Ultimate magazine theme for WordPress.

ओवरी में एग साइज बढ़ाने के घरेलू उपाय

0

ओवरी क्या है?

शरीर के अंगो के बारे में यदि बात की जाये तो ज्यादातर लोग, दिल, फेफड़ो, लीवर, पेट आदि के बारे में जानते हैं। लेकिन और भी ऐसे बॉडी पार्ट्स होते हैं जो बहुत महत्वपुर्ण होते हैं, जैसे की ओवरी। ओवरी महिला की बॉडी का वो पार्ट होता है, जहां पर अंडो का निर्माण होता है, जिससे शिशु जन्म लेता है। ओवरी के अंदर बने अंडे से ही पुरुष के शुक्राणु मिलते हैं, जिसके कारण निषेचन की प्रक्रिया होती है, और महिला का गर्भ ठहर जाता है। ओवरी का साइज हमेशा बदलता रहता है, जैसे की जब ओवरी में अंडा बनता है तो इसका साइज बढ़ जाता है जबकि मेनोपॉज़ की अवस्था में यह सिकुड़ने लग जाती है।

ओवरी में अंडे का साइज

गर्भाशय में शिशु के ठहरने के लिए जरुरी होता है की अंडाशय में बने अंडे का साइज सही हो, क्योंकि यदि अंडे का साइज कम होता है या अंडे के टूटने का खतरा होता है तो ऐसे में महिला को गर्भधारण में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। अंडाशय में अंडा पीरियड्स के खत्म होने के बाद बनना शुरू हो जाता है, और पीरियड्स के पहले दिन से गिनती करते हुए जो चौदह से अठारहवें दिन का समय होता है वो ओवुलेशन पीरियड होता है। और ओवुलेशन पीरियड के आने तक अंडे का साइज पूरी तरह से बढ़ जाता है, लेकिन यदि किसी कारण अंडे का साइज नहीं बढ़ता है तो महिला को माँ बनने से जुडी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

ओवरी में एग साइज बढ़ाने के लिए अपनाएँ यह घरेलू उपाय

ओवरी में एग साइज बढ़ाने के लिए आप कुछ आसान घरेलू टिप्स का इस्तेमाल कर सकती है, जिससे महिला को प्रेगनेंसी के दौरान आने वाली परेशानियों से बचाव करने में मदद मिल सके। तो आइये अब विस्तार से जानते हैं की ओवरी में एग साइज बढ़ाने के लिए महिला को क्या क्या करना चाहिए।

संतुलित आहार

शरीर से जुडी किसी भी परेशानी का समाधान करने के लिए सबसे जरुरी होता है की महिला स्वस्थ रहे। और स्वस्थ रहने के लिए संतुलित व् पोषक तत्वों से भरपूर आहार का सेवन करना बहुत जरुरी होता है। जितना महिला स्वस्थ रहती है उतना ही उसके शरीर के अंगो को बेहतर तरीके से काम करने में मदद मिलती है। और ओवरीज़ में अंडो के बेहतर विकास के लिए भी महिला का फिट रहना जरुरी होता है, ऐसे में महिला को पोषक तत्वों से भरपूर आहार का सेवन भरपूर करना चाहिए, साथ ही नियमित रूप से अपने डाइट प्लान भी तैयार करना चाहिए।

स्ट्रेस

स्ट्रेस का बुरा असर ओवरी पर भी पड़ता है, क्योंकि यदि ओवुलेशन के समय पर आप बहुत ज्यादा स्ट्रेस लेते हैं तो इससे अंडो के विकास में कमी आने के साथ अंडे बनने की प्रक्रिया में भी समस्या उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में यदि आप गर्भवती होना चाहती है तो इसके लिए स्ट्रेस है दूरी बनाकर रखनी चाहिए।

