Lifestyle, Pregnancy, Health, Fitness, Gharelu Upay, Ayurveda, Beauty Tips Online News Magazine in Hindi

प्रेग्नेंट होना चाहती हैं? तो ये योगा और एक्सरसाइज करें

0

शादी करने से यदि महिला का अस्तित्व पूरा होता है, तो महिला सम्पूर्ण तब होती है जब वो शिशु को जन्म देती है, आपने देखा होगा की शादी के बाद सभी आपसे मज़ाक करने लगते है की खुशखबरी कब दे रही हो, और ऐसे में यदि एक या दो साल तक बच्चा न हो तो तरह तरह की धारणाएं भी बना लेते है, बेशक आप अभी बच्चे का निर्णय नहीं लेना चाहते है, इसके अलावा कई दम्पति ऐसे भी होते है जो अपने परिवार को आगे बढ़ाना चाहते है लेकिन ऐसा नहीं हो पाता है, और ऐसा भी जरूरी नहीं है की केवल महिला को ही कोई समस्या हो बल्कि कई बार पुरुषो में होने वाली कमी के कारण भी आपको ये समस्या हो सकती है।

इन्हें भी पढ़ें:- सूनी गोद में गूंजेगी किलकारियां! ये है तरीके

इसके अलावा कई बार महिलाओ की ओवरीज़ में अंडा बनता है, है, तो कई बार वो निषेचित नहीं हो पाता है, जिसके कारण महिला का गर्भ नहीं ठहर पाता है, क्या आप भी इस समस्या से परेशान है, और इसके लिए डॉक्टर्स के चक्कर काट रहीं है, क्योंकि अंडे का निषेचन सही से होना ही नहीं, फैलोपियन ट्यूब में खराबी, गर्भाशय से जुडी समस्या , स्पर्म काउंट से सम्बंधित परेशानी होने के कारण भी कई बार महिला का गर्भ नहीं ठहर पाता है, तो आइये आज हम आपको प्रेग्नेंट होने के लिए कुछ योगासन और आयुर्वेदिक उपाय बताने जा रहे है, जिन्हे यदि आप नियमित करती है तो आपकी इस समस्या का हल होने में मदद मिल सकती है।

प्रेगनेंट होने के लिए करें यह योगासन:-

कपालभाति:-

यह प्राणायाम काफी आसान होने के साथ आपके लिए काफी फायदेमंद भी हैं इसे करने से आपके शरीर की बंद या सुचारु रूप से काम न करने वाली कोशिकाओं को मदद करता है, और नियमित सुबह महिला और पुरुष दोनों को ही कम से कम पंद्रह मिनट के लिए इसे जरूर करना चाहिए, तो आइये जानते है कपालभाति करने की विधि।

कैसे करें:-

  • इसे करने के लिए आप मुद्रा में बैठे अपनी आँखों को बांध करके अपने शरीर को ढीला छोड़ दें।
  • उसके बाद अपनी दोनों नॉस्ट्रिल से सांस लें, जिससे की आपका पेट फूल जाएँ, और उसके बाद अपने पेट की मांसपेशियों को बल से सिकोड़ते हुए सांस को छोड़ दें।
  • और बार बार ऐसा करें, उसके बाद आपको पेट सांस लेने के लिए ज्यादा जोर भी नहीं लगाना पड़ेगा।
  • इस क्रिया से आपके पेट से अआप्का पेट फूलता और सिकुड़ता है जिससे आपके शरीर के साथ पेट की कोशिकाओं को भी सुचारु रूप से काम करने में मदद मिलती है।

शीर्षासन:-

शीर्षासन

सिर के बल किए जाने वाले योगा को शीर्षासन कहा जाता है, यह काफी मुश्किल होता है इसीलिए हर कोई इसे आसानी से नहीं कर पाता है, लेकिन इससे आपके स्वास्थ्य को सही करने के साथ आपकी ख़ूबसूरती को भी बढ़ाने में मदद मिलती है, साथ ही यह निसंतान दम्पतियों के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है, आइये जानते है की इसे कैसे करना चाहिए।

कैसे करें:-

  • इसे करने के लिए सबसे पहले एक साफ़, समतल जगह का चयन करें।
  • उसके बाद आप उस जगह पर कोई दरी या कंबल बिछा लें।
  • उसके बाद वज्रासन में बैठे, और इस बात का ध्यान रखें की जब आप आगे की और झुकें तो आपके पास जगह हो।
  • उसके बाद आगे की और झुकते हुए अपनी कोहनियो को आगे की और टिका लें, और अपनी उँगलियों को जोड़ लें।
  • अब अपनी सिर को अपनी हथेलियों के मध्य रखें, और अपनी सांस को सामान्य रखें।
  • उसके बाद अपने सिर को जमीं पर टिकाएं, और धीरे धीरे अपना अपने शरीर को उठाते हुए अपना सारा भार अपने शरीर पर दें, इस अवस्था को ही शीर्षासन कहा जाता है।

इन्हें भी पढ़ें:- IVF क्या होता है? क्या ये माँ बनने का सही तरीक़ा है? 

