प्रेगनेंसी में इमली खाने के फायदे और नुकसान

पोषण की बात की जाये तो वो हमारी सेहत का एक अहम हिस्सा होता है। क्योंकि जब तक हम अपने शरीर को पोषण नहीं पहुंचाते हैं। तब तक हम फिट नहीं रहता हैं, और हमे सेहत से सम्बंधित कोई न कोई परेशानी होती रहती है। और प्रेगनेंसी के दौरान तो शरीर को पोषित करना और भी जरुरी होता है क्योंकि इस दौरान महिला के शरीर में एक नन्ही जान का विकास हो रहा होता है।

शरीर को पोषण पहुंचाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण होती है डाइट यानी आपके द्वारा लिया जाने वाला आहार, जो आपको स्वस्थ रखने में मदद करता है। यदि आप किसी ऐसी चीज का सेवन करते हैं जो पोषक तत्वों से भरपूर होती है तो वो आपके शरीर को पोषण पहुंचाती है तो उससे आपको स्वस्थ रहने में मदद मिलती है। लेकिन यदि आप किसी ऐसी चीज का सेवन करते हैं जिसमे न्यूट्रिशन नहीं होता है तो उसे खाने से आपको कोई फायदा नहीं होता है।

साथ ही सेहत सम्बन्धी परेशानी होने का खतरा भी बढ़ जाता है। साथ ही जो आप खा रही है उसकी मात्रा भी यदि सही न हो यानी की आप उसका सेवन जरुरत से ज्यादा करें तो इसके कारण भी आपको सेहत सम्बन्धी परेशानियों का सामना कर सकती है। तो आइये आज इस आर्टिकल में हम इमली के सेवन के बारे में बात करने जा रहे हैं।

प्रेगनेंसी में इमली का सेवन

इमली खाने में स्वादिष्ट होने के साथ पोषक तत्वों से भी भरपूर होती है। जो प्रेग्नेंट महिला को बहुत से सेहत सम्बन्धी फायदे पहुंचाने में मदद करती है। लेकिन ध्यान रखें की सिमित मात्रा में इमली का सेवन करना ही प्रेग्नेंट महिला के लिए फायदेमंद होता है। परन्तु यदि प्रेग्नेंट महिला जीभ के स्वाद के चक्कर में जरुरत से ज्यादा इमली का सेवन करती है तो इसके कारण प्रेग्नेंट महिला को सेहत सम्बन्धी परेशानी होने का खतरा भी होता है। तो आइये अब जानते हैं की प्रेगनेंसी में इमली का सेवन करने से कौन कौन से फायदे मिलते हैं और कौन से नुकसान होते हैं।

गर्भावस्था में इमली खाने के फायदे

प्रेग्नेंट महिला यदि सिमित मात्रा इमली का सेवन करती है तो ऐसा करने से महिला सेहत संबधी फायदे मिलते हैं। जैसे की:

एंटी इंफ्लेमेटरी गुण

इमली में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं जो गर्भवती महिला की मांसपेशियों को आराम पहुंचाने, सूजन की समस्या से बचाव करने, बॉडी पेन से राहत दिलाने में मदद करते हैं।

पेट सम्बन्धी परेशानी होती है दूर

गर्भावस्था के दौरान महिला को कब्ज़, पेट में गैस जैसी परेशानियां अधिक रहती है। ऐसे में इमली का सेवन महिला के लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है क्योंकि इमली का सेवन करने से प्रेग्नेंट महिला को पेट सम्बंधित परेशानियों से निजात पाने में मदद मिलती है और पेट भी साफ़ रहता है।

ब्लड प्रैशर रहता है कण्ट्रोल

इमली में पोटैशियम और माइल्ड सोडियम मौजूद होता है जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करता है। लेकिन ध्यान रखें की यह फायदा भी आपको तभी मिलता है जब आप सिमित मात्रा में इमली का सेवन करती है।

जेस्टेशनल डाइबिटीज़ का खतरा होता है कम

प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती महिला को जेस्टेशनल डाइबिटीज़ होने का खतरा अधिक होता है। लेकिन यदि महिला इमली का सेवन करती है तो इमली में मौजूद फ्लेवोनोइड्स और पॉलीफेनोल्स गर्भवती महिला को इस परेशानी से सुरक्षित रखने में मदद करते हैं।

आयरन

इमली में आयरन प्रचुर मात्रा में मौजूद होता है ऐसे में इमली का सेवन करने से गर्भवती महिला के शरीर में आयरन की कमी को पूरा होने में मदद मिलती है। साथ ही समय से पहले बच्चे के जन्म होने का खतरा कम होता है।

मॉर्निंग सिकनेस

अधिकतर गर्भवती महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान मॉर्निंग सिकनेस की समस्या से परेशान होती है। लेकिन इमली का सेवन करने से प्रेग्नेंट महिला को मॉर्निंग सिकनेस यानी जी मिचलाना उल्टी जैसी परेशानी से बचे रहने में मदद मिलती है।

एंटी ऑक्सीडेंट्स से भरपूर

इमली में एंटी ऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं। जो गर्भवती महिला को बिमारियों व् संक्रमण से सुरक्षित रखने में मदद करते हैं।

गर्भावस्था में इमली खाने के नुकसान

  • इमली का सेवन अधिक करने से डायरिया होने का खतरा अधिक होता है।
  • डीहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है।
  • जरुरत से ज्यादा इमली का सेवन करने से ब्लड शुगर लेवल बिगड़ने, ब्लड प्रैशर से जुडी समस्या होने का खतरा बढ़ जाता है।
  • इमली का सेवन करने के बाद महिला को तुरंत दवाई का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इसके कारण महिला को दिक्कत होती है।

तो यह हैं कुछ फायदे और नुकसान जो इमली का सेवन कर`ने से प्रेग्नेंट महिला को मिलते हैं। यदि आप भी प्रेग्नेंट हैं तो आप भी इन सभी बातों का ध्यान रखते हुए इमली का सेवन कर सकती है।

Advantages and disadvantages of eating tamarind in pregnancy