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गर्भ में शिशु का वजन नहीं बढ़ने के क्या कारण होते हैं?

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हर प्रेग्नेंट महिला प्रेगनेंसी के दौरान अपने स्वास्थ्य का बेहतर तरीके से ध्यान रखने की कोशिश करती है। लेकिन कई बार प्रेगनेंसी के दौरान छोटी छोटी लापरवाही के कारण महिला को दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही इसका नकारात्मक असर शिशु पर भी देखने को मिल सकता है। जैसे की इसके कारण शिशु का शारीरिक विकास अच्छे से नहीं हो पाता है। जिसके कारण गर्भ में पल रहे शिशु का वजन नहीं बढ़ पाता है। और इसके कारण जन्म के समय शिशु के वजन में कमी, समय पूर्व प्रसव जैसी समस्या का भी खतरा रहता है। तो आइये आज हम इस आर्टिकल में जानते की आखिर क्यों गर्भ में भ्रूण का वजन नहीं बढ़ पाता है।

शिशु का वजन गर्भ में न बढ़ने के कारण

प्रेगनेंसी की शुरुआत में शिशु का वजन कम ही होता है। लेकिन दूसरी तिमाही से शिशु के अंगो की आकृतियां बनने के बाद शिशु के वजन में बढ़ोतरी होने लगती है। और तीसरी तिमाही में शिशु का वजन और भी तेजी से बढ़ता है। और शिशु के वजन में कमी के बारे में आपको डॉक्टर द्वारा बताया भी जाता है। ऐसे में शिशु का वजन क्यों नहीं बढ़ रहा है इसके कारण का पता करना बहुत जरुरी होता है। तो आइये अब जानते हैं की भ्रूण का वजन नहीं बढ़ने के क्या कारण होते हैं।

पोषक तत्वों की कमी

  • प्रेग्नेंट महिला को पोषक तत्वों से भरपूर आहार का सेवन करने की सलाह दी जाती है।
  • क्योंकि यह पोषक तत्व केवल गर्भवती महिला को स्वस्थ रखने में मदद ही नहीं करते हैं।
  • बल्कि शिशु के विकास के लिए जरुरी पोषक तत्व गर्भनाल के माध्यम से शिशु तक पहुंचाए जाते हैं।
  • लेकिन यदि प्रेग्नेंट महिला पोषक तत्वों से भरपूर आहार का सेवन नहीं करती है।
  • तो शरीर में पोषक तत्वों की कमी के कारण प्रेग्नेंट महिला की शारीरिक परेशानियां बढ़ सकती है।
  • साथ ही इससे शिशु के विकास पर भी बुरा असर पड़ सकता है जिसके कारण गर्भ में शिशु का वजन सही से नहीं बढ़ पाता है।

आयरन की कमी

  • प्रेग्नेंट महिला के शरीर में यदि खून की कमी होती है।
  • तो इसके कारण केवल गर्भवती महिला को ही दिक्कत नहीं होती है।
  • बल्कि इसके कारण शिशु के विकास पर भी असर पड़ सकता है।
  • और खून की कमी के कारण शिशु का शारीरिक विकास अच्छे से नहीं हो पाता है।
  • जिसके कारण शिशु को जन्म के समय वजन में कमी जैसी दिक्कत हो सकती है।

शिशु का वजन गर्भ में न बढ़ने का कारण है तनाव

  • प्रेग्नेंट महिला का तनाव लेना महिला की शारीरिक दिक्कतों को बढ़ाने के साथ शिशु के विकास को भी प्रभावित कर सकता है।
  • साथ ही इसके कारण महिला को या भूख में कमी या भूख अधिक लगने जैसी दिक्कत भी हो सकती है।
  • और यह दोनों ही शिशु के लिए सही नहीं होती है।
  • खासकर महिला की भूख में कमी होने के कारण भ्रूण को पोषक तत्व नहीं मिलते हैं जिसके कारण भ्रूण का वजन अच्छे से नहीं बढ़ पाता है।
  • और शिशु के वजन में कमी जैसी दिक्कत हो सकती है।