प्रजनन क्षमता बढ़ाने वाले आहार

प्रजनन क्षमता में कमी भी अंडो के विकास न होने का कारण हो सकती है, ऐसे में महिला को अपनी डाइट में उन आहार को शामिल करना चाहिए जिससे प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में मदद मिलती है। इसके लिए महिला को लहसुन, अंडा, अनार, अखरोट, अश्वगंधा, एवोकाडो, दालचीनी आदि का भरपूर सेवन करना चाहिए। इनके सेवन से बॉडी में हार्मोनल बैलेंस को भी बनाएं रखने में मदद मिलती है।

हरी पत्तेदार सब्जियां

हरी पत्तेदार सब्जियों में फोलिक एसिड व् आयरन भरपूर मात्रा में पाया जाता है, साथ ही इसमें विटामिन ए व् अन्य मिनरल्स भी भरपूर मात्रा में होते हैं। जो ओवरीज़ को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करते हैं, जिससे महिलाओं के अंडाशय में बन रहे अंडो की क्वालिटी और साइज को बेहतर बनाने में मदद मिलती है। ऐसे में महिला को दिन में दो समस्या के आहार में हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन जरूर करना चाहिए।

पानी

केवल खाने से ही नहीं बल्कि शरीर में पानी की भरपूर मात्रा होने से भी अंडाशय में एग की क्वालिटी को बेहतर करने में मदद मिलती है। इसीलिए महिला को दिन भर में आठ से दस गिलास पानी का सेवन जरूर करना चाहिए, साथ ही प्लास्टिक की बोतल में पानी पीने से बचना चाहिए क्योंकि इसके कारण अंडो पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

योगासन व् व्यायाम

योगासन व् व्यायाम न केवल शारीरिक रूप से बल्कि मानसिक रूप से भी महिला को फिट रखने का काम करती है। इससे तनाव से राहत मिलने के साथ बॉडी में ब्लड फ्लो को भी बेहतर तरीके से होने में मदद मिलती है। जिससे गर्भाशय, ओवरीज़ में ब्लड फ्लो बेहतर तरीके से होता है और अंडो के बेहतर विकास में भी मदद मिलने में मदद मिलती है।

वजन को रखे नियंत्रित

वजन का अधिक होना भी अंडो की प्रोडक्शन पर बुरा असर डाल सकता है, ऐसे में महिला को चाहिए की वजन को नियंत्रित रखे। क्योंकि यदि महिला का वजन बहुत अधिक बढ़ जाता है, तो इससे पीरियड्स अनियमित होने जैसी परेशानी का सामना भी करना पड़ सकता है, जो एग की क्वालिटी में कमी का एक कारण होता है।

नशे से दूरी

अंडो की गुणवत्ता में कमी के साथ अंडे न बनने की समस्या का एक कारण महिला द्वारा नशे का सेवन करना भी हो सकता है। ऐसे में महिला को चाहिए की उसे नशे से दूरी बनाकर रखनी चाहिए, और वो काम करना चाहिए जिससे बॉडी को स्वस्थ रहने में मदद मिल सके।

डॉक्टर से राय

यदि महिला का गर्भ बहुत कोशिशों के बाद भी नहीं ठहरता है, या बार बार गर्भपात की परेशानी होती है, तो इसके लिए एक बार डॉक्टर से राय लेनी चाहिए। क्योंकि यदि इसका कारण ओवरीज़ में अंडे का साइज सही न होना होता है, तो इसके लिए मेडिकल में दिए गए उपाय का आप इस्तेमाल कर सकते हैं, ताकि ओवरीज़ में अंडो के विकास से जुडी परेशानी का समाधान पाने में आपको मदद मिल सके।

तो यह हैं कुछ खास टिप्स जिनका इस्तेमाल करने से ओवरीज़ में एग साइज को बढ़ाने में मदद मिलती है। तो यदि आपको भी गर्भधारण करने में परेशानी आ रही है और इसका कारण अंडे के साइज से जुड़ा हुआ है तो आपको भी इन बताओं का खास ध्यान रखना चाहिए।