गर्भवती महिला को सोने से परेशानी क्यों होती है और इसके क्या उपाय है?

जिस समय में आपको सबसे ज्यादा सोने और आराम की जरुरत होती है उसी समय में आपको नींद नहीं आती है। और खास बात यह के इस समय में ही आप सबसे अच्छी नींद ले सकते है क्योंकि बेबी के होने के बाद जब तक आपका बेबी रूटीन में नहीं आता तब तक तो रात की नींद भूलनी ही पड़ती है।

गर्भावस्था में कब नींद की समस्या होती है?

गर्भावस्था के दौरान 75 प्रतिशत महिला को सोने से परेशानी होती है या ये कहना ज्यादा सही होता के गर्भावस्था में नींद नहीं आ पाती है। कम नींद आने और कम सोने की परेशानी गर्भावस्था के शुरूआती तीन महीनो में होती है। क्योंकि इस समय में शरीर में बहुत तेजी से हार्मोनल बदलाव होते है। वैसे यह स्थिति हर गर्भवती महिला के साथ नहीं होती है। क्योंकि हर महिला की हर गर्भावस्था अलग होती है इसीलिए कई बार कुछ महिलाओं को शुरूआती तीन महीनो में ज्यादा थकान, दर्द और घबराहट के कारण ज्यादा नींद आती है।

नींद ना आने की यह समस्या सिर्फ गर्भावस्था के शुरूआती तीन महीनो में ही नहीं होती बल्कि गर्भावस्था के अंतिम तीन महीनो में यह समस्या बहुत ज्यादा होती है। गर्भावस्था के अंतिम तीन महीनो में सोने में परेशानी आना लगभर हर तीसरी या दूसरी गर्भवती महिला को होती है।

गर्भावस्था में नींद ना आने के कारण

आइये जानते है के प्रेगनेंसी के दौरान कम सोने या नींद ना आने के क्या कारण होते है।

  • गर्भावस्था के दौरान शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलावों से बेचैनी इतनी बढ़ जाती है के रात में नींद आना मुश्किल हो जाता है।
  • प्रेगनेंसी के आखिरी तीन महीनो में गर्भाशय बढ़ने से किडनी पर भी प्रेशर बढ़ जाता है और बार बार पेशाब के लिए जाना पड़ता है, कई बार रात रात में भी उठ कर बाथरूम जाना होता है इसीलिए गर्भवती महिला ढंग से सो ही नहीं पाती है।
  • सीने में जलन प्रेगनेंसी की बहुत साधारण समस्या है इसके कारण बेचैनी से गर्भवती महिला सो नहीं पाती है।
  • गर्भवती महिलाओं को अक्सर लातो में क्रैम्प आने की भी समस्या हो जाती है जिसके कारण उन्हें दर्द रहता है और वह सो नहीं पाती है।
  • मेटाबोलिज्म बढ़ने के कारण गर्भवती महिला के शरीर को गर्मी महसूस होती है चाहे सर्दियों की दिन ही क्यों ना हो।
  • डिलीवरी के तनाव को लेकर भी नींद नहीं आती है।

नींद ना आने पर अपनाये यह उपाय

ऐसा नहीं है के गर्भावस्था आप बिलकुल भी आँख नहीं झपक पाते। नींद तो आती ही है पर बार बार तनाव या बेचैनी के कारण आँख खुल जाती है। जिसके कारण आपके शरीर को पूरा आराम नहीं मिल पाता है। निचे दिए कुछ उपाय अपनाये आपकी नींद ना आने की समस्या जरूर थोड़ी राहत मिलेगी।

 कैफीन

दोपहर और शाम के समय में गर्भवती महिला चॉकलेट, चाय, कॉफ़ी और कोल्डड्रिंक आदि है सेवन ना करे। कैफीन के प्रयोग से नींद दूर हो जाती है जिन्हे पहले से ही नींद की समस्या हो उन्हें कैफीन युक्त प्रदार्थ का सेवन नहीं करना चाहिए।

रात का भोजन

रात के समय का भोजन भर पेट करे और समय पर करे, इससे नींद आने में आसानी होगी। और रात का भोजन करते समय जल्दी ना करें अच्छा टाइम लेकर रात के भोजन को अच्छे से चबा कर काये। इससे खाना अच्छे से पचेगा और सीने में जलन नहीं होगी।

एक्सरसाइज और ध्यान

रात में चैन से सोने के लिए थोड़ी बहुत एक्सरसाइज और मैडिटेशन अपनी रूटीन में शामिल करे। योगा और ध्यान करने से आप तनाव से भी दूर रहेंगे और आपको सोने में भी आसानी रहेगी। पर ध्यान रखिये की गर्भावस्था में आपको हैवी एक्सरसाइज या योगा नहीं करनी है। बस अपनी रूटीन में हल्की फुलकी मॉर्निंग वाक और थोड़ी बहुत एक्सरसाइज कर सकती है।

सोने का समय

रोजाना अपनी रूटीन में सोने के समय को फिक्स करने की कोशिश करे। और सोने से पहले अपनी पसंद की किताब पढ़ना या फिर संगीत सुनना लाभदायक होगा। इससे आपका दिमाग स्ट्रेस फ्री रहेगा और नींद आराम से आ पायेगी।

टीवी और लैपटॉप

आजकल अक्सर लोग सोने से पहले टीवी,कंप्यूटर या लैपटॉप देखना पसंद करते है। पर इन चीजों की स्क्रीन की लाइट आपकी नींद लाने की बजाय भगा सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार सोने से कम से कम एक घंटे पहले टीवी जैसे उपकरणों का इस्तेमाल करना बंद कर देना चाहिए।

आरामदायक स्थिति

ऐसा कोई भी नियम नहीं है के गर्भावस्था के दौरान आपको बहुत से तकिये लेकर ही सोने है। बस अपनी पसंदीदा स्थिति और आपके शरीर आराम देने वाली स्थिति को देखिए और अपने तकिया और कम्बल को इस प्रकार ले जिससे आपको जल्द ही नींद आये।

फिजियोथेरेपी

कई बार कुछ गर्भवती महिलाओं के शरीर में दर्द बहुत बढ़ जाता है जिस कारण वह सो नहीं पाती है। इसके लिए अपने डॉक्टर से बात कर कुछ फिजियोथेरेपी और मसाज लें इससे आपको दर्द में भी आराम मिलेगा। और आप आसानी सो भी पाएंगे।

साधारणतः इन उपाय को करने से गर्भवती महिला को नींद की समस्या में आराम मिलता है पर अगर फिर भी आपको नींद नहीं आ रही है तो अपने डॉक्टर से तुरंत अपनी प्रॉब्लम के बारे में बात करें।