प्रेग्नेंट महिला को होने वाली परेशानियां

  • गर्भावस्था के दौरान बॉडी में होने वाले हार्मोनल बदलाव की वजह से महिला को बहुत सी शारीरिक दिक़्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
  • ऐसे में यदि महिला इन दिक़्कतों के होने पर अपने खान पान का अच्छे से ध्यान नहीं रखती है।
  • अपनी सेहत का अच्छे ध्यान नहीं रखती है।
  • तो इसका बुरा असर शिशु पर देखने को मिल सकता है जिसके कारण शिशु के वजन में कमी जैसी दिक्कत हो सकती है।

नींद की कमी

  • प्रेग्नेंट महिला को स्वस्थ रहने के लिए खान पान के साथ नींद भी भरपूर लेनी चाहिए।
  • क्योंकि नींद में कमी के कारण महिला को थकान, कमजोरी व् अन्य स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानियां हो सकती है।
  • जिसका शिशु पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है।
  • और शिशु को वजन में कमी जैसी दिक्कत हो सकती है।

शिशु का वजन गर्भ में न बढ़ने का कारण है पानी की कमी

  • यदि प्रेग्नेंट महिला पानी का भरपूर सेवन नहीं करती है तो इसके कारण प्रेग्नेंट महिला की स्वास्थ्य सम्बन्धी बढ़ सकती है।
  • साथ ही इसके कारण एमनियोटिक फ्लूड जिसमे गर्भाशय में शिशु होता है उसकी मात्रा में कमी आ सकती है।
  • जिसके कारण शिशु के शारीरिक विकास में कमी आ सकती है और शिशु का वजन अच्छे से नहीं बढ़ पाता है।

नशीले पदार्थ व् कैफीन का सेवन

  • गर्भावस्था के दौरान महिला को किसी भी तरह के नशीले पदार्थ जैसे की अल्कोहल, धूम्रपान आदि का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • क्योंकि इनका बुरा असर शिशु तक गर्भनाल के माध्यम से पहुँच जाता है।
  • जिसके कारण शिशु के शारीरिक विकास में कमी होने के साथ मानसिक रूप से शिशु के विकास में भी कमी आ सकती है।
  • और जहां कोई इन चीजों का सेवन कर रहा हो।
  • वहां भी गर्भवती महिला को नहीं जाना चाहिए।
  • इसके अलावा कैफीन की अधिक मात्रा जिन पदार्थों में मौजूद हो उनका सेवन भी अधिक मात्रा में नहीं करना चाहिए।
  • जैसे की चाय, कॉफ़ी का अधिक सेवन नहीं करना चाहिए।

गर्भ में शिशु का वजन बढ़ाने के लिए इन बातों का ध्यान रखें

  • प्रेग्नेंट महिला को पोषक तत्वों से भरपूर आहार का सेवन करना चाहिए।
  • तनाव नहीं लेना चाहिए हमेशा खुश रहना चाहिए।
  • प्रेगनेंसी के दौरान डॉक्टर द्वारा बताई गई सभी दवाइयों का समय से सेवन करना चाहिए।
  • शरीर में पानी की कमी नहीं होने देनी चाहिए।
  • नींद को भरपूर मात्रा में लेना चाहिए।
  • शिशु के बेहतर विकास के लिए अपनी सेहत का बहुत ज्यादा ध्यान रखना चाहिए और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं करनी चाहिए।

तो यह हैं कुछ कारण जिनकी वजह से भ्रूण का वजन नहीं बढ़ पाता है। और शिशु के बेहतर शारीरिक व् मानसिक विकास के लिए महिला को ऐसी लापरवाही प्रेगनेंसी के दौरान नहीं करनी चाहिए। और अपना दुगुना ध्यान रखना चाहिए। ताकि प्रेग्नेंट महिला को स्वस्थ रहने के साथ भ्रूण के बेहतर विकास में भी मदद मिल सके।