनेंसी में हुए हार्मोन्स बदलाव के कारण त्वचा पर दाग धब्बे और झाइयां आने लगती है। पर केसर दूध के नियमित सेवन से यह आपके काले दाग धब्बो को दूर करेगा।

कैसे करे गर्मियों में केसर दूध का सेवन?

केसर के इतने गुणों को जानने बाद जरुरी है के यह भी जाने के इसका सेवन कब और कितनी मात्रा में किया जाना चाहिए।

  • आपको यह ध्यान देना होगा के केसर बहुत ही गर्म होती है। इसीलिए दो या तीन दानो से अधिक केसर का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • क्योंकि केसर गर्म तासीर की है तो गर्भावस्था के शुरूआती तीन महीनो में इसका सेवन ना करें। गर्भावस्था के शुरूआती दिनों में गर्भपात का खतरा ज्यादा होता है इसीलिए इन दिनों सिर्फ ठंडी चीजों का ही सेवन करना बेहतर होता है। गर्भावस्था के चौथे महीने से आप इसका सेवन आराम से कर सकते है।
  • सर्दियों में सुबह और शाम दोनों समय खाना खाने के बाद केसर दूध का इस्तेमाल कर सकते है। दूध के एक ग्लास में दो या तीन दाने केसर के मिलाकर पी लें।
  • गर्मियों के दिनों में ध्यान दे सिर्फ रात के समय खाना खाने के बाद ही केसर दूध का सेवन करें। गर्मियों में सिर्फ एक समय ही केसर दूध का सेवन पर्याप्त है।
  • कभी भी केसर दूध को खाली पेट ना पीजिये। खाली पेट केसर दूध आपको नुक्सान पहुंचा सकता है।
  • गर्भावस्था के आखिरी दिनों में केसर दूध को सुबह शाम दोनों समय सेवन करें। इससे डिलीवरी में आसानी रहेगी। आप चाहें तो प्रेगनेंसी का नोवा महीना शुरू होते ही केसर की थोड़ी सी मात्रा बढ़ाकर 4 या 5 दाने भी कर सकते है।
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