बाह्य प्राणायाम:-

इस प्राणायाम में आपको अपनी सांस बाहर की तरफ छोड़नी होती है, इसीलिए इसे बाह्य प्राणायाम कहा जाता है, इसे करने से भी आपको प्रेगनेंसी में आने वाली परेशानियों को दूर करने में मदद मिलती है, तो आइये जानते है की आप इसे किस प्रकार कर सकते हैं।

कैसे करें:-

  • इसे करने के लिए आप साफ़ और समतल जगह पर चटाई आदि बिछाकर पद्मासन, सुखासन की अवस्था में बैठ जाएँ।
  • उसके बाद अपने मध्यपट को नीचे की और झुकाएं, और साँस फूलाने की कोशिश करें।
  • उसके बाद तेजी से सांस छोड़े, और अपने पेट पर जोर दें।
  • उसके बाद धीरे-धीरे अपनी छाती को ठोड़ी लगाने की कोशिश करे, साथ ही अपने पेट को हल्के हाथो से दबाकर साँस बाहर निकलने की कोशिश करते रहे, और थोड़ी देर तक इसी अवस्था में रुकें।
  • आखिर में अपने मध्यपट को धीरे धीरे छोड़ें, और हल्का महसूस होने दें।

सर्वांगासन:-

सर्वांगासन

सर्वांगासन करने से भी आपको माँ बनने में आने वाली परेशानियों को दूर करने में मदद मिलती है, साथ ही यह आपके पूरे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है, इसीलिए इसे सर्वांगसन कहा जाता है, आइये जानते है की इसे कैसे किया जाता है।

कैसे करें:-

  • इसे करने के लिए एक समतल साफ़ जगह का चुनाव करें, और दरी बिचारकर पीठ के बल लेट जाएँ।
  • अपने दोनों पैरों को एक दूसरे के आस पास रखें, और अपने हाथों को सीधा धरती पर रखें।
  • उसके बाद अपने मुँह को आकाश की और रखें।
  • उसके बाद अपनी आँखों को बंद करें और अपने शरीर को ढीला छोड़ दें।
  • फिर गहरी सांस लें, और अपने पैरों को ऊपर की और उठाएं, याद रखें की आपके पैर मुड़े नहीं।
  • पैरों के साथ अपनी कमर को भी ऊपर उठाने की कोशिश करें।
  • अपनी कमर को उठाएं के लिए अपने हाथों का सहारा लें, और साथ ही अपनी कोहनियों को धरती पर टिकाएं रखें।
  • पैर और कमर को उतना ऊपर उठाएं, की गर्दन के साथ बाकी शरीर का समकोण तैयार हो जाएँ।
  • उसके बाद अपनी क्षमता अनुसार आप ऐसे रहें और फिर धीरे धीरे वापिस आएं।

प्रेगनेंट होने के लिए व्यायाम:-

यदि आपको प्रेगनेंसी नहीं हो रही है तो आपको व्यायाम को अपनी दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाना चाहिए, ऐसा करने से आपको अपने शरीर को फिट रखने में मदद मिलती है, जिससे आपके शरीर में होने वाली बीमारियों को दूर होने में मदद मिलती है, इसके लिए आपको कम से कम आधे घंटे तक वाक करनी चाहिए, साथ ही अन्य व्यायाम भी करने चाहिए, नियमित व्यायाम करने से आपको जरूर फायदे मिलेगा।

प्रेगनेंट होने के लिए आयुर्वेदिक उपाय:-

पुरुषो के लिए आयुर्वेदिक उपाय:-

सौ ग्राम अश्वगंधा, शतावर, कौंच, और सफ़ेद मूसली लेकर, उन्हें अच्छे से पीस कर एक बारीक पाउडर बना लें, उसके बाद नियमित सुबह शाम इस पाउडर को एक चम्मच दूध के साथ लें, उन्हें फायदा होगा।

महिलाओं के लिए आयुर्वेदिक उपाय:-

यदि महिलाओ को मासिक धरम से जुडी परेशानी है तो दशमूलारिश का नियमित सेवन करें, उनकी इस परेशानी को दूर होने में मदद मिलती है, इसके अलावा एक चम्मच फलघृत को सुबह और एक चम्मच शाम को दूध के साथ लें उन्हें फायदा मिलेगा।

तो ये कुछ आयुर्वेदिक उपाय है, और कुछ योगासन है जिनके इस्तेमाल से आपको प्रेगनेंट होने में मदद मिल सकती है, साथ ही आपको अपने खान पान, डॉक्टर से जांच आदि भी करवाते रहना चाहिए ताकि यदि कोई कोई और परेशानी हो तो उसके बारे में भी आपको पता चल सकें, और समय रहते उस परेशानी का समाधान हो, साथ ही आपको माँ बाप बनने की ख़ुशी भी मिल सकें।

इन्हें भी पढ़ें:- महिलाओ में इनफर्टिलिटी ( बांझपन ) के मुख्य कारण

Leave a comment